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‘1983 पीटीआई की नौकरी बहाल करे सरकार’

Sat, 25 Jul 2020 10:48 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jul 2020 10:48 PM IST
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'Goverment should restore PTI job '
पीटीआई की बहाली की मांग को लेकर धरना देते लोग। - फोटो : Palwal
‘1983 पीटीआई की नौकरी बहाल करे सरकार’
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पलवल। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ एवं शारीरिक शिक्षक संघर्ष समिति का नौकरी बहाली की मांग को लेकर क्रमिक अनशन 41वें दिन भी जारी रहा। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि पीटीआई भर्ती आयोग की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे हैं। संघ के जिला प्रधान वेदपाल की अध्यक्षता में आयोजित धरने का संचालन महासचिव गीतेश कुमार ने किया।

इस अवसर पर वेदपाल ने कहा कि सरकार को बिना किंतु-परंतु के 1983 पीटीआई की नौकरी बहाल कर देनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में भर्ती प्रक्रिया में जिन खामियों का उल्लेख किया है, उनका जिम्मेदार केवल भर्ती आयोग है। शारीरिक शिक्षकों में भर्ती आयोग को प्रभावित करने की शक्ति होती, तो नौकरी की बहाली के लिए भयंकर गर्मी, बारिश और महामारी के बीच संघर्ष नहीं करते। भर्ती आयोग की लापरवाही और अज्ञानता की सजा शारीरिक शिक्षकों को देना सरासर गलत है। आज 10 वर्ष बाद शारीरिक शिक्षक अन्य रोजगार पाने व शुरू करने की स्थिति में नहीं है। एक शारीरिक शिक्षक के साथ कम से कम पांच और सदस्यों का हित जुड़ा है। इसकी अनदेखी सरकार को नहीं करनी चाहिए। संघ सरकार से मांग करता है कि पुन: भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की बजाय 1983 पीटीआई की नौकरी बहाल करे एवं वंचित उम्मीदवारों को भी खाली पदों पर समायोजित कर न्याय प्रदान करे। इस अवसर पर जसवीर, प्रेमचंद, राजेश कुमार, प्रताप, सतीश, रामपाल, रमेश, राकेश शर्मा, सरला, प्रेमलता, साजिदा, जगवती कुसुम, उर्मिला, विजेंद्र, दयाचंद, टेकचंद, सुनील, महावीर, सतवीर, राजेंद्र, डालचंद, वीरसिंह सौरोत, राजकुमार और सुरेंद्र मौजूद रहे।
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