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35 लाख रुपये प्रतिमाह खर्च फिर भी सफाई नदारद

Mon, 17 Jun 2019 11:00 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 17 Jun 2019 11:00 PM IST
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35 lakhs rupees per month per month but still not clear
पलवल में सफाई व्यवस्था ठप होने के कारण गंदगी व पॉली​थन से भरा पड़ा एक नाला। - फोटो : Palwal
35 लाख रुपये प्रतिमाह खर्च, फिर भी फैली है गंदगी
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पलवल। नगर परिषद द्वारा शहर की सफाई व्यवस्था पर हर महीने करीब 35 लाख रुपये खर्च किया जा रहा है लेकिन उसके बाद भी यहां सफाई कहीं भी नजर नहीं आती है। पूरा शहर गंदगी के ढेर पर बसा हुआ है। शहर में जिधर देखो गंदगी के ढेर पड़े नजर आते हैं। कोई चौक, चौराहा, गली, सार्वजनिक स्थान ऐसा नहीं है, जहां गंदगी न हो। नाले व नालियां भी गंदगी से अटे पड़े हैं जिसके कारण सड़कों पर जलभराव हुआ पड़ा है। इस तरफ न तो नगर परिषद अधिकारियों का ध्यान है और न ही प्रशासन का। हालात ये हो चुके हैं कि शहर में सफाई व्यवस्था को जल्द दुरुस्त नहीं किया गया तो महामारी भी फैल सकती है।
बदहाल सफाई व्यवस्था के कारण ही पिछले चार सालों से पलवल स्वच्छता के मामले में भी सबसे फिसड्डी आता है। हर बार पलवल हरियाणा के अन्य शहरों के मुकाबले सबसे निचले स्थान पर रहता है, लेकिन उसके बावजूद सफाई व्यवस्था में सुधार लाने की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। शहर के लोग सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कराने की कई सालों से लड़ाई लड़ रहे हैं, फिर भी कोई समाधान नहीं हो पा रहा है। अधिकारियों की मनमानी व अनदेखी के कारण प्रधानमंत्री व प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा चलाया जा रहा स्वच्छ भारत अभियान भी फेल हो रहा है।
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इन स्थानों पर चलना भी मुश्किल
पलवल बस स्टैंड से लेकर अलीगढ़ चौक तक, राजमार्ग, सोहना रोड, दयाबस्ती, हथीन गेट, रेलवे स्टेशन, रसूलपुर रोड, मालगोदाम रोड आदि जगहों गंदगी के कारण लोगों का चलना भी मुश्किल हो रहा है।
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293 में से 80 सफाई कर्मचारी सरकारी अधिकारियों और नेताओं के कार्यालय पर लगे
नगर परिषद अधिकारियों की मानें तो शहर की सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए करीब 293 कर्मचारी लगाए हैं। इनमें से 53 कर्मचारी नियमित, 26 दैनिक वेतन भोगी तथा 214 कर्मचारी निजी ठेकेदार द्वारा लगाए हुए हैं। उसके बाद भी शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से फेल है। नगर परिषद सूत्रों का कहना है कि इन 293 कर्मचारियों में से करीब 80 कर्मचारी सरकारी अधिकारियों, सत्ता पक्ष के बड़े नेताओं व अन्य वीआईपी के घर व कार्यालयों पर लगे हैं।
कूड़ा डालने का सही स्थान है न पानी निकासी की व्यवस्था
शहर का कूड़ा उठाकर एक स्थान पर डालने का नगर परिषद के पास कोई उचित स्थान नहीं है। जिस कारण कूड़ा व गंदगी इधर-उधर ही पड़ी रहती है। लोग व कर्मचारी उस गंदगी व कूड़े में आग लगाकर नष्ट कर देते हैं। इसी तरह से पानी निकासी का भी कोई इंतजाम नहीं है। राजमार्ग पर छह लेन सड़क निर्माण के कारण नाला बंद कर दिया गया है। इस कारण पानी आगे नहीं जा पा रहा है तथा राजमार्ग के साथ लगती कालोनियों व माल गोदाम रोड और रेलवे स्टेशन रोड पर भरा हुआ है। वहीं लाखों रुपये खर्च कर मंगवाए गए कूड़ेदान दो साल से खुले आसमान के नीचे पड़े हैं। उन्हें शहर में कहीं नहीं रखाया गया है।
प्रशासन का सफाई की तरफ कोई ध्यान नहीं है। लाखों रुपये खर्च कर मंगवाए गए कूड़ेदान पुराने जीटी रोड पर बनाई गई पार्किंग स्थल पर खुले आसमान के नीचे पड़े गल रहे हैं और गंदगी उठाने का कोई साधन नहीं है। सरकार को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। शहर सड़ रहा है तथा बीमारियां फैलने का खतरा बना हुआ है। -जितेंद्र तेवतिया, निवासी नया गांव
सफाई व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग के समर्थन में कई बार नगर परिषद अधिकारियों व प्रशासन से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं है। इस तरफ ध्यान देना चाहिए। मानसून आने को है, यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो हालात और भी बदतर हो जाएंगे। इस तरफ ध्यान देना चाहिए। - नमिता तायल, अध्यक्ष क्लीन एंड स्मार्ट

सफाई नियमित हो रही है तथा कूड़ा भी उठाया जा रहा है। लोग कूड़ा सड़कों पर डाल देते हैं। लोगों को भी जागरूक होना पड़ेगा। अकेले नगर परिषद कुछ नहीं कर सकती। रहा पानी निकासी का तो एक-दो दिन में इसका समाधान हो जाएगा। इस बारे में राजमार्ग प्राधिकरण ने दो दिन का समय मांगा है। राजमार्ग का नाला बंद किया हुआ है तथा उसके पानी को अब आगरा चौक की तरफ किया जा रहा है। समाधान शीघ्र हो जाएगा। - इंदू भारद्वाज, नगर परिषद चेयरपर्सन
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