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Palwal News: टावर लगाने का झांसा देकर 3.95 लाख की ठगी
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फेसबुक पर विज्ञापन देखकर किसान ने किया था संपर्क
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। फेसबुक पर जमीन पर मोबाइल टावर लगवाने का विज्ञापन देखकर संपर्क करना एक किसान को महंगा पड़ गया। टावर लगवाने और हर माह 45 हजार रुपये किराये के रूप में देने का झांसा देकर साइबर ठगों ने किसान से अलग-अलग शुल्क के नाम पर करीब 3.95 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने शक होने पर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैलाश नगर निवासी धर्मपाल ने पुलिस को बताया कि विज्ञापन पर नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद 11 सितंबर को फोन आया। व्यक्ति ने खुद को हिंदुस्तान टावर कंपनी का मनीष कुमार वसवाणी बताते हुए कहा कि कंपनी टावर लगाने के बदले 45 हजार रुपये मासिक किराया देगी। उसने देखरेख के लिए नौकरी देने का भी झांसा दिया।
इसके बाद उसने एग्रीमेंट, रजिस्ट्रेशन, टावर के एडवांस आदि के नाम पर 3,95,901 रुपये जमा करवा लिए। इसके बाद भी आरोपी और रकम जमा कराने के लिए दबाव बनाने लगा। शक होने पर धर्मपाल ने 1930 पर शिकायत की।
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साइबर क्राइम थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि टावर लगवाने, नौकरी दिलाने या किसी कंपनी की एजेंसी देने के नाम पर ऑनलाइन भुगतान करने से पहले पूरी तरह सत्यापन करें। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। फेसबुक पर जमीन पर मोबाइल टावर लगवाने का विज्ञापन देखकर संपर्क करना एक किसान को महंगा पड़ गया। टावर लगवाने और हर माह 45 हजार रुपये किराये के रूप में देने का झांसा देकर साइबर ठगों ने किसान से अलग-अलग शुल्क के नाम पर करीब 3.95 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने शक होने पर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैलाश नगर निवासी धर्मपाल ने पुलिस को बताया कि विज्ञापन पर नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद 11 सितंबर को फोन आया। व्यक्ति ने खुद को हिंदुस्तान टावर कंपनी का मनीष कुमार वसवाणी बताते हुए कहा कि कंपनी टावर लगाने के बदले 45 हजार रुपये मासिक किराया देगी। उसने देखरेख के लिए नौकरी देने का भी झांसा दिया।
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इसके बाद उसने एग्रीमेंट, रजिस्ट्रेशन, टावर के एडवांस आदि के नाम पर 3,95,901 रुपये जमा करवा लिए। इसके बाद भी आरोपी और रकम जमा कराने के लिए दबाव बनाने लगा। शक होने पर धर्मपाल ने 1930 पर शिकायत की।
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साइबर क्राइम थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि टावर लगवाने, नौकरी दिलाने या किसी कंपनी की एजेंसी देने के नाम पर ऑनलाइन भुगतान करने से पहले पूरी तरह सत्यापन करें। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।