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दहेज लेने व तेज संगीत बजाने पर लगाया प्रतिबंध
Updated Mon, 20 Aug 2018 11:20 PM IST
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तेज संगीत बजाने और दहेज लेने पर प्रतिबंध
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। सामाजिक कुरीतियों को लेकर सोमवार को बघेल सभा हरियाणा के तत्वावधान में पाल बघेल समाज की पंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लोगों ने हिस्सा लिया। पंचायत में दहेज पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया। किसी कार्यक्रम में तेज संगीत बजाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया। मृत्यु भोज जैसी बुराइयों पर प्रतिबंध लगाने की स्वीकृति दी गई।
निर्णय लिया गया कि होने वाली रस्मों में केवल घर के लोग और रिश्तेदार होंगे। नकद केवल एक रुपया लिया जाएगा। बारात में केवल 101 लोग जाएंगे तथा शादी दिन में होगी। कोई वाहन नहीं दिया जाएगा। मृत्यु होने पर शव पर चादर नहीं चढ़ाई जाएगी। लोग घी या सामग्री ले जा सकते हैं। शोक दिवस 12-13 दिन की बजाए चार से सात दिन किया जा सकता है। बघेल सभा हरियाणा के प्रधान होती लाल आर्य ने बताया कि पंचायत में समाज में फैली कुरीतियों और अंधविश्वास जैसी बुराइयों को छोड़कर शिक्षा एवं संस्कार देने पर बल दिया गया। इस अवसर पर महासचिव भूप सिंह, कोषाध्यक्ष रामकिशन मौजूद थे। संचालन डॉ.दया किशन बघेल ने किया।
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। सामाजिक कुरीतियों को लेकर सोमवार को बघेल सभा हरियाणा के तत्वावधान में पाल बघेल समाज की पंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लोगों ने हिस्सा लिया। पंचायत में दहेज पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया। किसी कार्यक्रम में तेज संगीत बजाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया। मृत्यु भोज जैसी बुराइयों पर प्रतिबंध लगाने की स्वीकृति दी गई।
निर्णय लिया गया कि होने वाली रस्मों में केवल घर के लोग और रिश्तेदार होंगे। नकद केवल एक रुपया लिया जाएगा। बारात में केवल 101 लोग जाएंगे तथा शादी दिन में होगी। कोई वाहन नहीं दिया जाएगा। मृत्यु होने पर शव पर चादर नहीं चढ़ाई जाएगी। लोग घी या सामग्री ले जा सकते हैं। शोक दिवस 12-13 दिन की बजाए चार से सात दिन किया जा सकता है। बघेल सभा हरियाणा के प्रधान होती लाल आर्य ने बताया कि पंचायत में समाज में फैली कुरीतियों और अंधविश्वास जैसी बुराइयों को छोड़कर शिक्षा एवं संस्कार देने पर बल दिया गया। इस अवसर पर महासचिव भूप सिंह, कोषाध्यक्ष रामकिशन मौजूद थे। संचालन डॉ.दया किशन बघेल ने किया।
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