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Palwal News: सामाजिक कुरीतियां दूर करने का संकल्प
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संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और शादी-विवाह में होने वाली फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के उद्देश्य से रविवार को होडल में बाल्मीकि समाज की महापंचायत आयोजित की गई। इसमें पलवल, फरीदाबाद, नूंह, गुरुग्राम, रेवाड़ी, मथुरा और अलीगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों से समाज के लोगों ने भाग लिया। महापंचायत में भ्रूण हत्या, नशाखोरी, दहेज प्रथा और अमर्यादित रस्मों को बंद करने पर सहमति जताई गई।
महापंचायत में शादी-विवाह सहित विभिन्न सामाजिक आयोजनों की 15 रस्मों के लिए नियम निर्धारित किए गए। इनमें सगाई, गोद भराई, लग्न, भात, बरात, कन्यादान और छूछक जैसी रस्मों में लोगों की संख्या और शगुन की राशि तय की गई। बारात में अधिकतम 51 लोगों के जाने, कन्यादान की अधिकतम राशि 11 हजार रुपये रखने और विवाह में वाहन या अन्य महंगे सामान देने पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा मृत्यु भोज बंद करने और शोक के अवसर पर भी भोज नहीं कराने पर सहमति बनी।
महापंचायत में छह सितंबर को मिंडकौला में 52 पाल की पंचायत में लिए गए सामाजिक सुधार के निर्णयों को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। समाज के लोगों ने सर्वसम्मति से लिए गए फैसलों को केवल चर्चा तक सीमित न रखकर परिवारों और गांवों में लागू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से समाज को शिक्षित, संगठित और कुरीतियों से मुक्त बनाया जा सकेगा।
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होडल। सामाजिक कुरीतियों को दूर करने और शादी-विवाह में होने वाली फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के उद्देश्य से रविवार को होडल में बाल्मीकि समाज की महापंचायत आयोजित की गई। इसमें पलवल, फरीदाबाद, नूंह, गुरुग्राम, रेवाड़ी, मथुरा और अलीगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों से समाज के लोगों ने भाग लिया। महापंचायत में भ्रूण हत्या, नशाखोरी, दहेज प्रथा और अमर्यादित रस्मों को बंद करने पर सहमति जताई गई।
महापंचायत में शादी-विवाह सहित विभिन्न सामाजिक आयोजनों की 15 रस्मों के लिए नियम निर्धारित किए गए। इनमें सगाई, गोद भराई, लग्न, भात, बरात, कन्यादान और छूछक जैसी रस्मों में लोगों की संख्या और शगुन की राशि तय की गई। बारात में अधिकतम 51 लोगों के जाने, कन्यादान की अधिकतम राशि 11 हजार रुपये रखने और विवाह में वाहन या अन्य महंगे सामान देने पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा मृत्यु भोज बंद करने और शोक के अवसर पर भी भोज नहीं कराने पर सहमति बनी।
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महापंचायत में छह सितंबर को मिंडकौला में 52 पाल की पंचायत में लिए गए सामाजिक सुधार के निर्णयों को आगे बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। समाज के लोगों ने सर्वसम्मति से लिए गए फैसलों को केवल चर्चा तक सीमित न रखकर परिवारों और गांवों में लागू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से समाज को शिक्षित, संगठित और कुरीतियों से मुक्त बनाया जा सकेगा।
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