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फर्जी डीएल मामले में 17 आरटीए सचिव बदले
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पलवल। जिले के आरटीए सचिव कार्यालय में हुए फर्जीवाड़े के मामले में सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। एक साथ प्रदेश के 17 आरटीए सचिव बदल दिए हैं। वहीं पहली बार छह डीएसपी को आरटीए सचिव बनाया गया है। ड्राइविंग लाइसेंस फर्जीवाड़े को अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। मामले में गिरफ्तार किए गए कंप्यूटर ऑपरेटर को रविवार को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया है। वहीं कार्यालय का पूरा स्टाफ बदलकर रोडवेज विभाग के कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं।
सीएम फ्लाइंग के डीएसपी देवेंद्र कुमार ने 25 सितंबर को कैंप थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था कि पलवल आरटीए सचिव कार्यालय में फर्जी तरीके से व्यावसायिक और हेवी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का काम किया जा रहा है। इसमें आरटीए सचिव कार्यालय के अधिकारी, कर्मचारी, क्लर्क, कंप्यूटर ऑपरेटर सहित बाहरी लोग भी शामिल हैं। डीएसपी मुख्यालय अनिल कुमार ने मामले की जांच करते हुए हथीन सरल केंद्र में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर योगेश कुमार को 22 अक्तूबर को गिरफ्तार कर तीन दिन के पुलिस रिमांड लिया। फरीदाबाद रेंज के आयुक्त संजय जून भी इस मामले की जांच में 23 अक्तूबर को पलवल आ चुके हैं।
अमर उजाला ने शनिवार के अंक में इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मामले में सरकार ने कार्रवाई करते हुए प्रदेश के 17 आरटीए सचिव बदल दिए। इनमें सुनील कुमार आइएफएस को हिसार, संदीप गोयाल एचएफएस को रोहतक, एचसीएस गौरी मिड्डा को अंबाला, गौरव अंतिल को नूंह, सत्यवान सिंह मान को कैथल, भारत भूषण को यमुनानगर, अमरिंदर सिंह को पानीपत, उर्मिल शौकंद को कुरुक्षेत्र, दर्शना भारद्वाज को चरखी दादरी, वीणा हुड्डा को करनाल और अशोक कुमार बंसल को झज्जर का आरटीए सचिव लगाया गया है। वहीं डीएसपी जितेंद्र गहलावत को फरीदाबाद, धारणा यादव को गुरुग्राम, गजेंद्र सिंह को रेवाड़ी, अंगरेज सिंह को भिवानी, हीरा सिंह को सिरसा और बिजेंद्र सिंह को महेंद्रगढ़ आरटीए सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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वर्जन-
फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस मामले में गिरफ्तार किए गए कंप्यूटर ऑपरेटर से कई अहम जानकारी मिली है। ऑपरेटर ने 167 फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए हैं जबकि इससे पहले 49 फर्जी ड्राइविंग जारी किए जाने जानकारी है। जल्द ही कुछ गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए रिमांड के दौरान मिली जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है। - अनिल कुमार, डीएसपी मुख्यालय, जांच अधिकारी
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सीएम फ्लाइंग के डीएसपी देवेंद्र कुमार ने 25 सितंबर को कैंप थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था कि पलवल आरटीए सचिव कार्यालय में फर्जी तरीके से व्यावसायिक और हेवी ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का काम किया जा रहा है। इसमें आरटीए सचिव कार्यालय के अधिकारी, कर्मचारी, क्लर्क, कंप्यूटर ऑपरेटर सहित बाहरी लोग भी शामिल हैं। डीएसपी मुख्यालय अनिल कुमार ने मामले की जांच करते हुए हथीन सरल केंद्र में कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटर योगेश कुमार को 22 अक्तूबर को गिरफ्तार कर तीन दिन के पुलिस रिमांड लिया। फरीदाबाद रेंज के आयुक्त संजय जून भी इस मामले की जांच में 23 अक्तूबर को पलवल आ चुके हैं।
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अमर उजाला ने शनिवार के अंक में इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मामले में सरकार ने कार्रवाई करते हुए प्रदेश के 17 आरटीए सचिव बदल दिए। इनमें सुनील कुमार आइएफएस को हिसार, संदीप गोयाल एचएफएस को रोहतक, एचसीएस गौरी मिड्डा को अंबाला, गौरव अंतिल को नूंह, सत्यवान सिंह मान को कैथल, भारत भूषण को यमुनानगर, अमरिंदर सिंह को पानीपत, उर्मिल शौकंद को कुरुक्षेत्र, दर्शना भारद्वाज को चरखी दादरी, वीणा हुड्डा को करनाल और अशोक कुमार बंसल को झज्जर का आरटीए सचिव लगाया गया है। वहीं डीएसपी जितेंद्र गहलावत को फरीदाबाद, धारणा यादव को गुरुग्राम, गजेंद्र सिंह को रेवाड़ी, अंगरेज सिंह को भिवानी, हीरा सिंह को सिरसा और बिजेंद्र सिंह को महेंद्रगढ़ आरटीए सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस मामले में गिरफ्तार किए गए कंप्यूटर ऑपरेटर से कई अहम जानकारी मिली है। ऑपरेटर ने 167 फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए हैं जबकि इससे पहले 49 फर्जी ड्राइविंग जारी किए जाने जानकारी है। जल्द ही कुछ गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए रिमांड के दौरान मिली जानकारी को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है। - अनिल कुमार, डीएसपी मुख्यालय, जांच अधिकारी