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राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप फिर धरने पर बैठे किसान
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पलवल में किसानों को संबोधित करते स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती
- फोटो : Palwal
पलवल। नए कृषि कानूनों की वापसी के संबंध में सोमवार को किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप फिर से धरना शुरू कर दिया। धरने में उत्तर प्रदेश से पहुंचे पूर्व मंत्री जगदीश यादव ने कहा कि रंगा-बिल्ला की सरकार देश पर राज कर रही है। साथ ही आरोप लगाया कि देश में लोकतंत्र नहीं, बल्कि राजतंत्र चल रहा है। कुछ विशेष लोगों को फायदा पहुंचाने के लिए कानून लागू किए जा रहे हैं। नए कृषि कानून किसी के भी हित में नहीं हैं।
वहीं, पूर्व मंत्री मोहम्मद इलियास ने आरोप लगाया कि सरकार ने साजिश के तहत लालकिले पर धार्मिक झंडा फहरवाकर किसानों को बदनाम कर दिया। अब सच्चाई सबके सामने आ गई है। किसान पूरी मजबूती के साथ सरकार से लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। धरने को जिला बार एसोसिएशन ने समर्थन दिया। सैकड़ों वकील जुलूस निकालकर नारेबाजी करते हुए धरनास्थल पर पहुंचे। बार एसोसिएशन के प्रधान दीपक चौहान ने कहा कि बार एसोसिएशन हर परिस्थितियों में किसानों के साथ है। यदि 15 दिन के अंदर पुलिस ने किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए तो अदालत के जरिये मुकदमे रद्द कराए जाएंगे। गौरतलब है कि दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बीती दो दिसंबर से 28 जनवरी तक चले किसानों के धरने को पुलिस ने हटवा दिया था।
‘मुकदमे वापस नहीं हुए तो आंदोलन होगा तेज’
पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने कहा कि 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान पुलिस ने बिना वजह किसानों पर लाठीचार्ज किया और उनके ट्रैक्टरों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद करीब 1500 किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मुकदमे और डंडों का डर दिखाकर धरने को भी समाप्त करवा दिया, लेकिन अब धरना फिर से शुरू हो गया है। यदि 15 दिन के भीतर पुलिस ने किसानों पर दर्ज मुकदमे रद्द नहीं किए तो आंदोलन को और ज्यादा गति दी जाएगी।
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पालों ने दिया आर्थिक सहयोग
धरने के लिए पालों की ओर से सहयोग दिया गया। विजय प्रताप की ओर से रविवार को दो लाख रुपये की मदद के बाद सोमवार को तेवतिया पाल ने 5 लाख रुपये देने की घोषणा की। वहीं, डागर पाल की तरफ से एक लाख 51 हजार रुपये देने की घोषणा की गई। इनके अलावा गांव औरंगाबाद से 20 मन आटा देने की घोषणा हुई।
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पुलिस ने धरना स्थल के समीप लगाए बैरिकेड
किसानों का धरना शुरू होते ही पुलिस ने केएमपी एक्सप्रेसवे पर बैरिकेड लगाने शुरू कर दिए। धरने पर बैठने वाले किसानों की सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने बैरिकेड लगाए हैं। वहीं, हाईवे की तरफ से भी बैरिकेड लगाने का काम किया जाएगा। किसानों ने भी धरना स्थल पर पंडाल लगाने का काम शुरू कर दिया। जल्द ही पालों की ओर से भी धरना स्थल के समीप तंबू लगाने का काम शुरू किया जाएगा।
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वहीं, पूर्व मंत्री मोहम्मद इलियास ने आरोप लगाया कि सरकार ने साजिश के तहत लालकिले पर धार्मिक झंडा फहरवाकर किसानों को बदनाम कर दिया। अब सच्चाई सबके सामने आ गई है। किसान पूरी मजबूती के साथ सरकार से लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। धरने को जिला बार एसोसिएशन ने समर्थन दिया। सैकड़ों वकील जुलूस निकालकर नारेबाजी करते हुए धरनास्थल पर पहुंचे। बार एसोसिएशन के प्रधान दीपक चौहान ने कहा कि बार एसोसिएशन हर परिस्थितियों में किसानों के साथ है। यदि 15 दिन के अंदर पुलिस ने किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस नहीं लिए तो अदालत के जरिये मुकदमे रद्द कराए जाएंगे। गौरतलब है कि दिल्ली-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर बीती दो दिसंबर से 28 जनवरी तक चले किसानों के धरने को पुलिस ने हटवा दिया था।
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‘मुकदमे वापस नहीं हुए तो आंदोलन होगा तेज’
पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने कहा कि 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान पुलिस ने बिना वजह किसानों पर लाठीचार्ज किया और उनके ट्रैक्टरों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके बाद करीब 1500 किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने मुकदमे और डंडों का डर दिखाकर धरने को भी समाप्त करवा दिया, लेकिन अब धरना फिर से शुरू हो गया है। यदि 15 दिन के भीतर पुलिस ने किसानों पर दर्ज मुकदमे रद्द नहीं किए तो आंदोलन को और ज्यादा गति दी जाएगी।
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पालों ने दिया आर्थिक सहयोग
धरने के लिए पालों की ओर से सहयोग दिया गया। विजय प्रताप की ओर से रविवार को दो लाख रुपये की मदद के बाद सोमवार को तेवतिया पाल ने 5 लाख रुपये देने की घोषणा की। वहीं, डागर पाल की तरफ से एक लाख 51 हजार रुपये देने की घोषणा की गई। इनके अलावा गांव औरंगाबाद से 20 मन आटा देने की घोषणा हुई।
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पुलिस ने धरना स्थल के समीप लगाए बैरिकेड
किसानों का धरना शुरू होते ही पुलिस ने केएमपी एक्सप्रेसवे पर बैरिकेड लगाने शुरू कर दिए। धरने पर बैठने वाले किसानों की सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस ने बैरिकेड लगाए हैं। वहीं, हाईवे की तरफ से भी बैरिकेड लगाने का काम किया जाएगा। किसानों ने भी धरना स्थल पर पंडाल लगाने का काम शुरू कर दिया। जल्द ही पालों की ओर से भी धरना स्थल के समीप तंबू लगाने का काम शुरू किया जाएगा।