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प्रदेश में लगी है धारा 144, रेलवे स्टेशन पर बर्बाद हो रहा पानी

Sat, 14 May 2016 04:35 PM IST
palwal
palwal Updated Sat, 14 May 2016 04:35 PM IST
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water waiste in railway station
स्टेशन पर बह रहा पानी

पलवल के रेलवे स्टेशन पर जल संरक्षण अभियान को बट्टा लग रहा है। प्लेटफार्मों पर लगी पेयजल की टूटियां टूटी पड़ी हैं, जिसके कारण प्रतिदिन कई लीटर पानी रोजाना बर्बाद हो रहा है। अधिकारी फिर भी बेपरवाह बने हुए हैं। यह हालात जब है, जबकि प्रदेश में इस समय पानी की बर्बादी को लेकर धारा-144 लगी हुई है। 

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देश व प्रदेश में कई स्थानों पर लोग पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। पेयजल संकट राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी समस्या के रूप में उभर कर सामने आया है। देश की सर्वोच्च न्यायालय ने भी पानी पर चिंता जाहिर करते हुए राज्य व केंद्र सरकार को तलब किया। न्यायालय की सख्ती के चलते प्रदेश सरकार ने जो रिपोर्ट सौंपी, उसके हिसाब से पलवल सहित हरियाणा के 12 जिले आंशिक सूखे की चपेट में हैं। 
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अदालत के सख्त रुख को देखते हुए अब सरकारें भी जल संरक्षण की तरफ ध्यान लगाने की बात कर रही है। हरियाणा सरकार ने पानी की बर्बादी करने वालों पर सीआरपीसी की धारा 144 के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हुए हैं, लेकिन सरकारी फरमान किस तरह हवा में उड़ते हैं, यह रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर देखा जा सकता है।
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 यहां यात्रियों के पीने के लिए लगी एक टंकी पर टैप (टूटी) ही नहीं है। इसमें यहां हर समय पानी बहता रहता है। ऐसा नहीं है कि इस बारे में रेलवे के अधिकारियों को पता न हो।

अमर उजाला ने भी स्टेशन पर कार्यरत अधिकारियों से इस संबंध में शिकायत की, लेकिन उन्हें ऐसे तर्क मिले, कि एक-बार तो कोई भी सोचने पर मजबूर हो जाए। अधिकारी से जब समस्या के बारे में कहा गया तो वह बोले कि उन्हें भी दिख रहा है कि कई दिनों से पानी बह रहा है, लेकिन वे तो यहां टूटियां लगवा-लगवा कर परेशान हो गए हैं। लोगों की ऐसी आदत है कि वह टूटियों को उखाड़ कर ले जाते हैं। इसके अलावा भी उन्होंने कई तर्क पेश किए। 

 
- पेयजल बर्बादी की बात उनके भी संज्ञान में है। पहले भी शरारती लोग टूटियों को उखाड़ गए थे, उन्हें भी बदलवाया गया है। पानी की जिन टंकियों पर टैप (टूटी) नहीं है, उसके लिए संबंधित अधिकारियों से कहा जाएगा। पानी की बर्बादी न हो इसका पूरा प्रयास किया जाएगा। 
- केबी मीणा, स्टेशन मास्टर, पलवल। 
 
क्या है धारा-144
यह एक प्रकार की निषेधाज्ञा है, जिसके तहत पानी बर्बाद करना अपराध है। ऐसे व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। 

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