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सरकार ने मांगों को पूरा नहीं किया तो दोबारा शुरू होगा किसान आंदोलन
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पलवल। कृषि कानूनों और अन्य मांगों पर सरकार के साथ बनी सहमति पर कार्य न करने को लेकर किसान संघर्ष समिति की बैठक हुई। जाट धर्मशाला में आयोजित बैठक में पुन: आंदोलन करने पर विचार किया गया। बैठक में कहा गया कि सरकार के साथ हुए समझौते में मांगों का निवारण करे के लिए जो समय मांगा गया था, वह पूरा हो गया, परंतु अभी तक मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की है। सरकार अपने वादों को पूरा नहीं कर पाई है। शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा की सिंधू बॉर्डर पर बैठक होगी, जिसके बाद आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। किसान संघर्ष समिति का नाम संयुक्त किसान मोर्चा पलवल करने का प्रस्ताव भी पास किया गया।
बैठक की अध्यक्षता भारतीय किसान यूनियन टिकट के राष्ट्रीय सचिव रतन सिंह सौरोत ने की। बैठक में किसानों व उनके परिजनों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि सरकार ने किसानों के साथ किया गया अपना वादा नहीं निभाया है। इतने दिन बाद भी एमएसपी पर सरकार की ओर से कमेटी बनाने पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा, जबकि संयुक्त किसान मोर्चा ने अपनी पांच सदस्य कमेटी के नाम सरकार को सौंप दिए हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक किसानों के ऊपर दर्ज मुकदमें भी पूर्ण रूप से वापस नहीं लिए गए हैं।
ब्लॉक समिति के सदस्य राजकुमार ओलिहान घुघेरा ने कहा कि यदि शीघ्र ही सरकार ने अपना वादा नहीं निभाया तो संयुक्त किसान मोर्चा पलवल उत्तर प्रदेश में आने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा के खिलाफ लोगों को लामबंद किया जाएगा। बैठक में किसान नेता धर्मचंद घुघेरा,,नरेंद्र सहरावत, रूपराम तेवतिया, ताराचंद, उदय सिंह, नंद राम शर्मा, ऋषि पाल, सोहनपाल चौहान, सतीश भुर्जा, बिजेंद्र सिंह, राजेद्र सिंह बैंसला, मूलचंद मुख्य रूप से मौजूद थे।
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किसान योद्धाओं को किया जाएगा सम्मानित
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आने वाली 30 जनवरी को जाट धर्मशाला पलवल में उन किसान योद्धाओं को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने किसान आंदोलन में लगातार सक्रिय भूमिका निभाई तथा कुर्बानियां दी। उन्होंने कहा कि रविवार को सिंधू बॉर्डर पर आयोजित संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में जो निर्णय लिया जाएगा, उसके अनुसार अगला कदम उठाया जाएगा। यदि सरकार अपनी हठधर्मिता पर रही और संयुक्त किसान मोर्चा ने दोबारा आंदोलन करने का निर्णय लिया तो देश का किसान पुन सड़कों उतरकर सरकार की आंखें खोलने का काम करेगा।
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बैठक की अध्यक्षता भारतीय किसान यूनियन टिकट के राष्ट्रीय सचिव रतन सिंह सौरोत ने की। बैठक में किसानों व उनके परिजनों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए किसान नेता मास्टर महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि सरकार ने किसानों के साथ किया गया अपना वादा नहीं निभाया है। इतने दिन बाद भी एमएसपी पर सरकार की ओर से कमेटी बनाने पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा, जबकि संयुक्त किसान मोर्चा ने अपनी पांच सदस्य कमेटी के नाम सरकार को सौंप दिए हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक किसानों के ऊपर दर्ज मुकदमें भी पूर्ण रूप से वापस नहीं लिए गए हैं।
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ब्लॉक समिति के सदस्य राजकुमार ओलिहान घुघेरा ने कहा कि यदि शीघ्र ही सरकार ने अपना वादा नहीं निभाया तो संयुक्त किसान मोर्चा पलवल उत्तर प्रदेश में आने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा के खिलाफ लोगों को लामबंद किया जाएगा। बैठक में किसान नेता धर्मचंद घुघेरा,,नरेंद्र सहरावत, रूपराम तेवतिया, ताराचंद, उदय सिंह, नंद राम शर्मा, ऋषि पाल, सोहनपाल चौहान, सतीश भुर्जा, बिजेंद्र सिंह, राजेद्र सिंह बैंसला, मूलचंद मुख्य रूप से मौजूद थे।
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किसान योद्धाओं को किया जाएगा सम्मानित
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि आने वाली 30 जनवरी को जाट धर्मशाला पलवल में उन किसान योद्धाओं को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने किसान आंदोलन में लगातार सक्रिय भूमिका निभाई तथा कुर्बानियां दी। उन्होंने कहा कि रविवार को सिंधू बॉर्डर पर आयोजित संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में जो निर्णय लिया जाएगा, उसके अनुसार अगला कदम उठाया जाएगा। यदि सरकार अपनी हठधर्मिता पर रही और संयुक्त किसान मोर्चा ने दोबारा आंदोलन करने का निर्णय लिया तो देश का किसान पुन सड़कों उतरकर सरकार की आंखें खोलने का काम करेगा।