फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Palwal News ›   Chhath festival: Purvanchal society busy in preparations, atmosphere of excitement and enthusiasm in the district

छठ महापर्व : तैयारियों में जुटा पूर्वांचल समाज, जिले में उत्साह और उमंग का माहौल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 04 Nov 2024 11:01 PM IST
विज्ञापन
Chhath festival: Purvanchal society busy in preparations, atmosphere of excitement and enthusiasm in the district
पांच से आठ नवंबर तक आयोजित होगा, घाट की सफाई व सजावट में जुटे लोग
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी

पलवल। दिवाली के बाद जिले में छठ महापर्व की तैयारियां जोरों पर हैं। पूर्वांचल के लोगों में इस चार दिवसीय पावन पर्व को लेकर खासा उत्साह है, जो इस बार 5 से 8 नवंबर तक आयोजित होगा। पलवल के अगवानपुर गांव स्थित छठ घाट पर मुख्य आयोजन किया जाएगा। जहां घाट की सफाई और सजावट में समिति के सदस्य जुटे हुए हैं। दिवाली के बाद शुरू हुए छठ महापर्व की तैयारियों ने जिले भर में उत्साह और उमंग का माहौल पैदा कर दिया है। पूर्वांचल जनकल्याण समिति की अगुवाई में पलवल के अगवानपुर गांव स्थित छठ घाट पर महापर्व के आयोजन की जोरदार तैयारियां हो रही हैं। समिति के सदस्यों ने रविवार से ही घाट की सफाई शुरू कर दी है और घाट को छठ पूजा के अनुकूल बनाने के लिए विशेष सजावट की जा रही है। जिले के विभिन्न हिस्सों से पूर्वांचल समुदाय के लोग इस पर्व में शामिल होने आते हैं, जिनमें से अधिकतर लोग मजदूरी कर जीवन यापन करते हैं।

समिति द्वारा एफसीआई गेट के बाहर अस्थायी स्टॉल लगाया जाएगा, जहां पूजा में प्रयोग होने वाली सभी आवश्यक सामग्रियां व्रतियों के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी। इसमें नहाय-खाय, खरना और संध्या अर्घ्य की पूजा के लिए लौकी, चना दाल, हरी मिर्च, गुड़, चावल, आटा, हल्दी, मिट्टी के दीपक, और अन्य पूजा सामग्री शामिल हैं। ये सामग्रियां चार नवंबर को उपलब्ध होंगी, ताकि व्रती बिना किसी असुविधा के अपने घर पर पूजन की तैयारियां कर सकें।
विज्ञापन


आयोजन के दिन और कार्यक्रम

छठ पूजा का पहला दिन, जिसे नहाय-खाय के रूप में मनाया जाता है, इस बार पांच नवंबर को होगा। इस दिन व्रतधारी लोग पवित्र जल में स्नान कर पूजा की शुरुआत करते हैं। अगले दिन छह नवंबर को खरना का आयोजन किया जाएगा, जिसमें व्रती दिन भर उपवास रखकर शाम को गुड़ और चावल का प्रसाद ग्रहण करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


छठ पूजा का मुख्य दिन, जिसे संध्या अर्घ्य के नाम से जाना जाता है, सात नवंबर को होगा। इस दिन व्रतधारी महिलाएं डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करती हैं। अंतिम दिन आठ नवंबर को उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा संपन्न होती है। इसके बाद व्रतधारी अपना व्रत खोलते हैं और प्रसाद ग्रहण करते हैं।


आयोजन में सहयोग और श्रद्धा का भाव

इस पावन पर्व के अवसर पर जिले भर में पूर्वांचल समुदाय के हजारों लोग एकजुट होते हैं, जिससे आपसी मेलजोल और सहयोग का वातावरण बनता है। पूर्वांचल जनकल्याण समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि आयोजन को सफल बनाने के लिए जगह-जगह सेवा दल भी तैनात रहेंगे, जो व्रतियों की सहायता के लिए तत्पर होंगे। इस महापर्व में शामिल होने के लिए हथीन और होडल जैसे आसपास के क्षेत्रों से भी लोग आते हैं। पर्व के माध्यम से जिले में सांस्कृतिक विविधता और एकता का संदेश फैलता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed