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कम कीमत पर फसल बेचने को मजबूर हैं किसान

Thu, 08 Oct 2020 10:58 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 08 Oct 2020 10:58 PM IST
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Farmers are forced to sell crops at low prices
कम कीमत पर फसल बेचने को मजबूर हैं किसान
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पलवल। अनाज मंडी में किसानों की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य से भी कम कीमत पर खरीदी जा रही है। फसल की पूरी कीमत नहीं मिलने से किसान निराश हैं। मेरी फसल-मेरा ब्योरा पर पंजीकरण के बावजूद फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। सरकारी खरीद एजेंसियां फसल में नमी की बात कह कर खरीद से इनकार कर देती हैं। इस निराश किसानों को निजी एजेंसियों को कम कीमत पर फसल बेचनी पड़ रही है।

पलवल मंडी में सरकारी एजेंसियां केवल नाम मात्र ही खरीद कर रही हैं। सरकारी एजेंसियों ने पिछले आठ दिन में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर केवल 142 क्विंटल धान खरीदा है, जबकि निजी एजेंसियों ने 85 हजार क्विंटल से ज्यादा धान खरीदा है। धान का सरकारी भाव 1888 रुपये प्रति क्विंटल है। जिस धान में आठ से 12 प्रतिशत नमी है, उसे सरकारी भाव पर खरीदा जाता है। वहीं निजी एजेंसियों ने 15 से 16 सौ रुपये प्रति क्विंटल की दर से 85 हजार क्विंटल धान खरीदा है। इसी प्रकार कपास बेचने में भी किसानों को परेशानी हो रही है। कपास का सरकारी मूल्य 5496 रुपये से लेकर 5725 रुपये प्रति क्विंटल तक है। सरकारी कीमत पर केवल 2360 क्विंटल कपास खरीदी गई है, जबकि 31752 क्विंटल कपास 5050 रुपये प्रति क्विंटल की दर से निजी एजेंसियों ने खरीदी है।
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