{"_id":"58245a1d4f1c1b067fb3a295","slug":"500-1000-people-wandered-over-notes","type":"story","status":"publish","title_hn":"500-1000 के नोटों को लेकर भटकते रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
500-1000 के नोटों को लेकर भटकते रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 10 Nov 2016 05:04 PM IST
विज्ञापन
ध्ान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
भारत सरकार द्वारा 500 और 1000 रुपये के नोट बंद किए जाने की घोषण के बाद बुधवार को शहर के बाजारों, पेट्रोल पंपों व अस्पतालों के बाहर अफरा तफरी का माहौल बना रहा। लोग 500 व 1000 नोट लेकर यहां से वहां भटकते रहे।
कहीं-कहीं ग्राहकों व दुकानदारों के बीच विवाद भी रहा। गैस एजेंसी, बिजली बोर्ड के कार्यालय व निजी डॉक्टरों तक ने उपभोक्ताओं के बड़े नोट स्वीकार नहीं किए। कई स्थानों पर तो खुले नोट ना होने की वजह से लोग दूध के पैकेट व सब्जी खरीदने तक को तरस गए। किरयाना दुकानदार व पेट्रोल पंप वालों ने 500 के नोट लिए लेकिन सामान भी 500 रुपये का ही दिया।
विज्ञापन
नोट बंद के एलान के बाद जहां ग्राहक 500-1000 के नोट लेकर बाजार में खरीदारी के लिए पहुुंचे तो वहंीं दुकानदार भी छोटे नोट के अभाव में 500-1000 का नोट लेने से इंकार करते दिखाई दिए। छोटे नोटों के अभाव में बाजार में पूरा दिन सन्नाटा पसरा रहा। शादियों का सीजन होने के बावजूद भी बाजार में 500-1000 के नोट बंद होने की सूचना के चलते दुकानदार खाली बैठे दिखे।
विज्ञापन
हालांकि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा उठाए गए इस कदम की अधिकांश लोगों ने सराहना की है। वहीं राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों ने इस पुर मिलीजुली प्रतिक्रिया दी। बीजेपी के मीडिया प्रभारी सत्यभान शर्मा ने इसे कड़वी दवा बताते हुए कहा कि काले धन की बीमारी को जड़ से दूर करने के लिए यह फैसला जरूरी था। आप के जिला संयोजक कुलदीप कौशिक ने फैसले को अव्यवहारिक बताते हुए इसे जल्दबाजी में बिना तैयारी के उठाया गया कदम करार दिया।
-