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Palwal News: खेतों पर बिजली टावरों का कब्जा, हक की लड़ाई में सचिवालय पहुंचे सैकड़ों किसान
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-मुआवजे की मांग को लेकर सैकड़ों किसान लघु सचिवालय पहुंचे, हाई वोल्टेज टावरों से 16 गांव प्रभावित
फोटो - सचिवालय में उपायुक्त कार्यालय के बाहर खड़े भारी तादाद में किसान।
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह।
नूंह जिले में खेतों के बीच लगाए जा रहे हाई वोल्टेज बिजली टावरों को लेकर किसानों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। सोमवार को सैकड़ों की संख्या में किसान लघु सचिवालय पहुंचे और जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर उचित मुआवजे की मांग उठाई। किसानों का आरोप है कि बिना पर्याप्त मुआवजे के उनकी उपजाऊ जमीन प्रभावित की जा रही है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
मुआवजे को लेकर किसानों में रोष : भारतीय किसान कामगार यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतेंद्र लोचा ने बताया कि पावर ग्रिड द्वारा किसानों के खेतों में हाई वोल्टेज टावर लगाए जा चुके हैं, लेकिन अब तक किसी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन पर जबरन काम किया जा रहा है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। किसानों ने साफ कहा कि जब तक उन्हें बाजार दर के अनुसार उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, उनका विरोध जारी रहेगा।
16 गांवों से गुजर रही हाई वोल्टेज लाइन : जानकारी के अनुसार, नीमराना से बरेली तक जाने वाली हाई वोल्टेज बिजली लाइन नूंह जिले के पुन्हाना और नगीना क्षेत्र के करीब 15-16 गांवों से होकर गुजर रही है। इनमें शिकरावा, मोहम्मदपुर, जेहटाना, ढाड़ोली कलां, असाईसीका, बलई, बनारसी, सटकपुरी, रसूलपुर, राजपुर, सिरौली, नौटकी, गुमट और खोईरी जैसे गांव शामिल हैं। इन गांवों के किसानों का कहना है कि टावर लगने से उनकी जमीन का बड़ा हिस्सा खेती के लायक नहीं बचता।
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एक टावर से एक एकड़ जमीन प्रभावित : शिकरावा निवासी हाजी मुंशरीफ ने बताया कि एक हाई वोल्टेज टावर लगने से लगभग एक एकड़ जमीन प्रभावित हो जाती है। इससे न केवल खेती बाधित होती है, बल्कि जमीन की कीमत भी गिर जाती है। किसानों का कहना है कि इस नुकसान की भरपाई के लिए उन्हें उचित और न्यायसंगत मुआवजा मिलना चाहिए।
प्रशासन ने जांच के दिए आदेश : जिला उपायुक्त अखिल पिलानी ने किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त उपायुक्त को जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित कार्रवाई की जाएगी।
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फोटो - सचिवालय में उपायुक्त कार्यालय के बाहर खड़े भारी तादाद में किसान।
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह।
नूंह जिले में खेतों के बीच लगाए जा रहे हाई वोल्टेज बिजली टावरों को लेकर किसानों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। सोमवार को सैकड़ों की संख्या में किसान लघु सचिवालय पहुंचे और जिला उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर उचित मुआवजे की मांग उठाई। किसानों का आरोप है कि बिना पर्याप्त मुआवजे के उनकी उपजाऊ जमीन प्रभावित की जा रही है, जिससे उनकी आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है।
मुआवजे को लेकर किसानों में रोष : भारतीय किसान कामगार यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सतेंद्र लोचा ने बताया कि पावर ग्रिड द्वारा किसानों के खेतों में हाई वोल्टेज टावर लगाए जा चुके हैं, लेकिन अब तक किसी प्रकार का मुआवजा नहीं दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसानों की जमीन पर जबरन काम किया जा रहा है, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। किसानों ने साफ कहा कि जब तक उन्हें बाजार दर के अनुसार उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, उनका विरोध जारी रहेगा।
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16 गांवों से गुजर रही हाई वोल्टेज लाइन : जानकारी के अनुसार, नीमराना से बरेली तक जाने वाली हाई वोल्टेज बिजली लाइन नूंह जिले के पुन्हाना और नगीना क्षेत्र के करीब 15-16 गांवों से होकर गुजर रही है। इनमें शिकरावा, मोहम्मदपुर, जेहटाना, ढाड़ोली कलां, असाईसीका, बलई, बनारसी, सटकपुरी, रसूलपुर, राजपुर, सिरौली, नौटकी, गुमट और खोईरी जैसे गांव शामिल हैं। इन गांवों के किसानों का कहना है कि टावर लगने से उनकी जमीन का बड़ा हिस्सा खेती के लायक नहीं बचता।
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एक टावर से एक एकड़ जमीन प्रभावित : शिकरावा निवासी हाजी मुंशरीफ ने बताया कि एक हाई वोल्टेज टावर लगने से लगभग एक एकड़ जमीन प्रभावित हो जाती है। इससे न केवल खेती बाधित होती है, बल्कि जमीन की कीमत भी गिर जाती है। किसानों का कहना है कि इस नुकसान की भरपाई के लिए उन्हें उचित और न्यायसंगत मुआवजा मिलना चाहिए।
प्रशासन ने जांच के दिए आदेश : जिला उपायुक्त अखिल पिलानी ने किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त उपायुक्त को जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए उचित कार्रवाई की जाएगी।