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यमुना में पानी ही पानी, रजवाहे पड़े सूखे, किसान मांग रहे पानी

Sat, 04 Aug 2018 11:32 PM IST
Updated Sat, 04 Aug 2018 11:32 PM IST
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यमुना में पानी ही पानी, रजवाहे पड़े सूखे, किसान मांग रहे पानी
यमुना में पानी ही पानी, रजवाहे पड़े सूखे, किसान मांग रहे पानी
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अमर उजाला ब्यूरो
होडल। ये है कुदरत का करिश्मा। एक तरफ हथिनी कुंड बैराज से साढ़े छह लाख क्यूसिक पानी छोड़े जाने के बाद जहां यमुना भरकर चल रही है, वहीं जिले में आगरा नहर व अन्य लिंक नहरों से निकाले गए रजवाहों सूखे पड़े हैं। पिछले कई सालों से इन रजवाहों में टेल तक पानी ही नहीं पहुंचा है। रजवाहे सूखे होने के कारण किसान फसलों की सिंचाई के लिए हर साल अब बरसात की ही बाट देखते हैं। रजवाहों में सिंचाई विभाग द्वारा पानी न छोड़ने व सरकार द्वारा रजवाहों में टेल तक पानी पहुंचाने के किए जा रहे दावों के कारण किसानों में खासा रोष नजर आ रहा है।
किसानों का कहना है कि बरसात के बाद लाल रंग का पानी आता था। जिससे नहरें भरकर चलती रहती थी। जो खेती के लिए बहुत ही अच्छा होता था। जिसे किसान बरसाती पानी या लाल पानी कहते थे।अब पिछले कई सालों से क्षेत्र में कम हो रही बरसात के कारण किसान सरकार द्वारा रजवाहों में पानी छोड़ने की बाट देखते रहते हैं। पर सरकार केवल झूठे वादे कर किसानों को गुमराह करने में लगी रहती है।
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किसान नेता केशव शर्मा का कहना हैं कि क्षेत्र में जितने भी माइनर बने हुए हैं, उन सबकी टेल यहां से होते हुए मेवात जाती है। नहरी पानी का अंतिम छोर हैं, लेकिन अब तो यमुना नदी में पानी की अधिकता है, अब तो पानी आना चाहिए, हमें जरूरत है। जिससे खरीव की फसल के साथ रवी की भी अच्छी पैदावार होगी।
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क्षेत्र की समाज सेविका संगीता महलवाल का कहना है की क्षेत्र के किसान एक बूंद बूंद पानी को तरस रहे हैं।वर्षो पहले बरसात के महीने में दूधिया पानी नहरों में आता था। लेकिन अबकी बार नहरी पानी के लिए तरस गए हैं। किसानों को बरसात के मौसम में भी डीजल फूंक कर फसलें बचानी पड़ रही हैं। जिससे किसान को आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसान रामअवतार का कहना हैं कि क्षेत्र की जमीन को पानी की खास जरूरत है। जिनके पास ट्यूबवेल नहीं है उनकी फसल सूख रही है। सरकार को पलवल जिले किसानों के लिए अलग योजना बनाई जानी चाहिए। किसान हरी सिंह का कहना है कि फसल से ज्यादा का डीजल फूंकने को मजबूर है। जब पानी है तो नहरों में आना चाहिए। हमारी फसलें सूख रही हैं।
सरकार की मंशा नहीं है कि पलवल क्षेत्र के किसानों का भला हो। सरकार नहीं चाहती यहां किसान खुशहाल हो। बंसीलाल सरकार में नहरों के टेल तक पानी पहुंचा था, लेकिन कांग्रेस और बीजेपी ने पलवल जिले के साथ भेदभाव किया हैं। यदि बरसात के मौसम में किसान को पानी नहीं मिला तो फिर कब मिलेगा ।

-जगदीश नायर, पूर्व मंत्री

सरकार पानी की योजना पर कार्य कर रही है प्रदेश सरकार पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की नदी जुडो योजना पर कार्य कर रही है प्रदेश के हर खेत को पानी मिलेगा ।
- दीपक मंगला, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव
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