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नगर परिषद के चेयरमैन को कारण बताओ नोटिस

Wed, 03 Apr 2019 08:02 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 03 Apr 2019 08:02 PM IST
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नगर परिषद के चेयरमैन को कारण बताओ नोटिस
नगर परिषद के चेयरमैन को कारण बताओ नोटिस
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होडल। शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय के महानिदेशक समीरपाल सुरों द्वारा नगर परिषद के चेयरमैन राजगोपाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वार्ड पार्षदों द्वारा विभाग को भेजी गई शिकायत के मामले में चेयरमैन को एक सप्ताह के अंदर नोटिस का जवाब प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं। यदि एक सप्ताह के अंदर नोटिस का जवाब नहीं भेजा जाता है तो विभाग द्वारा एकतरफा कार्रवाई कर ली जाएगी। भेजे गए नोटिस में बताया है कि प्रधान ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर बिल्डरों द्वारा कुछ गलियां परिषद के क्षेत्र के बाहर में बनाई गई थीं जिन पर गलत तरीके से टेंडर लगवाकर उनके वर्क आर्डर भी खुद की जारी किए।
एसडीएम ने जिला उपायुक्त को भेजी जांच रिपोर्ट में बताया कि नगर परिषद के पार्षदों द्वारा भेजी गई शिकायत की प्रति कार्यालय में प्राप्त हुई। इस बारे में दोनों पक्षों को कार्यालय में बयान के लिए बुलाया गया। इस मामले में शिकायतकर्ताओं द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में भी याचिका दायर की हुई है। पार्षदों ने अपने बयानों में दर्शाया हुआ है कि प्रधान द्वारा अधिकारियों व कर्मचारियों का वेतन पिछले 4 माह से नहीं निकाला जा रहा है। पार्षदों द्वारा अनुरोध किया गया है कि प्रधान से डी.डी. पावर लेकर किसी उच्च अधिकारी को दे दी जाए। जिससे नगर परिषद का कार्य सुचारू रूप से चल सके।
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पार्षदों ने यह लगाए हैं आरोप - दर्ज बयान में परिषद के कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि प्रधान अपने स्तर पर कर्मचारियों व अधिकारियों के आर्डर निकालता है। रोजाना कार्यालय में सफाई कार्य की राशि का भुगतान कराने के लिए किसी न किसी को उनसे झगड़ा करने के लिए भेजता है। दबाव बनाने के लिए नोटिस देता है और नोटिसों के द्वारा मामला दर्ज कराने की धमकी देता है। चेकों पर अपने स्तर पर ही स्वयं हस्ताक्षर कर लेता है जो कि नियमों के विरुद्ध है। उपायुक्त को भेजे पत्र में बताया कि उसके कार्यकाल से पूर्व प्रधान ने अपने स्तर पर बोलेरो गाड़ी खरीदी हुई है जिसकी सरकार और उपायुक्त से कोई मंजूरी नहीं है। गाड़ी खरीदने के लिए अपने स्तर पर ही वर्क आर्डर जारी कर लिया था। गाड़ी को अपने निजी कार्य के लिए लगभग 66 हजार किलोमीटर चला दिया गया है और अब शिकायत होने पर गाड़ी को दफतर में खड़ा कर दिया है।
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उधर चेयरमैन राजगोपाल ने वार्ड पार्षदों और अधिकारी द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने बताया कि कार्यकारी अधिकारी की कार्यशैली को लेकर उनके खिलाफ उन्होंने भी शिकायत भेजी हुई हैं। जिनकी जांच चल रही है। विभाग द्वारा भेजे गए कारण बताओ नोटिस का वह निर्धारित समय के अंदर जवाब भेजेंगे।
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