पलवल। नए कृषि कानूनों के विरोध में अटोहां मोड़ पर चल रहा किसानों का धरना सोमवार को भी जारी रहा। धरने को डागर और रावत पाल के किसानों ने समर्थन दिया। किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। साथ ही करनाल में किसानों पर लाठीचार्ज कराने वाले एसडीएम के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई। किसानों ने कहा कि इस तरह से किसानों को पिटवाने पर मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। चेेतावनी दी कि यदि ऐसा जल्द नहीं हुआ तो किसान सड़कों पर प्रदर्शन करेंगे।
किसान नेताओं ने कहा कि जब सरकार किसानों की आवाज दबा नहीं पा रही है तो हमले कराए जा रहे हैं। करनाल में जिस तरह से सरकार ने किसानों पर लाठीचार्ज कराई, उससे साबित हो गया है कि सरकार अब किसानों की आवाज इस तरह से दबाना चाहती है। लेकिन, किसान डरने वाले नहीं है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि सरकार किसानों की मांग पर ध्यान दें, नहीं तो आने वाले समय में उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। धरने पर पांच सितंबर को मुज्ज्फरनगर नगर में होने वाली महापंचायत में हिस्सा लेने के साथ-साथ सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया। गायक बीर सिंह चौहान, पोहप सिंह डागर किशन सिंह, इंदर सिंह रावत, धन्नी तेवतिया, राम किसान धामाका ने भजनों से सभी का मनोरंजन किया। सोमवार को धरने की अध्यक्षता मान सिंह डागर महेशपुर ने की। संचालन राजेश रावत बहीन ने किया। किसान नेता सोहन पाल चौहान, महेंद्र चौहान, धर्म चंद, उदय सिंह, नरेंद्र सहरावत, रूपराम तेवतिया, ताराचंद, बिजेंद्र लालवा, करतार मंडनाका, जगन डागर झाड़सेतली ने धरनो को संबोधित किया।