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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की यादों को सजोए हुए है पलवल

Mon, 01 Oct 2018 11:04 PM IST
Updated Mon, 01 Oct 2018 11:04 PM IST
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राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की यादों को सजोए हुए है पलवल
राष्ट्रपिता की यादों को संजोए हुए है पलवल
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- आजादी आंदोलन में महात्मा गांधी की पहली गिरफ्तारी पलवल में हुई थी
- नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने 2 अक्टूबर 1938 को रखी थी जिले में गांधी सेवाश्रम की आधारशिला
अनूप पाराशर
पलवल। हरियाणा के अंतिम छोर पर बसा पलवल जिला राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की यादों को संजोए हुए है। पलवल से महात्मा गांधी की यादें काफी जुड़ी हुई हैं। आजादी आंदोलन के दौरान राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पहली गिरफ्तारी पलवल रेलवे स्टेशन पर हुई थी। उनकी यादों से जुड़ी पुरानी तस्वीरें आज भी गांधी सेवाश्रम के अंदर बने संग्रहालय में रखी हुई हैं तथा उनकी गिरफ्तारी से संबंधित दस्तावेज पलवल रेलवे स्टेशन पर लगाए हुए हैं।
रोलेट एक्ट का विरोध करने जाते समय हुई थी गिरफ्तारी
आजादी आंदोलन को कुचलने के लिए ब्रिटिश सरकार द्वारा दमनकारी रोलेट एक्ट लगा दिया गया था। उस रोलेट एक्ट के विरोध में पूरे पंजाब में आंदोलन हुए थे। उसी आंदोलन के कारण ब्रिटिश सरकार द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पंजाब प्रवेश पर पाबंदी लगा दी थी। महात्मा गांधी ने एक्ट के खिलाफ जनमानस में आंदोलन का आह्वान किया था। 6 अप्रैल को यह आंदोलन पूरे देश में, विशेषकर तत्कालीन पंजाब में बेहद सफल रही थी। महात्मा गांधी आंदोलन के बाद की परिस्थितियों का जायजा लेने के लिए मुंबई से लाहौर रवाना हुए। गांधी जी के पंजाब आने से घबराकर ब्रिटिश सरकार ने उनके पंजाब में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी, लेकिन महात्मा गांधी ने ब्रिटिश सरकार की इस पाबंदी को अनदेखा कर दिया और मुंबई से ट्रेन में सवार होकर लाहौर के लिए रवाना हो गए। जैसे ही गांधी जी की ट्रेन 10 अप्रैल 1919 को पलवल स्टेशन पर पहुंची तो ब्रिटिश सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पलवल उस समय पंजाब का ही हिस्सा था।
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गिरफ्तारी के विरोध में जल उठा था पंजाब
गांधी जी की उस गिरफ्तारी के विरोध में पूरा पंजाब जल उठा। जगह-जगह जुलूस, धरने, प्रदर्शन व रैलियां निकालनी शुरू हो गई। महात्मा गांधी की उसी गिरफ्तारी को संजोए रखने के लिए तब स्वाधीनता सेनानियों ने पलवल में एक आश्रम की स्थापना करने का निर्णय लिया। उसके बाद 2 अक्टूबर 1938 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस पलवल आए थे तथा उन्होंने यहां माल गोदाम रोड पर गांधी सेवाश्रम की आधारशिला रखी थी। उस समय यहां के कपड़ा व्यापारियों ने कपड़ों के थान जमीन पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के स्वागत में बिछा दिए थे।
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दुर्बल चित्र लगाए हुए हैं संग्रहालय में
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर बनाए हुए गांधी सेवाश्रम में आज भी आजादी आंदोलन से जुड़े गांधी जी के दुर्लभ चित्र संग्रहालय में लगे हुए हैं। बताया जाता है कि ऐसे दुर्लभ चित्र पूरे देश में कहीं भी नहीं हैं, जो पलवल के गांधी सेवाश्रम में हैं। इनके अलावा पलवल रेलवे स्टेशन पर लगी गांधी जी की फोटो व रोलेट एक्ट के तहत गिरफ्तारी के आदेश लिखे हुए कागजात भी उसी समय के यहां लगाए हुए हैं।


प्रदर्शनी देखने आते हैं स्कूली बच्चे
गांधी सेवाश्रम में आजादी आंदोलन के दौरान के दुर्लभ चित्रों की लगाई हुई प्रदर्शनी को जिले के ही नहीं दूरदराज के स्कूलों के बच्चे देखने आते हैं। स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस पर यहां ध्वजारोहण करने वाले अतिथि भी प्रदर्शनी का अवलोकन करने के लिए गांधी सेवाश्रम में जाते हैं। सेवाश्रम की देखरेख गांधी सेवाश्रम ट्रस्ट द्वारा संचालित किया जा रहा है। हर वर्ष गांधी जयंती पर यहां प्रार्थना सभा व यज्ञ का आयोजन भी किया जाता है। जिसमें जिले भर से गांधी से प्रभावित लोग ही नहीं अधिकारी भी आते हैं। -देवी चरण मंगला, प्रधान गांधी सेवाश्रम, पलवल
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