पलवल। भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) की जिला इकाई के तत्वावधान में बुधवार को लघु सचिवालय के सामने निजी स्कूलों के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान शिक्षा विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। यूनियन के जिलाध्यक्ष ऋषिपाल चौहान के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में निजी स्कूलों द्वारा ड्रेस, किताबें और अन्य सामान के नाम पर ली जाने वाली मनमानी धनराशि का विरोध किया गया।
ऋषिपाल चौहान ने कहा कि निजी स्कूलों द्वारा शिक्षा का व्यवसायीकरण किया जा रहा है। स्कूल संचालकों द्वारा फीस, किताबें और ड्रेस के नाम पर लूट की जा रही है। अभिभावकों पर बेवजह दबाव बनाया जा रहा है। नियमों की अवहेलना करने वाले निजी स्कूलों पर शिक्षा विभाग की तरफ से कानूनी कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिला प्रशासन मूकदर्शक बनकर देख रहा है। यूनियन की मांग है कि निजी स्कूलों में निजी किताबें बंद कर एनसीआटी की किताबें लागू की जाएं। निजी स्कूलों में 134 ए के तहत गरीब बच्चों को दाखिला दिया जाए। स्कूलों में खेल का मैदान होना चाहिए। जिस स्कूल को जितनी मान्यता है, उतने तक ही कक्षाएं चलानी चाहिए। स्कूलों के पास फायर एनओसी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमों की अवहेलना करने वाले स्कूलों के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) की तरफ से आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर राहुल तंवर, सुरेंद्र तेवतिया, राकेश शर्मा, रविंद्र पाहिल, सुरेंद्र चौधरी, हरिओम शर्मा, मुकेश कुमार, इंद्रजीत कुंडू, लाल सिहं कुंडू, रणवीर किशोरपुर, करतार सिहं मढनाका, राजेश रावत बहीन मुख्य रूप से मौजूद थे।