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Palwal News: 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 01 Nov 2026 12:12 AM IST
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Demand for compensation of Rs 50,000 per acre
संवाद न्यूज एजेंसी
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नूंह। इंडियन नेशनल लोकदल के जिलाध्यक्ष ताहिर हुसैन ने प्रदेश के 16 जिलों में हुई बारिश से मंडियों में खुले आसमान के नीचे पड़े धान और खेतों में खड़ी फसलों को हुए नुकसान पर चिंता जताई है। उन्होंने इसके लिए भाजपा सरकार और प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।

ताहिर हुसैन ने कहा कि मंडियों में धान की बोरियां खुले में पड़ी होने के कारण बारिश से फसल भींग गई है। इससे धान के अंकुरित होने और गुणवत्ता खराब होने का खतरा बढ़ गया है। किसान पहले ही खरीद और उठान में देरी से परेशान हैं। मौसम विभाग की ओर से बारिश की चेतावनी के बावजूद सरकार ने धान को सुरक्षित रखने के पुख्ता इंतजाम नहीं किए। उन्होंने कहा कि किसानों को प्राकृतिक आपदा के साथ सरकारी अव्यवस्थाओं का भी खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
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उन्होंने सरकार से सभी प्रभावित जिलों में तुरंत विशेष गिरदावरी करवाने की मांग की। साथ ही खेतों में खड़ी और कटाई के बाद खराब हुई फसल के लिए 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने तथा मंडियों में भीगे धान का आकलन कर प्रभावित किसानों को वास्तविक नुकसान के आधार पर भरपाई करने की मांग उठाई।
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वहीं, गन्ने के समर्थन मूल्य में 15 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी पर उन्होंने कहा कि यह किसानों के साथ पर्याप्त राहत नहीं है। खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में गन्ने का भाव कम से कम 500 रुपये प्रति क्विंटल किया जाना चाहिए।
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