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Palwal News: फर्जी नशा मुक्ति केंद्र का भंडाफोड़, बिना लाइसेंस चल रहा था
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फोटो कैप्शन
05पीएएलपी4- फर्जी नशा मुक्ति केंद्र में उपचार के नाम पर भर्ती किए गए लोग। - संवाद
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- बिना लाइसेंस, चिकित्सक व प्रशिक्षित स्टाफ के चलाया जा रहा था केंद्र
- पुलिस ने केंद्र संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दो को किया गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रामनगर में अवैध रूप से चल रहे नशा मुक्ति केंद्र का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी के दौरान केंद्र चलाने का कोई लाइसेंस नहीं मिला। केंद्र पर बिना डॉक्टर व प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा नशा करने वालों का उपचार किया जा रहा था। केंद्र पर 52 लोग भर्ती मिले। मौके से दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया। टीम ने केंद्र के रिकॉर्ड को कब्जे में लिया। कैंप थाना पुलिस ने नामजद केंद्र संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अभी संचालक की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
कैंप थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सत्यनारायण के अनुसार मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने शिकायत दर्ज कराई है कि काफी समय से पलवल में अवैध रूप से चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों की शिकायतें मिल रही थीं। गुप्तचर विभाग के साथ संयुक्त रूप से असावटा रोड स्थित राम नगर में चल रहे केशव फाउंडेशन ड्रग एल्कोहोलिक रिहैबिलेशन सेंटर के नाम से चल रहे नशा मुक्ति केंद्र पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान पता चला कि फरीदाबाद का गांव दयालपुर निवासी अजब सिंह हुड्डा केंद्र का संचालन करता है। केंद्र में कई खामियां मिलीं। केंद्र पर मौजूद मिले गांव असावटा निवासी रामबीर सिंह व सतेंद्र ने टीम को बताया कि वह नशा मुक्ति केंद्र पर नौकरी करते हैं। अजब सिंह हुड्डा रोजाना केंद्र पर आते हैं। वह आज किसी कार्य से बाहर गए हुए हैं। नशा मुक्ति केंद्र में आने वाले मरीजों से चार से आठ हजार रुपये प्रतिमाह लिए जाते हैं। टीम ने दोनों कर्मचारियों से केंद्र संचालन के दस्तावेज मांगे, परंतु वह पेश नहीं कर पाए। इसके अलावा केंद्र पर कोई चिकित्सक, मनोचिकित्सक व योगा प्रशिक्षक मौजूद नहीं था। केंद्र में भर्ती मरीजों के लिए पौष्टिक आहार देने की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में मरीजों की दी जाने वाली अंग्रेजी दवाइयां व डॉक्टरी में उपयोग होने वाले उपकरण रखे हुए मिले। जांच में पता चला कि रामबीर सिंह व सतेंद्र मरीजों को जरूरत के हिसाब से खुद ही दवाइयां देते हैं। केंद्र में 52 मरीजों को उपचार के नाम पर भर्ती किया गया था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि केंद्र संचालक की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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05पीएएलपी4- फर्जी नशा मुक्ति केंद्र में उपचार के नाम पर भर्ती किए गए लोग। - संवाद
- बिना लाइसेंस, चिकित्सक व प्रशिक्षित स्टाफ के चलाया जा रहा था केंद्र
- पुलिस ने केंद्र संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दो को किया गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता व स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रामनगर में अवैध रूप से चल रहे नशा मुक्ति केंद्र का भंडाफोड़ किया है। छापेमारी के दौरान केंद्र चलाने का कोई लाइसेंस नहीं मिला। केंद्र पर बिना डॉक्टर व प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा नशा करने वालों का उपचार किया जा रहा था। केंद्र पर 52 लोग भर्ती मिले। मौके से दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया। टीम ने केंद्र के रिकॉर्ड को कब्जे में लिया। कैंप थाना पुलिस ने नामजद केंद्र संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। अभी संचालक की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
कैंप थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सत्यनारायण के अनुसार मुख्यमंत्री उड़नदस्ता ने शिकायत दर्ज कराई है कि काफी समय से पलवल में अवैध रूप से चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों की शिकायतें मिल रही थीं। गुप्तचर विभाग के साथ संयुक्त रूप से असावटा रोड स्थित राम नगर में चल रहे केशव फाउंडेशन ड्रग एल्कोहोलिक रिहैबिलेशन सेंटर के नाम से चल रहे नशा मुक्ति केंद्र पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान पता चला कि फरीदाबाद का गांव दयालपुर निवासी अजब सिंह हुड्डा केंद्र का संचालन करता है। केंद्र में कई खामियां मिलीं। केंद्र पर मौजूद मिले गांव असावटा निवासी रामबीर सिंह व सतेंद्र ने टीम को बताया कि वह नशा मुक्ति केंद्र पर नौकरी करते हैं। अजब सिंह हुड्डा रोजाना केंद्र पर आते हैं। वह आज किसी कार्य से बाहर गए हुए हैं। नशा मुक्ति केंद्र में आने वाले मरीजों से चार से आठ हजार रुपये प्रतिमाह लिए जाते हैं। टीम ने दोनों कर्मचारियों से केंद्र संचालन के दस्तावेज मांगे, परंतु वह पेश नहीं कर पाए। इसके अलावा केंद्र पर कोई चिकित्सक, मनोचिकित्सक व योगा प्रशिक्षक मौजूद नहीं था। केंद्र में भर्ती मरीजों के लिए पौष्टिक आहार देने की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में मरीजों की दी जाने वाली अंग्रेजी दवाइयां व डॉक्टरी में उपयोग होने वाले उपकरण रखे हुए मिले। जांच में पता चला कि रामबीर सिंह व सतेंद्र मरीजों को जरूरत के हिसाब से खुद ही दवाइयां देते हैं। केंद्र में 52 मरीजों को उपचार के नाम पर भर्ती किया गया था। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि केंद्र संचालक की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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