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Palwal News: तीन ट्रकों में 60 लाख रुपये की जीएसटी चोरी कर ले जाया रहा था माल
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15पीएएलपी9- सीएम फ्लाइंग द्वारा पकड़े गए ट्रक।
15पीएएलपी10- ट्रक से बरामद की गई कॉकरी।
विभाग ने ट्रक मालिकों पर किया 59 लाख रुपये का जुर्माना, 15 दिन तक नहीं आए मालिक
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने मारा छापा, ट्रकों में भरा गुटखा, पान मसाला, क्रॉकरी बरामद
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता द्वारा पकड़े गए गुटखा, पान मसाला व क्रॉकरी से भरे तीन ट्रकों के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आबकारी एवं कराधान विभाग ने तीनों ट्रक मालिकों द्वारा 60 लाख रुपये की जीएसटी चोरी कर सरकार को चूना लगाने का दावा किया है। विभाग ने ट्रक मालिकों पर जीएसटी चोरी करने पर साढ़े 59 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। तीनों ट्रकों को बीती 29 मई को उड़नदस्ता की टीम ने मुंडकटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत के ढाबे से पकड़ा था, जबकि चालक मौके से फरार हो गए थे। 15 दिन तक टीम ई-वे बिल ऑनलाइन होने का इंतजार करती रही। इसके अलावा ट्रकों के मालिकों को सूचना दी गई, परंतु कोई नहीं पहुंचा, जिसके बाद ट्रकों में मौजूद माल को कब्जे में लेकर जीएसटी चोरी मामले का खुलासा किया गया।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते टीम के प्रभारी डीएसपी राजेश चेची ने बताया कि 29 मई को टीम को सूचना मिली कि बंद बॉडी ट्रक कंटेनर में दिल्ली से मथुरा की तरफ बिना जीएसटी अदा किए गुटखा व पान मसाला का सामान ले जाया जा रहा है। मुंडकटी थाना से थोड़ा आगे राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित सतनाम वाहेगुरु ढाबा पर ट्रक चालक खाना खाने के लिए रुके हुए हैं। डीएसपी ने बताया कि सूचना के आधार पर शिव कुमार एएसआई व आबकारी कराधान विभाग के जगमोहन यादव ईटीओ के साथ मौके पर छापा मारा तो सतनाम वाहेगुरु ढाबा की पार्किंग में बंद बॉडी तीन ट्रक खड़े हुए मिले। तीनों गाड़ियों के ड्राइवर टीम को देखकर मौके से फरार हो गए। टीम ने गाड़ियों को जब्त कर पुलिस लाइन परिसर में खड़ा करवा दिया। ईटीओ ने इन गाड़ियों के चालकों व मालिकों को बार-बार सूचना दी गई, लेकिन वह निरीक्षण करवाने के लिए सामने नहीं आए। बाद में आबकारी कराधान विभाग द्वारा मामले की सूचना जिला उपायुक्त को देकर नशीले पदार्थ होने की आशंका पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। उन्होंने बताया कि 10 जून को ड्यूटी मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश तहसीलदार के नेतृत्व में तीनों गाड़ियों की वीडियोग्राफी के समय उड़नदस्ते टीम व गौरव रंजन एईटीओ व सतीश कुमार एसआई ने तीनों गाड़ियों का निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम को शक उस समय हुआ, जब 29 मई को ट्रकों को जब्त करने के बाद ट्रक मालिकों ने ट्रकों में भरे माल का कोई ई-वे बिल नहीं कराया। लगातार टीम ऑनलाइन ई वे बिल को चेक करती रही, लेकिन 15 दिन तक कोई ई वे बिल ऑनलाइन नहीं हो पाया, जिसके बाद आबकारी कराधान विभाग और उड़नदस्ते की टीम ने संयुक्त भौतिक परीक्षण कर लाखों रुपये की जीएसटी चोरी के मामले का खुलासा किया है। डीएसपी राजेश चेची ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि जीएसटी चोरी के मामले में अधिकतर अन्य राज्यों के रजिस्ट्रेशन पर ट्रक मालिक कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी चोरी के मामले में टीम गहराई से जांच में जुटी हुई है।
