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करोड़ों के बजट के बाद भी पथरीले रास्ते से गुजर रहे श्रद्धालु

Sun, 27 Sep 2020 10:06 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 27 Sep 2020 10:06 PM IST
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Even after the budget of crores, the devotees passing through the rocky path
पलवल (अनूप पाराशर)। तीन राज्यों को जोड़कर चलने वाली एतिहासिक ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग के जीर्णोद्धार का प्रदेश सरकार का दावा कितना सार्थक हुआ है, इसका अंदाजा श्रद्धालुओं की परेशानी देखकर लगाया जा सकता है। मार्ग के जीर्णोद्धार के लिए 3 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया गया है, लेकिन इसके बाद भी कोई सुधार नहीं किया गया। स्थिति यह है कि 40 दिनों तक चलने वाली परिक्रमा 17 सितंबर से शुरू हो गई, लेकिन श्रद्धालुओं को पथरीले रास्तों पर गुजरना पड़ रहा है। वहीं अब लोगों ने सोशल मीडिया पर श्रद्धालुओं की सेवा करने की अपील करनी शुरू कर दी है।
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प्रदेश सरकार द्वारा ब्रज 84 कोस परिक्रमा मार्ग के जीर्णोद्धार और श्रद्धालुओं को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 3 करोड़ रुपये का बजट तीन साल पहले मंजूर किया गया था। करीब एक करोड़ रुपये जिला प्रशासन को उसी समय दे दिए गए थे। लेकिन आज भी हालात यह हैं कि न तो परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए पीने के पानी की कोई व्यवस्था है और न ही टूटी सड़कों का निर्माण कराया गया। वहीं श्रद्धालुओं के आराम करने के लिए टिन शेड तक नहीं लगवाए गए हैं। इस बार की परिक्रमा 17 सितंबर से शुरू हो गई है। यह 40 दिन तक चलेगी। खास बात यह है कि न तो प्रशासन की तरफ से कोई इंतजाम किए गए हैं और न ही ग्राम पंचायतों को भंडारे व प्याऊ लगाने की मंजूरी दी जा रही है।
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पगडंडी का ले रहे सहारा
जिले में परिक्रमा का मार्ग पलवल और हसनपुर के 13 गांवों से गुजरता है। हसनपुर में महादेव घाट से होकर गुजरने वाले रास्ता ठीक न होने व झाड़ियों के कारण श्रद्धालुओं को पगडंडी का सहारा लेना पड़ रहा है। वह भी इतनी संकरी है कि लोगों के यमुना में गिरने का खतरा रहता है।
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नाव वाले उठा रहे फायदा
5 किलोमीटर की इस पगडंडी से होकर गुजरने के बाद श्रद्धालु यमुना घाट पर पहुंचते हैं। वहां पुल न होने के कारण उन्हें यमुना पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में नाव चालक 50 से 100 रुपये तक ले रहे हैं।
वर्जन-
महादेव घाट पार करने में श्रद्धालुओं को भारी परेशानी हो रही है। रात को अंधेरा होने पर वहीं रुकना पड़ता है। झाड़ियों में जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा बना रहता है। आज तक इस संकरी पगडंडी को भी प्रशासन ने ठीक नहीं कराया है जबकि कई बार इस बारे में शिकायत की जा चुकी है। - महंत गोपाल दास
ब्रज 84 कोस परिक्रमा का काफी महत्व है। भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी इस परिक्रमा में श्रद्धालुओं को हर बार यही समस्या रहती है, लेकिन आज तक इसकी सुध किसी ने नहीं ली। प्रशासन को कम से कम परिक्रमा के समय ही थोड़े इंतजाम कराने चाहिए, ताकि लोगों को कम परेशानी हो। - जसवीर फौजी सैंडोली
सरकार की तरफ से परिक्रमा मार्ग के जीर्णोद्धार को मंजूरी दी जा चुकी है। 3 करोड़ रुपये भी मंजूर हो चुके हैं। इस बारे में जिला उपायुक्त से बात की जाएगी और परिक्रमा मार्ग में सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरे इंतजाम किए जाएंगे। - जगदीश नायर, विधायक होडल

कोरोना के चलते सरकार की जो गाइडलाइन हैं, उनके कारण भंडारे लगाने की मंजूरी नहीं दी गई है। सरकार की तरफ से परिक्रमा मार्ग के जीर्णोद्धार के लिए क्या हिदायतें हैं, इसकी जानकारी लेने के बाद उस हिसाब से काम किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के संबंध में जल्द ही काम किया जाएगा। - नरेश नरवाल, जिला उपायुक्त पलवल
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