फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Palwal News ›   Huriyars' celebration in Banchari: Pichkari of colors was used in abundance along with the Phuldol fair

बंचारी में हुरियारों की धूम : फूलडोल मेले के साथ जमकर चली रंगों की पिचकारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 15 Mar 2025 10:56 PM IST
विज्ञापन
Huriyars' celebration in Banchari: Pichkari of colors was used in abundance along with the Phuldol fair
ढोल-नगाड़ों की धुन पर झूमे हुरियारे गांव सौंदहद व बंचारी में हर्षोल्लास से मना त्योहार
विज्ञापन


संवाद न्यूज़ एजेंसी
होडल। उपमंडल के गांवों व शहरी क्षेत्र में धुलैंडी का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। वहीं, ब्रज के गांव सौंदहद व बंचारी में ऐतिहासिक फूलडोल मेले को ब्रजवासियों ने धूमधाम से मनाया। मेले को देखने के लिए ब्रज क्षेत्र के अलावा दूर-दराज के गांवों से हजारों की संख्या में दर्शक गांव बंचारी व सौंदहद पहुंचे। गांवों की पंचायत ने वहां पहुंचने पर बंचारी के सरपंच सीताराम व सौंदहद के सरपंच तुहीराम का सैकड़ों ग्रामीणों द्वारा रंग-गुलाल लगाकर स्वागत किया गया। वहीं, मेले में अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस दल तैनात रहा।

शनिवार की सुबह से ही गांवों में मनाए जाने वाले फूलडोल मेले में हुरियारों ने पीतल, स्टील और लोहे की बड़ी-बड़ी पिचकारियों से चौपालों पर खड़े होकर गांव पहुंचने वाले दर्शकों को होली के रंग में सराबोर कर दिया। गांव सौंदहद में पक्की चौपाल से फूलडोल मेले की शुरुआत की गई, जबकि गांव बंचारी में ऐतिहासिक भगवान कृष्ण के बड़े भाई दाऊजी महाराज मंदिर के प्रांगण से मेले का शुभारंभ हुआ।
विज्ञापन


यहां हुरियारों ने कौन गांव के कुमार कन्हैया, कौन गांव की गोरी रे रसिया, नंदगांव के कुमार कन्हैया और बरसाने की गोरी रे रसिया जैसे विभिन्न रसिया प्रस्तुत किए और ढोल-नगाड़ों की धुन पर जमकर नृत्य किया। मेले में निकलने वाले हुरियारे सभी दर्शकों को बड़ी-बड़ी पिचकारियों से रंगों में सराबोर करते चले गए। परंपरा के अनुसार, फूलडोल मेले में दो पार्टियां बनाई जाती हैं, जो एक-दूसरे पर पीतल व तांबे आदि की बनी पिचकारियों से जमकर रंग बरसाती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


घर पहुंचे मेहमानों का किया आदर-सत्कार

हर वर्ष आयोजित होने वाले इस मेले में गांव के प्रत्येक घर में आए हुए मेहमानों के लिए खान-पान की विशेष व्यवस्था की जाती है। घर पहुंचे मेहमानों का विभिन्न प्रकार के व्यंजन, मिठाई आदि खिलाकर आदर-सत्कार किया जाता है। बाहर से आने वाले मेहमानों और दर्शकों के लिए गांव की सभी चौपालों पर भी खान-पान की पूरी व्यवस्था रहती है। महिलाएं रंग-बिरंगे कपड़े व सोने-चांदी के आभूषण पहनकर सजती हैं और होली के मेले में फाग, रसिया आदि गाकर जमकर नृत्य करती हैं।


बंचारी गांव में लगने वाले फूलडोल मेले में विदेशों में अपनी कला का डंका बजाने वाली भजन गायन पार्टी के कलाकारों ने होली के फाग प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ग्रामीणों ने मेले में पहुंचे देश-विदेश के मेहमानों का रंग-गुलाल से स्वागत किया और विभिन्न व्यंजनों के साथ उनका सत्कार किया। सुबह से ही ग्रामीण महिला व पुरुष चौपालों पर एकत्रित होना शुरू हो गए। प्रत्येक चौपाल पर ड्रमों में रंग व गुलाल रखा गया, जहां से हुरियारों ने पिचकारियों में रंग भरकर एक-दूसरे पर बरसाया। मेले के दौरान यहां दो पार्टियां बनाई जाती हैं, जो एक-दूसरे पर पीतल व तांबे आदि की बनी पिचकारियों से जमकर रंग बरसाती हैं। इस दौरान महिलाओं के साथ युवा और पुरुषों ने भी होली के फाग और रसियाओं की धुन पर जमकर नृत्य किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed