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Palwal News: हे भाई कम से कम पंखा तो चलवा दो, या टेबल फेन मंगवा दो
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फोटो 9,10,11,12,13 में है।
कैप्शन: 9- जिला नागरिक अस्पताल में जच्चा व बच्चा की हाथ से हवा करती महिला: संवाद
कैप्शन: 10- कबाड़ में पड़ा खराब कूलर: संवाद
कैप्शन: 11- बिस्तर के ऊपर एसी तो लगा है, लेकिन फिर भी हाथ के पंखे से करनी पड़ रही हवा: संवाद
कैप्शन: 12- सुनीता
कैप्शन: 13- अंजलि
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हे भाई कम से कम पंखा तो चलवा दो, या टेबल फेन मंगवा दो
-जिला नागरिक अस्पताल में गर्मी से बेहाल मरीजों का बुरा हाल
-एसी व कूलर तो दूर पंखा तक नहीं चल रहे जच्चा-बच्चा वार्ड में
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल। हे भाई और सुविधाओं को छोड़ो कम से कम एक टेबल फैन ही लगवा दो, ताकि इस भीषण गर्मी में अस्पताल में इलाज के दौरान और बीमारी न हो। आंटी यह हमारे हाथ में नहीं है। एसी व कूलर खराब होने की शिकायत हमने अधिकारियों और डॉक्टरों को कर दी है। ज्यादा गर्मी खा रही है तो घर से पंखा मंगवा लो और लगा लो। और भी मरीज है जो घर से पंखा मंगवाकर गर्मी से बच रहे हैं। यह वाद-विवाद जिला नागरिक अस्पताल में उस समय देखने को मिला जब जच्चा-बच्चा वार्ड में एक महिला जच्चा व बच्चा की हाथ के पंखे से हवा कर रही थी। हालांकि कमरे में एसी तो लगा हुआ था, लेकिन वह चलने के बजाय शोपीस बना दीवार पर टंगा हुआ है। इस भीषण गर्मी में ऐसी हालत में मरीजों व परिजनों का बुरा हाल है। सबसे अधिक समस्या उन नवजात बच्चों को हो रही है, जिन्होंने हाल ही में जन्म लिया है।
जिला नागरिक अस्पताल में इस समय मरीज उपचार कराने के लिए आने से भी कतरा रहे हैं। केवल गरीब परिवारों के लोग ही उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, जिनके पास निजी अस्पतालों में इलाज के लिए पैसे नहीं है। उन मरीजों की हालत जिला नागरिक अस्पताल में नर्क से भी बदतर हो रही है। गर्मी तथा बदबू के चलते उनका अस्पताल में रुकना मुश्किल हो रहा है, लेकिन मजबूरी में यहां इलाज कराना पड़ रहा है।
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तापमान तो कम हुआ, लेकिन गर्मी से राहत नहीं
जिले में बृहस्पतिवार को तापमान तो कम हुआ है, लेकिन गर्मी से राहत नहीं है। ऐसे में जिला नागरिक अस्पताल के जच्चा-बच्चा कक्ष में बंद कमरे में जच्चा व नवजात बच्चों का रुकना किसी सजा से कम नहीं है। कक्ष में दीवारों पर जो एसी लगे हैं, वे खराब होने के चलते बंद पड़े हैं। पंखे तक नहीं हैं। एक-दो पंखे लगे हैं तो वे बिजली जाते ही बंद हो जाते हैं। जिले में बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 30 डिग्री दर्ज किया गया।
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कबाड़ में पडे़ हैं कूलर
जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों के लिए मंगवाए गए कूलर फिलहाल कबाड़ में पडे़ हैं। उन्हें ठीक कराने के बजाय एक खाली स्थान पर उठाकर रख दिया गया है। वे भी अस्पताल में शोपीस हैं। स्वास्थ्य विभाग न तो एसी ठीक करा पा रहा है और न ही कूलर। इतना ही नहीं बिजली गुल होने पर जेनरेटर तक की भी व्यवस्था नहीं है।
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मैं बहू की डिलीवरी कराने आई हूं। क्योंकि बाहर निजी अस्पतालों में देने के लिए पैसे नहीं है। यहां डिलीवरी तो करा ली, लेकिन हालात देखकर लग रहा है कि यहां से ठीक हालत में भी जाएंगे या नहीं। क्योंकि न एसी है न कूलर और न ही पंखा। इस भीषण गर्मी में बुरा हाल है।
-सुनीता शमशाबाद
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मैं अपनी देवरानी की डिलीवरी कराने लाई थी। डिलीवरी के बाद जहां कक्ष में रखा गया है, वहां पंखा तक नहीं है, हालात बेहद खराब है। जच्चा व बच्चा के बीमार होने की स्थिति बनी हुई है। कई बार स्टाफ और डॉक्टरों से बोल दिया गया है, लेकिन कोई सुनवाई करने वाला नहीं है।
-अंजलि
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गर्मी अधिक है। 24 घंटे चलते हैं, इसलिए कट मार जाते हैं। इस कारण समस्या हो रही है। जो खराब है, वे ठीक कराने के लिए कह दिया गया है। बिजली कट तथा गर्मी अधिक होने के कारण फिलहाल ऑपरेशन भी नहीं हो रहे हैं। जल्द ही मरीजों को पूरी सुविधा मिलेगी।
-डॉ. अजय माम, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी जिला नागरिक अस्पताल
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कैप्शन: 9- जिला नागरिक अस्पताल में जच्चा व बच्चा की हाथ से हवा करती महिला: संवाद
कैप्शन: 10- कबाड़ में पड़ा खराब कूलर: संवाद
कैप्शन: 11- बिस्तर के ऊपर एसी तो लगा है, लेकिन फिर भी हाथ के पंखे से करनी पड़ रही हवा: संवाद
कैप्शन: 12- सुनीता
कैप्शन: 13- अंजलि
हे भाई कम से कम पंखा तो चलवा दो, या टेबल फेन मंगवा दो
-जिला नागरिक अस्पताल में गर्मी से बेहाल मरीजों का बुरा हाल
-एसी व कूलर तो दूर पंखा तक नहीं चल रहे जच्चा-बच्चा वार्ड में
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल। हे भाई और सुविधाओं को छोड़ो कम से कम एक टेबल फैन ही लगवा दो, ताकि इस भीषण गर्मी में अस्पताल में इलाज के दौरान और बीमारी न हो। आंटी यह हमारे हाथ में नहीं है। एसी व कूलर खराब होने की शिकायत हमने अधिकारियों और डॉक्टरों को कर दी है। ज्यादा गर्मी खा रही है तो घर से पंखा मंगवा लो और लगा लो। और भी मरीज है जो घर से पंखा मंगवाकर गर्मी से बच रहे हैं। यह वाद-विवाद जिला नागरिक अस्पताल में उस समय देखने को मिला जब जच्चा-बच्चा वार्ड में एक महिला जच्चा व बच्चा की हाथ के पंखे से हवा कर रही थी। हालांकि कमरे में एसी तो लगा हुआ था, लेकिन वह चलने के बजाय शोपीस बना दीवार पर टंगा हुआ है। इस भीषण गर्मी में ऐसी हालत में मरीजों व परिजनों का बुरा हाल है। सबसे अधिक समस्या उन नवजात बच्चों को हो रही है, जिन्होंने हाल ही में जन्म लिया है।
जिला नागरिक अस्पताल में इस समय मरीज उपचार कराने के लिए आने से भी कतरा रहे हैं। केवल गरीब परिवारों के लोग ही उपचार के लिए पहुंच रहे हैं, जिनके पास निजी अस्पतालों में इलाज के लिए पैसे नहीं है। उन मरीजों की हालत जिला नागरिक अस्पताल में नर्क से भी बदतर हो रही है। गर्मी तथा बदबू के चलते उनका अस्पताल में रुकना मुश्किल हो रहा है, लेकिन मजबूरी में यहां इलाज कराना पड़ रहा है।
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तापमान तो कम हुआ, लेकिन गर्मी से राहत नहीं
जिले में बृहस्पतिवार को तापमान तो कम हुआ है, लेकिन गर्मी से राहत नहीं है। ऐसे में जिला नागरिक अस्पताल के जच्चा-बच्चा कक्ष में बंद कमरे में जच्चा व नवजात बच्चों का रुकना किसी सजा से कम नहीं है। कक्ष में दीवारों पर जो एसी लगे हैं, वे खराब होने के चलते बंद पड़े हैं। पंखे तक नहीं हैं। एक-दो पंखे लगे हैं तो वे बिजली जाते ही बंद हो जाते हैं। जिले में बृहस्पतिवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान 30 डिग्री दर्ज किया गया।
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कबाड़ में पडे़ हैं कूलर
जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों के लिए मंगवाए गए कूलर फिलहाल कबाड़ में पडे़ हैं। उन्हें ठीक कराने के बजाय एक खाली स्थान पर उठाकर रख दिया गया है। वे भी अस्पताल में शोपीस हैं। स्वास्थ्य विभाग न तो एसी ठीक करा पा रहा है और न ही कूलर। इतना ही नहीं बिजली गुल होने पर जेनरेटर तक की भी व्यवस्था नहीं है।
मैं बहू की डिलीवरी कराने आई हूं। क्योंकि बाहर निजी अस्पतालों में देने के लिए पैसे नहीं है। यहां डिलीवरी तो करा ली, लेकिन हालात देखकर लग रहा है कि यहां से ठीक हालत में भी जाएंगे या नहीं। क्योंकि न एसी है न कूलर और न ही पंखा। इस भीषण गर्मी में बुरा हाल है।
-सुनीता शमशाबाद
मैं अपनी देवरानी की डिलीवरी कराने लाई थी। डिलीवरी के बाद जहां कक्ष में रखा गया है, वहां पंखा तक नहीं है, हालात बेहद खराब है। जच्चा व बच्चा के बीमार होने की स्थिति बनी हुई है। कई बार स्टाफ और डॉक्टरों से बोल दिया गया है, लेकिन कोई सुनवाई करने वाला नहीं है।
-अंजलि
गर्मी अधिक है। 24 घंटे चलते हैं, इसलिए कट मार जाते हैं। इस कारण समस्या हो रही है। जो खराब है, वे ठीक कराने के लिए कह दिया गया है। बिजली कट तथा गर्मी अधिक होने के कारण फिलहाल ऑपरेशन भी नहीं हो रहे हैं। जल्द ही मरीजों को पूरी सुविधा मिलेगी।
-डॉ. अजय माम, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी जिला नागरिक अस्पताल