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छांयसा और मठेपुर गांव बाढ़ से बेहाल : 100 से अधिक घरों में घुसा पानी, 15 हजार की आबादी संकट में

Mon, 08 Sep 2025 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल
संवाद न्यूज एजेंसी, पलवल Updated Mon, 08 Sep 2025 11:05 PM IST
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Chhanyasa and Mathepur villages are in trouble due to flood: Water entered more than 100 houses, population of 15 thousand in trouble.
हथीन। उपमंडल हथीन के दो बड़े गांव छांयसा और मठेपुर इन दिनों गंभीर बाढ़ संकट से जूझ रहे हैं। दोनों गांवों में हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि 100 से अधिक घरों में पानी घुस चुका है और करीब 15 हजार की आबादी प्रभावित हो गई है। तीन हजार एकड़ से अधिक कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है। ग्रामीणों को घर छोड़कर पलायन तक करना पड़ रहा है, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से अब तक न तो राहत सामग्री पहुंचाई गई है और न ही पानी निकासी के ठोस कदम उठाए गए हैं।
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मठेपुर गांव के हालात बेहद खराब हैं। ग्रामीण आशु, अली, मुफीद, हारून, जाकिर और रफीक ने बताया कि पूरे गांव की फिरनी पर पानी खड़ा है और 50 से अधिक घर जलमग्न हो चुके हैं। यहां तक कि गांव के स्कूल में भी पानी भरा हुआ है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्राम पंचायत के सरपंच अल्ताफ ने कहा कि पंचायत के पास सीमित आय के साधन हैं। पानी निकालने के लिए जोहड़ पर मोटर पंप लगाया गया है, लेकिन निकासी पूरी तरह संभव नहीं हो पा रही। उन्होंने सिंचाई विभाग और प्रशासन से लगातार गुहार लगाई है, मगर राहत अभी तक नहीं मिली।
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छांयसा गांव के हालात भी भयावह

इसी तरह छांयसा गांव में भी हालात भयावह बने हुए हैं। यहां 60 से अधिक घरों में पानी घुस चुका है। प्रभावित परिवारों में ज्ञान सिंह, रामवीर सिंह, ओमपाल, हाकम, रूस्तम, आसिफ, फतेह मोहम्मद और कृष्ण देवकरण जैसे ग्रामीण शामिल हैं। उन्होंने बताया कि घरों में पानी भरने से भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीण रामेश्वर सिंह ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि गुरुग्राम नहर के दोनों ओर मछली पालन के लिए बनाए गए तालाबों से ठेकेदार लगातार नहरी पानी चोरी कर रहे हैं। अब बरसाती पानी भी इसमें मिल गया है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। उन्होंने मांग की कि इस पानी चोरी को रोककर तुरंत समाधान किया जाए।
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प्रशासन पर उपेक्षा के आरोप

छांयसा गांव के सरपंच इस्लाम ने बताया कि हालात की जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंचाई जा चुकी है और अधिकारी गांव का दौरा भी कर चुके हैं। बावजूद इसके, प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। प्रभावित परिवार अब भी राहत सामग्री से वंचित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द पानी निकासी नहीं हुई तो जलजनित रोग फैल सकते हैं और स्थिति और भयावह हो जाएगी।

विधायक और सिंचाई विभाग हरकत में

स्थानीय विधायक मोहम्मद ईसराईल चौधरी ने भी इस मामले पर संज्ञान लिया है। उन्होंने सिंचाई विभाग के एसडीओ मोहम्मद रियाज और नसीम से बात कर दोनों गांवों से पानी निकासी के स्थायी उपाय करने के निर्देश दिए हैं। सिंचाई विभाग के एसडीओ मोहम्मद रियाज ने आश्वासन दिया है कि पानी निकासी के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है और जल्द ही इसका असर दिखने लगेगा। उन्होंने यह भी बताया कि नहरी पानी चोरी को रोकने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।


ग्रामीणों की आशंका, बीमारियों का खतरा

दोनों गांवों में कई दिनों से पानी जमा है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों की हालत सबसे अधिक खराब है। अगर प्रशासन ने जल्द ही पानी निकासी और राहत कार्य शुरू नहीं किए तो हालात और भी बिगड़ सकते हैं। गौरतलब है कि हर साल बरसात के मौसम में हथीन क्षेत्र के कई गांवों को बाढ़ जैसी स्थिति का सामना करना पड़ता है। लेकिन इस बार छांयसा और मठेपुर गांवों में हालात सबसे गंभीर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन समय रहते ठोस कदम उठाता तो स्थिति इतनी खराब नहीं होती। अब पूरा गांव प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहा है।
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