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Palwal News: वन क्षेत्र में फेंके जा रहे केमिकलयुक्त ड्रम, सैकड़ों पेड़-पौधे जलकर राख
Mon, 04 Aug 2025 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
Updated Mon, 04 Aug 2025 11:24 PM IST
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मोहम्मद शाहिद मेवाती
तावड़ू। उपमंडल के पाटूका पहाड़ क्षेत्र में अवैध रूप से विषाक्त केमिकल फेंके जाने का मामला सामने आया है। यहां केमिकलयुक्त ड्रमों को फेंका जा रहा है, जिससे न सिर्फ सैकड़ों पेड़-पौधे जलकर नष्ट हो गए हैं, बल्कि वन्य जीवों का जीवन भी संकट में पड़ गया है। स्थानीय लोग जहरीली बदबू से परेशान हैं। वहीं वन विभाग ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दावा किया है।
सूत्रों के अनुसार, यह अवैध गतिविधि सेहसोला ग्राम पंचायत के पहाड़ी क्षेत्र में हो रही है, जहां औद्योगिक इकाइयों से केमिकलयुक्त ड्रम चोरी-छिपे लाकर पहाड़ों में फेंके जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि फरीदाबाद, रेवाड़ी और भिवाड़ी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों से गाड़ियों में ये रसायन लाए जाते हैं। पहले इन ड्रमों से जहरीला केमिकल निकालकर उसे पहाड़ में बहा दिया जाता है, फिर खाली ड्रमों को सात सौ से एक हजार रुपये तक में बेच दिया जाता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जहरीला केमिकल पहाड़ की लगभग डेढ़ एकड़ वन भूमि में फैल चुका है, जिससे सैकड़ों पेड़-पौधे जलकर नष्ट हो गए हैं। वहीं, कई छोटे वन्य जीवों की मौत भी हो चुकी है और कई बीमार पड़ चुके हैं। बारिश के कारण रसायन पानी में घुलकर बड़े क्षेत्र में फैल रहा है, जिससे इसका दायरा लगातार बढ़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने यह भी बताया कि पाटूका पहाड़ के उसी हिस्से में वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की सुरंग भी है और इसके ऊपर वन क्षेत्र में कूड़ा-कचरा भी फेंका जा रहा है। इसके साथ ही ऑर्बिटल रेलवे लाइन निर्माण से जुड़ी कंपनी का अस्थायी कार्यालय भी इसी क्षेत्र में है। कंपनी के कर्मचारी भी अब केमिकल की दुर्गंध से परेशान हैं।
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इस संबंध में वन विभाग के रेंज अधिकारी देव कुमार ने कहा कि मामला गंभीर है और संज्ञान में आते ही जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा पहाड़ में बने अवैध रास्तों को जेसीबी मशीनों की मदद से बंद करवाया जाएगा ताकि दोबारा इस प्रकार की गतिविधियां न हो सकें।
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तावड़ू। उपमंडल के पाटूका पहाड़ क्षेत्र में अवैध रूप से विषाक्त केमिकल फेंके जाने का मामला सामने आया है। यहां केमिकलयुक्त ड्रमों को फेंका जा रहा है, जिससे न सिर्फ सैकड़ों पेड़-पौधे जलकर नष्ट हो गए हैं, बल्कि वन्य जीवों का जीवन भी संकट में पड़ गया है। स्थानीय लोग जहरीली बदबू से परेशान हैं। वहीं वन विभाग ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दावा किया है।
सूत्रों के अनुसार, यह अवैध गतिविधि सेहसोला ग्राम पंचायत के पहाड़ी क्षेत्र में हो रही है, जहां औद्योगिक इकाइयों से केमिकलयुक्त ड्रम चोरी-छिपे लाकर पहाड़ों में फेंके जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि फरीदाबाद, रेवाड़ी और भिवाड़ी जैसे औद्योगिक क्षेत्रों से गाड़ियों में ये रसायन लाए जाते हैं। पहले इन ड्रमों से जहरीला केमिकल निकालकर उसे पहाड़ में बहा दिया जाता है, फिर खाली ड्रमों को सात सौ से एक हजार रुपये तक में बेच दिया जाता है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि जहरीला केमिकल पहाड़ की लगभग डेढ़ एकड़ वन भूमि में फैल चुका है, जिससे सैकड़ों पेड़-पौधे जलकर नष्ट हो गए हैं। वहीं, कई छोटे वन्य जीवों की मौत भी हो चुकी है और कई बीमार पड़ चुके हैं। बारिश के कारण रसायन पानी में घुलकर बड़े क्षेत्र में फैल रहा है, जिससे इसका दायरा लगातार बढ़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने यह भी बताया कि पाटूका पहाड़ के उसी हिस्से में वेस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की सुरंग भी है और इसके ऊपर वन क्षेत्र में कूड़ा-कचरा भी फेंका जा रहा है। इसके साथ ही ऑर्बिटल रेलवे लाइन निर्माण से जुड़ी कंपनी का अस्थायी कार्यालय भी इसी क्षेत्र में है। कंपनी के कर्मचारी भी अब केमिकल की दुर्गंध से परेशान हैं।
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इस संबंध में वन विभाग के रेंज अधिकारी देव कुमार ने कहा कि मामला गंभीर है और संज्ञान में आते ही जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसके अलावा पहाड़ में बने अवैध रास्तों को जेसीबी मशीनों की मदद से बंद करवाया जाएगा ताकि दोबारा इस प्रकार की गतिविधियां न हो सकें।