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आफत की बारिश : आंधी, तूफान व ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
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दो दिन रुक-रुककर हुई बारिश ने किसानों की बढ़ाई चिंता, फसल पर पड़ी बारिश की मार
संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। महीने की शुरुआत से क्षेत्र में हो रही बेमौसम की बरसात तो पहले से ही किसानों के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी। लेकिन पिछले जो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
अभी तक प्रशासन एक मार्च को हुई बरसात व ओलावृष्टि से खराब हुई फसल का आकलन नहीं करवा पाया की, शुक्रवार की शाम अचानक तूफान के साथ हुई बरसात व ओलावृष्टि से गांव गढ़ी पट्टी भुलवाना सहित दर्जनों गांवों में किसानों की फसल खराब हो गई। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग से मिले आंकड़े के अनुसार, हसनपुर में सबसे अधिक आठ एमएम के साथ होडल में 5 एमएम व हथीन में एक एमएम जबकि पलवल व हथीन में तीन-तीन एमएम बरसात रिकॉर्ड की गई।
क्षेत्र में आंधी तूफान व बरसात के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसानों की रबी की फसल को लेकर उन्हें परेशानी में डाल दिया है। शुक्रवार की देर शाम मौसम में आए परिवर्तन के साथ बरसात के साथ तेज हवाओं के साथ हुई बरसात ओलावृष्टि से किसानों की फसल बर्बाद हो गई। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गांव गढ़ी पट्टी व भुलवाना के खेतों में खाड़ी किसानों की गेंहू सहित विभिन्न प्रकार की फसलों को ओलावृष्टि व बरसात से नुकसान हुआ। इसके अलावा अन्य गांव में तेज हवा से फसल पूरी तरह से जमीन पर लेट गई है।
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पिछली फसल का ब्यौरा नहीं हो रहा दर्ज : किसान
जिले के किसानों का कहना है कि 28 फरवरी-1 मार्च को हुई ओलावृष्टि से पलवल के करीब 120 गांवों में फसल का नुकसान हुआ था लेकिन क्षतिपूर्ति पोर्टल पर केवल 22-23 गांवों के नाम ही आ रहे हैं। इस कारण से अन्य गांवों के किसानों की फसल खराब होने का ब्यौरा दर्ज नहीं हो पा रहा है। वहीं, शुक्रवार को हुई बारिश से बची हुई फसल भी खराब हो गई है, इसको लेकर किसान काफी चिंतित हैं। किसानों के अनुसार अभी हसनपुर के गांव भैंडोली, डराना, फास्टकोनगर, घसेड़ा, गुलावद, हसनपुर, जटौली, कांवरका, खाम्बी, लिखी, माहोली, मीरपुर कोराली, मुर्तजाबाद, पिंगोड़, रामगढ़, सहनौली, टिकरी अलिआस भूपगढ़, वाली मोहम्मदपुर, मच्छीपुरा व पलवल तहसील के गांव बामनीखेड़ा, फुलवाड़ी, सेलोटी, टीकरी ब्राह्मण, बाता, रूंधी, रायदासका, हिदायतपुर, लाडिय़ाका, कुशक, बेला, काशीपुर, बिल्लौचपुर, कुरारा साहपुर, अमरपुर, जल्हाका, डाढौता, गोपीखेड़ा, मुस्तफाबाद, अतवा, अलावलपुर, सदरपुर, खजूरका, घाघौट, कटेसरा और होडल तहसील के गांव मित्रोल, औरंगाबाद, दीघोट, भिडूकी ही पोर्टल पर दिख रहे हैं। वहीं, अन्य गांवों का नाम पोर्टल पर नहीं आ रहे हैं।
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जिला प्रशासन को किसानों की बात को गंभीरता से लेना चाहिए। हमने कुछ दिन पहले उपायुक्त से मिलकर अपनी समस्या बताई थी। किसानों के लिए प्रशासन को जल्द कार्रवाई करने की जरूरत है। पिछली फसलों का मुआवजा मिलने में भी काफी परेशानी आ रही है। - किसान सिंह महेंद्र चौहान
यह समय गेंहू व सरसों के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। कई किसानों ने सरसों की फसल को काटकर रख लिया है व गेंहू की फसल काटने की तैयारी चल रही है। बारिश से फसल का काफी नुकसान हुआ है - शिव नारायण
सरकार को किसानों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। मुआवजे के अलावा कई सारी समस्याएं हैं। इसको लेकर हम लोगों ने प्रशासन को अवगत भी करवाया है। - रंजीत सहरावत
लगातार मौसम में परिवर्तन हो रहा है। पिछले कई दिन से मौसम अच्छा चल रहा था, लेकिन मौसम में आए अचानक परिवर्तन से बरसात से किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। - डॉ. वीरेंद्र आर्य, उपनिदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग
