{"_id":"591ddaf14f1c1b8b51f24be0","slug":"statue-stress-of-dr-bhimrao-ambedkar-suddenly-disappeared","type":"story","status":"publish","title_hn":" अचानक गायब हुई डा. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा, तनाव","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अचानक गायब हुई डा. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा, तनाव
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 18 May 2017 11:05 PM IST
विज्ञापन
ambedkar
- फोटो : amarujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव ताराका में 40 दिन पहले जोहड़ के बीच में लगाई गई डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा अचानक गायब हो गई है। इस कारण से गांव में तनाव हो गया है। तनाव की इस स्थिति को काबू रखने के लिए पुलिस विभाग ने फिलहाल रिजर्व पुलिस फोर्स बुलवाकर गांव में तैनात कर दिया है। इस फोर्स के 10-10 पुलिसकर्मी दिन और रात में तैनात रहेंगे। यह पूरी तरह हथियारों से लैस होंगे, जिससे हर स्थिति से आसानी से निपट सकें।
विज्ञापन
अचानक हुई इस घटना ने पुलिस और प्रशासन की सिरदर्दी बढ़ा दी है। वैसे लोग इस घटना को वर्तमान सरपंच व पंचायत चुनावों में उम्मीदवार रहे एक दूसरे गुट की आपसी खींचतान का मामला बता रहे हैं। फिर भी पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी इस घटना के बाद पूरी तरह सतर्क हैं। बताया जा रहा है कि गत आठ अप्रैल को सरपंच के खिलाफ वाले दूसरे गुट ने गांव की 37 नंबर जोहड़ के बीच में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित कर दी थी।
विज्ञापन
उस समय इस बात को लेकर प्रतिमा लगाने वाले गुट व सरपंच गुट के बीच काफी खींचतान हुई थी। इसके बाद सरपंच ने इस मामले की शिकायत बीडीपीओ, प्रशासन तथा पुलिस के आला अधिकारियों से की थी। सरपंच का कहना था कि जोहड़ के बीच में डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा लगाकर विवाद पैदा किया जा रहा है। इसके लिए पंचायत से कोई अनुमति नहीं ली गई। सरपंच की इस शिकायत पर प्रशासन की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई और मामला लटका रहा। अब बुधवार की देर रात अचानक प्रतिमा गायब हो गई।
विज्ञापन
सुबह जब लोगों ने प्रतिमा गायब देखी तो वहां तनाव की स्थिति बन गई। प्रतिमा के गायब होने की सूचना सरपंच गुट व दूसरे गुट द्वारा पुलिस को दे दी गई। सरपंच ने शिकायत में कहा कि इस प्रतिमा को लगाने वाले गुट राजेश, विजय, खिच्चू, लेखी व उनके साथियों ने ही प्रतिमा गायब की है, ताकि गांव में तनाव बढ़े। उन्होंने आरोप लगाया है कि राजेश गुट पंचायत चुनावों में हुई हार के बाद से ही गांव में तनाव बनाने के प्रयास में है। जबकि राजेश गुट का पुलिस में दी गई शिकायत में कहना है कि उन्हें फंसाने के लिए प्रतिमा गायब की गई है। उन पर सरपंच पक्ष द्वारा झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।
उधर इस घटना की जानकारी जैसे ही पुलिस व प्रशासन को मिली तो चांदहट थाना प्रभारी संदीप मोर पुलिस बल के साथ गांव ताराका में पहुंच गए तथा वहां दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया। काफी देर तक पंचायत भी चली, लेकिन मामला हल नहीं हुआ। भारी तनाव को देखते हुए डीएसपी अभिमन्यु लोहान भी वहां पहुंच गए तथा वहां पुलिस की रिजर्व फोर्स तैनात कर दी। डीएसपी लोहान व थाना प्रभारी संदीप मोर का कहना है कि इस मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल तनाव की स्थिति को देखते पुलिस व प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।