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Palwal News: जिला अस्पताल में हुई वित्तीय गड़बड़ी के मामले में कार्रवाई अटकी
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। चार महीने से जिला अस्पताल की पूर्व महिला सीएमएस से संबंधित वित्तीय गड़बड़ी के मामले में कार्रवाई नहीं हुई है। टेंडर में मनमानी सहित अन्य वित्तीय धांधली से संबंधित जांच रिपोर्ट मेरठ के अपर निदेशक ने स्वास्थ्य निदेशालय को भेज दी।
जिला अस्पताल में मरीजों के भोजन, पार्किंग टेंडर, लिफ्ट रखरखाव और इलेक्ट्रिक से संबंधित टेंडर में धांधली सामने आई थी। शिकायत पर मेरठ मंडल अपर निदेशक की टीम ने जांच की थी। सभी मामलों में पूर्व सीएमएस को गलत बताया गया था। इसकी रिपोर्ट अप्रैल महीने में स्वास्थ्य निदेशालय को सौंप दी गई थी। इसके बाद से अब तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पिछले तीन साल में जिला अस्पताल में गलत तरीके से टेंडर कर करोड़ों रुपये की हेराफेरी का आरोप है। इससे संबंधित कई शिकायतें शासन से की गई थीं। जिला अस्पताल में कई ऐसे कर्मचारियों को दोबारा नौकरी दी गई, जिन पर मेडिकल रिपोर्ट बनाने के नाम पर हजारों रुपये लेने का वीडियो वायरल हुआ था और जांच भी हुई थी। मामला बढ़ता देख कर्मचारी को हटा दिया गया था। टेंडर में गड़बड़ियों की शिकायतों के आधार पर शासन ने ही जांच टीम गठित की थी, इसमें सभी टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी पाई गई थी। इस बारे में महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं हो पाई।
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वान्या दीक्षित
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नोएडा। चार महीने से जिला अस्पताल की पूर्व महिला सीएमएस से संबंधित वित्तीय गड़बड़ी के मामले में कार्रवाई नहीं हुई है। टेंडर में मनमानी सहित अन्य वित्तीय धांधली से संबंधित जांच रिपोर्ट मेरठ के अपर निदेशक ने स्वास्थ्य निदेशालय को भेज दी।
जिला अस्पताल में मरीजों के भोजन, पार्किंग टेंडर, लिफ्ट रखरखाव और इलेक्ट्रिक से संबंधित टेंडर में धांधली सामने आई थी। शिकायत पर मेरठ मंडल अपर निदेशक की टीम ने जांच की थी। सभी मामलों में पूर्व सीएमएस को गलत बताया गया था। इसकी रिपोर्ट अप्रैल महीने में स्वास्थ्य निदेशालय को सौंप दी गई थी। इसके बाद से अब तक मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पिछले तीन साल में जिला अस्पताल में गलत तरीके से टेंडर कर करोड़ों रुपये की हेराफेरी का आरोप है। इससे संबंधित कई शिकायतें शासन से की गई थीं। जिला अस्पताल में कई ऐसे कर्मचारियों को दोबारा नौकरी दी गई, जिन पर मेडिकल रिपोर्ट बनाने के नाम पर हजारों रुपये लेने का वीडियो वायरल हुआ था और जांच भी हुई थी। मामला बढ़ता देख कर्मचारी को हटा दिया गया था। टेंडर में गड़बड़ियों की शिकायतों के आधार पर शासन ने ही जांच टीम गठित की थी, इसमें सभी टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी पाई गई थी। इस बारे में महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं हो पाई।
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वान्या दीक्षित