{"_id":"5915a0a54f1c1ba74a851b06","slug":"sujashan-ally-accused-of-seeking-bribe-filed-the-case","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुशासन सहयोगी पर रिश्वत मांगने का आरोप, केस दर्ज, दूसरे पक्ष ने भी दर्ज कराया","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
सुशासन सहयोगी पर रिश्वत मांगने का आरोप, केस दर्ज, दूसरे पक्ष ने भी दर्ज कराया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 12 May 2017 05:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एक अधिवक्ता की शिकायत पर कैंप पुलिस ने मुख्यमंत्री के सुशासन सहयोगी गौरव के खिलाफ ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की एवज में 500 रुपये रिश्वत मांगने व कमरे में बंधक बनाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस इस मामले की जांच में जुट गई है। दूसरे पक्ष ने भी केस दर्ज करा दिया।
जांच अधिकारी मेहरचंद के अनुसार गांव बहरोला निवासी वकील राकेश भारद्वाज ने शिकायत दर्ज कराई है कि 21 अप्रैल को वह अपने दोस्त जितेंद्र के साथ अपनी पत्नी का ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए लघु सचिवालय में फोटो खिंचवाने और फाइल को जमा कराने के गए थे। शिकायत में कहा गया है कि कमरे के अंदर सुशासन सहयोगी गौरव ने उनसे फाइल जमा कराने की एवज में 500 रुपये की रिश्वत मांगी और विरोध करने पर उन्हें, उनकी पत्नी व दोस्त को कमरे में बंद करके चला गया। बाद में उसके साथी वकीलों ने उन्हें मुक्त कराया। पुलिस ने उनकी शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। वहीं इस बारे में सुुशासन सहयोगी गौरव का कहना है कि उन पर गलत आरोप लगाया जा रहा है। उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सच्चाई पता चल जाएगी।
-----------------
क्या है सुशासन सहयोगी
प्रशासनिक कार्यों पर नजर रखने व अधिकारियों के साथ बैठकर सरकार की योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रदेश के हर जिले में सुशासन सहयोगी नियुक्त किए हैं। यह जिला मुख्यालय पर बैठकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठकर सरकार की योजनाओं को सिरे चढ़वाने का काम करते हैं। प्रदेश में नियुक्त किए गए सुशासन सहयोगी मास्टर डिग्री पास हैं। जिलों में लगाए गए सुशासन सहयोगियों में से कई तो दूसरे प्रदेशों से हैं, जो कहीं न कहीं आईटी इंडस्ट्री में थे या फिर किसी बड़ी कंपनियों में उच्च पदों पर थे। सरकार इन्हें मानदेय भी देती है। यह सुशासन सहयोगी प्रशासन के साथ मिलकर योजनाओं पर तो काम करते ही हैं, साथ ही कौशल विकास केंद्रों को बढ़ावा देेने के लिए भी काम करते हैं।
विज्ञापन
----------
अधिवक्ता व सुशासन सहयोगी के बीच हुए विवाद में पुलिस ने दूसरी तरफ से अधिवक्ता के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है, जबकि अधिवक्ता की तरफ से पुलिस पहले से ही सुशासन सहयोगी के खिलाफ मामला दर्ज कर चुकी है। ज्ञात रहे कि गांव बहरोला निवासी अधिवक्ता राकेश भारद्वाज ने अपनी पत्नी के ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की एवज में सुशासन सहयोगी गौरव पर 500 रुपये की रिश्वत मांगने व अपशब्दों का प्रयोग कर उन्हें कमरे में बंधक बनाकर फरार होने का मामला दर्ज कराया था। वहीं दूसरी तरफ से सुशासन सहयोगी गौरव ने अधिवक्ता राकेश पर मामला दर्ज कराया है कि अधिवक्ता राकेश अपनी पत्नी को बगैर इजाजत लिए कमरे के अंदर घुस आया और गौरव के विरोध करने पर अपशब्दों का प्रयोग किया और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने दोनों तरफ से शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
विज्ञापन
जांच अधिकारी मेहरचंद के अनुसार गांव बहरोला निवासी वकील राकेश भारद्वाज ने शिकायत दर्ज कराई है कि 21 अप्रैल को वह अपने दोस्त जितेंद्र के साथ अपनी पत्नी का ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए लघु सचिवालय में फोटो खिंचवाने और फाइल को जमा कराने के गए थे। शिकायत में कहा गया है कि कमरे के अंदर सुशासन सहयोगी गौरव ने उनसे फाइल जमा कराने की एवज में 500 रुपये की रिश्वत मांगी और विरोध करने पर उन्हें, उनकी पत्नी व दोस्त को कमरे में बंद करके चला गया। बाद में उसके साथी वकीलों ने उन्हें मुक्त कराया। पुलिस ने उनकी शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। वहीं इस बारे में सुुशासन सहयोगी गौरव का कहना है कि उन पर गलत आरोप लगाया जा रहा है। उनका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सच्चाई पता चल जाएगी।
विज्ञापन
-----------------
क्या है सुशासन सहयोगी
प्रशासनिक कार्यों पर नजर रखने व अधिकारियों के साथ बैठकर सरकार की योजनाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रदेश के हर जिले में सुशासन सहयोगी नियुक्त किए हैं। यह जिला मुख्यालय पर बैठकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठकर सरकार की योजनाओं को सिरे चढ़वाने का काम करते हैं। प्रदेश में नियुक्त किए गए सुशासन सहयोगी मास्टर डिग्री पास हैं। जिलों में लगाए गए सुशासन सहयोगियों में से कई तो दूसरे प्रदेशों से हैं, जो कहीं न कहीं आईटी इंडस्ट्री में थे या फिर किसी बड़ी कंपनियों में उच्च पदों पर थे। सरकार इन्हें मानदेय भी देती है। यह सुशासन सहयोगी प्रशासन के साथ मिलकर योजनाओं पर तो काम करते ही हैं, साथ ही कौशल विकास केंद्रों को बढ़ावा देेने के लिए भी काम करते हैं।
विज्ञापन
----------
अधिवक्ता व सुशासन सहयोगी के बीच हुए विवाद में पुलिस ने दूसरी तरफ से अधिवक्ता के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है, जबकि अधिवक्ता की तरफ से पुलिस पहले से ही सुशासन सहयोगी के खिलाफ मामला दर्ज कर चुकी है। ज्ञात रहे कि गांव बहरोला निवासी अधिवक्ता राकेश भारद्वाज ने अपनी पत्नी के ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की एवज में सुशासन सहयोगी गौरव पर 500 रुपये की रिश्वत मांगने व अपशब्दों का प्रयोग कर उन्हें कमरे में बंधक बनाकर फरार होने का मामला दर्ज कराया था। वहीं दूसरी तरफ से सुशासन सहयोगी गौरव ने अधिवक्ता राकेश पर मामला दर्ज कराया है कि अधिवक्ता राकेश अपनी पत्नी को बगैर इजाजत लिए कमरे के अंदर घुस आया और गौरव के विरोध करने पर अपशब्दों का प्रयोग किया और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने दोनों तरफ से शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।