{"_id":"5e1f71728ebc3e4b2c33dcad","slug":"hunger-strike-of-farmers-palwal-news-noi485965638","type":"story","status":"publish","title_hn":"चीनी मिल में किसानों की भूख हड़ताल दूसरे दिन जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चीनी मिल में किसानों की भूख हड़ताल दूसरे दिन जारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पलवल। पिछले एक माह से गन्ना खरीद को लेकर संघर्ष कर रहे किसानों की भूख हड़ताल के दूसरे दिन बुधवार को भी जारी रही। बुधवार को चार किसानों ने भूख हड़ताल की। उन किसानों का संघर्ष समिति द्वारा माला पहनाकर स्वागत किया गया। एक माह से चल रही इस हड़ताल व धरने की अध्यक्षता चौहान पाल के पंच जयनारायण कर रहे हैं। दूसरे दिन भूख हड़ताल करने वाले किसानों में हरकेश, युधिष्ठिर, लक्ष्मण, भरतलाल व सुदाम सिंह शामिल थे।
इस अवसर पर किसान नेताओं ने कहा कि सरकार में किसानों के साथ नाइंसाफी की जा रही है। 12 दिसंबर को मिल के पिराई सत्र का शुभारंभ किया गया था, परंतु आज तक मिल सुचारु रूप से नहीं चल पाई है। पिछले एक जनवरी से मिल को चलाया गया है। अभी तक केवल एक लाख 60 हजार क्विंटल गन्ने की ही पिराई हुई है। पिराई क्षमता काफी कम है। रोजाना केवल 10 हजार क्विंटल गन्ना ही पिराई किया जा रहा है। पिछले एक माह से किसान गन्ना बेचने के लिए संघर्ष कर रहा है, उसके बावजूद कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।
उल्लेखनीय है कि किसानों ने छह जनवरी कोे पलवल आए सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल का घेराव कर अपनी मांगे रखी थी, परंतु उनके द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। सोमवार को किसानों ने लघु सचिवालय पर प्रदर्शन कर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा था, परंतु उन्होंने भी कोई संतोषजनक जबाब नहीं दिया। किसान नेता जवाहर डागर ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा और भूख हड़ताल जारी रहेगी। हर रोज चार किसान भूख हड़ताल करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस अवसर पर किसान नेताओं ने कहा कि सरकार में किसानों के साथ नाइंसाफी की जा रही है। 12 दिसंबर को मिल के पिराई सत्र का शुभारंभ किया गया था, परंतु आज तक मिल सुचारु रूप से नहीं चल पाई है। पिछले एक जनवरी से मिल को चलाया गया है। अभी तक केवल एक लाख 60 हजार क्विंटल गन्ने की ही पिराई हुई है। पिराई क्षमता काफी कम है। रोजाना केवल 10 हजार क्विंटल गन्ना ही पिराई किया जा रहा है। पिछले एक माह से किसान गन्ना बेचने के लिए संघर्ष कर रहा है, उसके बावजूद कहीं सुनवाई नहीं हो रही है।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि किसानों ने छह जनवरी कोे पलवल आए सहकारिता मंत्री डॉ. बनवारी लाल का घेराव कर अपनी मांगे रखी थी, परंतु उनके द्वारा दिए गए आश्वासन के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। सोमवार को किसानों ने लघु सचिवालय पर प्रदर्शन कर उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा था, परंतु उन्होंने भी कोई संतोषजनक जबाब नहीं दिया। किसान नेता जवाहर डागर ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा और भूख हड़ताल जारी रहेगी। हर रोज चार किसान भूख हड़ताल करेंगे।
विज्ञापन