सरकार के अलावा जिला प्रशासन पूरी तरह किसानों के साथ है। गत सप्ताह से मौसम में परिवर्तन में आए परिवर्तन के कारण बरसात व ओलावृष्टि से किसानों की फसल खराब हुई है। इसके लिए सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया है। बाकी हल्का पटवारी को अपने-अपने क्षेत्र की रिपोर्ट जिला प्रशासन को देने के आदेश दिए गए। - डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ जिला उपायुक्त पलवल
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आंधी व बारिश से गिरा मकान, बाल-बाल बचा परिवार, दो लाख रुपये का नुकसान
हथीन। शहर से सटे गांव रींडका में आंधी और बारिश के कारण एक व्यक्ति का मकान गिर गया, जिससे पीड़ित परिवार को भारी नुकसान हुआ है। जानकारी के अनुसार, हथीन खंड के गांव रींडका में 13 मार्च की देर शाम लगभग सात बजे आई आंधी और बारिश के कारण बीरेंद्र का मकान ढह गया। मकान गिरने से परिवार को आर्थिक क्षति उठानी पड़ी, लेकिन सौभाग्यवश घर के अंदर मौजूद बीरेंद्र की पत्नी सविता और उनके दो बच्चे बाल-बाल बच गए। हालांकि, हादसे में उनकी भैंस को चोटें आई हैं।
पीड़ित बीरेंद्र ने बताया कि वह गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहा है। 13 मार्च की शाम आए इस तूफान और बारिश के कारण उनके मकान की चहारदीवारी को नुकसान पहुंचा। साथ ही 45 लोहे की चद्दर (टीन), एक बैड, एक टीवी, एक वॉशिंग मशीन, मकान का बीम और एक बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई। बीरेंद्र ने बताया कि हादसे के समय पत्नी सविता और दो बच्चे, निधि एवं यश, घर में मौजूद थे, लेकिन वे सुरक्षित बच गए। वहीं, उनकी भैंस को गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित ने सरकार से उचित मुआवजा देने की मांग की है। इस संदर्भ में बीडीपीओ नरेश कुमार ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं था, लेकिन अब जानकारी ली जा रही है। आवश्यक जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई कर पीड़ित को मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पलवल। महीने की शुरुआत से क्षेत्र में हो रही बेमौसम की बरसात तो पहले से ही किसानों के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी। लेकिन पिछले जो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश व ओलावृष्टि ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
अभी तक प्रशासन एक मार्च को हुई बरसात व ओलावृष्टि से खराब हुई फसल का आकलन नहीं करवा पाया की, शुक्रवार की शाम अचानक तूफान के साथ हुई बरसात व ओलावृष्टि से गांव गढ़ी पट्टी भुलवाना सहित दर्जनों गांवों में किसानों की फसल खराब हो गई। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग से मिले आंकड़े के अनुसार, हसनपुर में सबसे अधिक आठ एमएम के साथ होडल में 5 एमएम व हथीन में एक एमएम जबकि पलवल व हथीन में तीन-तीन एमएम बरसात रिकॉर्ड की गई।
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क्षेत्र में आंधी तूफान व बरसात के साथ हुई ओलावृष्टि ने किसानों की रबी की फसल को लेकर उन्हें परेशानी में डाल दिया है। शुक्रवार की देर शाम मौसम में आए परिवर्तन के साथ बरसात के साथ तेज हवाओं के साथ हुई बरसात ओलावृष्टि से किसानों की फसल बर्बाद हो गई। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गांव गढ़ी पट्टी व भुलवाना के खेतों में खाड़ी किसानों की गेंहू सहित विभिन्न प्रकार की फसलों को ओलावृष्टि व बरसात से नुकसान हुआ। इसके अलावा अन्य गांव में तेज हवा से फसल पूरी तरह से जमीन पर लेट गई है।
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पिछली फसल का ब्यौरा नहीं हो रहा दर्ज : किसान
