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नागरिक अस्पताल में बंदरों का आतंक, लोग परेशान
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नागरिक अस्पताल में बंदरों से लोग परेशान
-कक्ष में घुसकर मरीजों का सामान तक उठा ले जाते हैं
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। जिला नागरिक अस्पताल में इन दिनों बंदरों का पूरा खौफ बना हुआ है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को इन बंदरों के कारण बेहद डर रहता है। बार-बार शिकायत के बाद भी न तो अस्पताल प्रबंधन का ध्यान है और न ही नगर परिषद का। हालात ये हैं कि बंदर अस्पताल में कमरों में घुस जाते हैं तथा भर्ती मरीजों के सामान तक को उठा ले जाते हैं। अस्पताल परिसर में इन दिनों बंदरों का झुंड घूमता नजर आता है। कई बार तो ये बंदर मरीजों व उनके परिजनों पर टूट पड़ते हैं। खाने का सामान देखकर एक साथ बंदर कई बार झपटा मार देते हैं। बंदरों के खौफ से मरीज ही नहीं, बल्कि कर्मचारी भी परेशान हैं। बंदरों को भगाने का यदि कोई प्रयास करता है तो वे उस पर हमला तक बोल देते हैं। अस्पताल परिसर में बने रिहायशी निवासों में भी उत्पात मचाते हैं, जिससे लोग परेशान है। मरीज के साथ आए राजेंद्र कुमार, गड्डी, सीमा ने मांग की है कि इन बंदरों पर रोक लगाई जाए ।
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नगर परिषद को लिख चुके हैं पत्र
अस्पताल प्रबंधन की तरफ से वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय ने बताया कि इस बारे में नगर परिषद को पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने मांग की है कि बंदरों को पकड़वाकर अस्पताल परिसर से बाहर कराया जाए।
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-कक्ष में घुसकर मरीजों का सामान तक उठा ले जाते हैं
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। जिला नागरिक अस्पताल में इन दिनों बंदरों का पूरा खौफ बना हुआ है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को इन बंदरों के कारण बेहद डर रहता है। बार-बार शिकायत के बाद भी न तो अस्पताल प्रबंधन का ध्यान है और न ही नगर परिषद का। हालात ये हैं कि बंदर अस्पताल में कमरों में घुस जाते हैं तथा भर्ती मरीजों के सामान तक को उठा ले जाते हैं। अस्पताल परिसर में इन दिनों बंदरों का झुंड घूमता नजर आता है। कई बार तो ये बंदर मरीजों व उनके परिजनों पर टूट पड़ते हैं। खाने का सामान देखकर एक साथ बंदर कई बार झपटा मार देते हैं। बंदरों के खौफ से मरीज ही नहीं, बल्कि कर्मचारी भी परेशान हैं। बंदरों को भगाने का यदि कोई प्रयास करता है तो वे उस पर हमला तक बोल देते हैं। अस्पताल परिसर में बने रिहायशी निवासों में भी उत्पात मचाते हैं, जिससे लोग परेशान है। मरीज के साथ आए राजेंद्र कुमार, गड्डी, सीमा ने मांग की है कि इन बंदरों पर रोक लगाई जाए ।
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नगर परिषद को लिख चुके हैं पत्र
अस्पताल प्रबंधन की तरफ से वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय ने बताया कि इस बारे में नगर परिषद को पत्र लिखा जा चुका है, लेकिन कोई समाधान नहीं हो रहा है। उन्होंने मांग की है कि बंदरों को पकड़वाकर अस्पताल परिसर से बाहर कराया जाए।
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