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15पीएएलपी10- ट्रक से बरामद की गई कॉकरी।
विभाग ने ट्रक मालिकों पर किया 59 लाख रुपये का जुर्माना, 15 दिन तक नहीं आए मालिक
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने मारा छापा, ट्रकों में भरा गुटखा, पान मसाला, क्रॉकरी बरामद
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता द्वारा पकड़े गए गुटखा, पान मसाला व क्रॉकरी से भरे तीन ट्रकों के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। आबकारी एवं कराधान विभाग ने तीनों ट्रक मालिकों द्वारा 60 लाख रुपये की जीएसटी चोरी कर सरकार को चूना लगाने का दावा किया है। विभाग ने ट्रक मालिकों पर जीएसटी चोरी करने पर साढ़े 59 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। तीनों ट्रकों को बीती 29 मई को उड़नदस्ता की टीम ने मुंडकटी थाना क्षेत्र के अंतर्गत के ढाबे से पकड़ा था, जबकि चालक मौके से फरार हो गए थे। 15 दिन तक टीम ई-वे बिल ऑनलाइन होने का इंतजार करती रही। इसके अलावा ट्रकों के मालिकों को सूचना दी गई, परंतु कोई नहीं पहुंचा, जिसके बाद ट्रकों में मौजूद माल को कब्जे में लेकर जीएसटी चोरी मामले का खुलासा किया गया।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते टीम के प्रभारी डीएसपी राजेश चेची ने बताया कि 29 मई को टीम को सूचना मिली कि बंद बॉडी ट्रक कंटेनर में दिल्ली से मथुरा की तरफ बिना जीएसटी अदा किए गुटखा व पान मसाला का सामान ले जाया जा रहा है। मुंडकटी थाना से थोड़ा आगे राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित सतनाम वाहेगुरु ढाबा पर ट्रक चालक खाना खाने के लिए रुके हुए हैं। डीएसपी ने बताया कि सूचना के आधार पर शिव कुमार एएसआई व आबकारी कराधान विभाग के जगमोहन यादव ईटीओ के साथ मौके पर छापा मारा तो सतनाम वाहेगुरु ढाबा की पार्किंग में बंद बॉडी तीन ट्रक खड़े हुए मिले। तीनों गाड़ियों के ड्राइवर टीम को देखकर मौके से फरार हो गए। टीम ने गाड़ियों को जब्त कर पुलिस लाइन परिसर में खड़ा करवा दिया। ईटीओ ने इन गाड़ियों के चालकों व मालिकों को बार-बार सूचना दी गई, लेकिन वह निरीक्षण करवाने के लिए सामने नहीं आए। बाद में आबकारी कराधान विभाग द्वारा मामले की सूचना जिला उपायुक्त को देकर नशीले पदार्थ होने की आशंका पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। उन्होंने बताया कि 10 जून को ड्यूटी मजिस्ट्रेट प्रेम प्रकाश तहसीलदार के नेतृत्व में तीनों गाड़ियों की वीडियोग्राफी के समय उड़नदस्ते टीम व गौरव रंजन एईटीओ व सतीश कुमार एसआई ने तीनों गाड़ियों का निरीक्षण किया।
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मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की टीम को शक उस समय हुआ, जब 29 मई को ट्रकों को जब्त करने के बाद ट्रक मालिकों ने ट्रकों में भरे माल का कोई ई-वे बिल नहीं कराया। लगातार टीम ऑनलाइन ई वे बिल को चेक करती रही, लेकिन 15 दिन तक कोई ई वे बिल ऑनलाइन नहीं हो पाया, जिसके बाद आबकारी कराधान विभाग और उड़नदस्ते की टीम ने संयुक्त भौतिक परीक्षण कर लाखों रुपये की जीएसटी चोरी के मामले का खुलासा किया है। डीएसपी राजेश चेची ने मामले में जानकारी देते हुए बताया कि जीएसटी चोरी के मामले में अधिकतर अन्य राज्यों के रजिस्ट्रेशन पर ट्रक मालिक कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी चोरी के मामले में टीम गहराई से जांच में जुटी हुई है।
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