जिले के किसानों का कहना है कि 28 फरवरी-1 मार्च को हुई ओलावृष्टि से पलवल के करीब 120 गांवों में फसल का नुकसान हुआ था लेकिन क्षतिपूर्ति पोर्टल पर केवल 22-23 गांवों के नाम ही आ रहे हैं। इस कारण से अन्य गांवों के किसानों की फसल खराब होने का ब्यौरा दर्ज नहीं हो पा रहा है। वहीं, शुक्रवार को हुई बारिश से बची हुई फसल भी खराब हो गई है, इसको लेकर किसान काफी चिंतित हैं। किसानों के अनुसार अभी हसनपुर के गांव भैंडोली, डराना, फास्टकोनगर, घसेड़ा, गुलावद, हसनपुर, जटौली, कांवरका, खाम्बी, लिखी, माहोली, मीरपुर कोराली, मुर्तजाबाद, पिंगोड़, रामगढ़, सहनौली, टिकरी अलिआस भूपगढ़, वाली मोहम्मदपुर, मच्छीपुरा व पलवल तहसील के गांव बामनीखेड़ा, फुलवाड़ी, सेलोटी, टीकरी ब्राह्मण, बाता, रूंधी, रायदासका, हिदायतपुर, लाडिय़ाका, कुशक, बेला, काशीपुर, बिल्लौचपुर, कुरारा साहपुर, अमरपुर, जल्हाका, डाढौता, गोपीखेड़ा, मुस्तफाबाद, अतवा, अलावलपुर, सदरपुर, खजूरका, घाघौट, कटेसरा और होडल तहसील के गांव मित्रोल, औरंगाबाद, दीघोट, भिडूकी ही पोर्टल पर दिख रहे हैं। वहीं, अन्य गांवों का नाम पोर्टल पर नहीं आ रहे हैं।
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जिला प्रशासन को किसानों की बात को गंभीरता से लेना चाहिए। हमने कुछ दिन पहले उपायुक्त से मिलकर अपनी समस्या बताई थी। किसानों के लिए प्रशासन को जल्द कार्रवाई करने की जरूरत है। पिछली फसलों का मुआवजा मिलने में भी काफी परेशानी आ रही है। - किसान सिंह महेंद्र चौहान
यह समय गेंहू व सरसों के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। कई किसानों ने सरसों की फसल को काटकर रख लिया है व गेंहू की फसल काटने की तैयारी चल रही है। बारिश से फसल का काफी नुकसान हुआ है - शिव नारायण
सरकार को किसानों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। मुआवजे के अलावा कई सारी समस्याएं हैं। इसको लेकर हम लोगों ने प्रशासन को अवगत भी करवाया है। - रंजीत सहरावत
लगातार मौसम में परिवर्तन हो रहा है। पिछले कई दिन से मौसम अच्छा चल रहा था, लेकिन मौसम में आए अचानक परिवर्तन से बरसात से किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। - डॉ. वीरेंद्र आर्य, उपनिदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग
सरकार के अलावा जिला प्रशासन पूरी तरह किसानों के साथ है। गत सप्ताह से मौसम में परिवर्तन में आए परिवर्तन के कारण बरसात व ओलावृष्टि से किसानों की फसल खराब हुई है। इसके लिए सरकार ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया है। बाकी हल्का पटवारी को अपने-अपने क्षेत्र की रिपोर्ट जिला प्रशासन को देने के आदेश दिए गए। - डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ जिला उपायुक्त पलवल
आंधी व बारिश से गिरा मकान, बाल-बाल बचा परिवार, दो लाख रुपये का नुकसान
हथीन। शहर से सटे गांव रींडका में आंधी और बारिश के कारण एक व्यक्ति का मकान गिर गया, जिससे पीड़ित परिवार को भारी नुकसान हुआ है। जानकारी के अनुसार, हथीन खंड के गांव रींडका में 13 मार्च की देर शाम लगभग सात बजे आई आंधी और बारिश के कारण बीरेंद्र का मकान ढह गया। मकान गिरने से परिवार को आर्थिक क्षति उठानी पड़ी, लेकिन सौभाग्यवश घर के अंदर मौजूद बीरेंद्र की पत्नी सविता और उनके दो बच्चे बाल-बाल बच गए। हालांकि, हादसे में उनकी भैंस को चोटें आई हैं।
पीड़ित बीरेंद्र ने बताया कि वह गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन कर रहा है। 13 मार्च की शाम आए इस तूफान और बारिश के कारण उनके मकान की चहारदीवारी को नुकसान पहुंचा। साथ ही 45 लोहे की चद्दर (टीन), एक बैड, एक टीवी, एक वॉशिंग मशीन, मकान का बीम और एक बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई। बीरेंद्र ने बताया कि हादसे के समय पत्नी सविता और दो बच्चे, निधि एवं यश, घर में मौजूद थे, लेकिन वे सुरक्षित बच गए। वहीं, उनकी भैंस को गंभीर चोटें आई हैं। पीड़ित ने सरकार से उचित मुआवजा देने की मांग की है। इस संदर्भ में बीडीपीओ नरेश कुमार ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं था, लेकिन अब जानकारी ली जा रही है। आवश्यक जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई कर पीड़ित को मुआवजा दिलाने का प्रयास किया जाएगा।