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पर्यावरण शुद्धि के लिए किया गया बृहद यज्ञ
Updated Fri, 24 Aug 2018 08:16 PM IST
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पर्यावरण शुद्धि के लिए किया गया बृहद यज्ञ
अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। अगस्त श्रावणी पर्व के उपलक्ष्य में शुक्रवार को गांव अलावलपुर में पर्यावरण की शुद्धि के लिए वृहद यज्ञानुष्ठान किया गया। यज्ञ महात्मा श्रद्धानंद सरस्वती ने सम्पन्न कराया। ओमदेव आर्य ने यजमान की भूमिका निभाई। संयोजन इंद्रदेव आर्य ने किया। यज्ञ के ब्रह्मा महात्मा श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि वृद्धों और विद्वानों की सेवा करने से आयु, विद्या, यश और बल बढ़ता है। श्रावण के महीने का विशेष महत्व है। यह महीना वेद प्रवचन सुनने सुनाने का होता है और वेद ईश्वरीय वाणी है। उन्होंने बताया कि मनुष्य जीवन का लक्ष्य आनंद की प्राप्ति है, जबकि आनंद ज्ञान, कर्म और उपासना से मिलता है। बिना कर्म के जीवन का विस्तार नहीं हो सकता है। जैसा जीव कर्म करता है, वैसा ही उसे भोगना पड़ता है। बिना ज्ञान के किया हुआ कर्म अंधा होता है और बिना कर्म के ज्ञान लंगड़ा होता है। ज्ञान पूर्वक किया हुआ कर्म ही सुख देता है। इस अवसर पर इंद्रदेव आर्य ने जसीहा गांव में निर्माणाधीन विश्वविद्यालय के लिए जाट संघ को 51 हजार रुपये दान दिए। इस मौके पर तेवतिया पाल के अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह तेवतिया, रघुनाथ, जगपाल नंबरदार, जगदीश, बालकराम शास्त्री, बिस्सू शर्मा, राजवीर मेंबर, रामचंद्र शर्मा, मास्टर बिजेंद्र सिंह, सुखीराम, जगमोहन, इनोलो नेता अरविंद भारद्धाज, धर्मवीर तेवतिया, दीपचंद वैरागी, विजन तेवतिया, देवीलाल मुख्य रूप से मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
पलवल। अगस्त श्रावणी पर्व के उपलक्ष्य में शुक्रवार को गांव अलावलपुर में पर्यावरण की शुद्धि के लिए वृहद यज्ञानुष्ठान किया गया। यज्ञ महात्मा श्रद्धानंद सरस्वती ने सम्पन्न कराया। ओमदेव आर्य ने यजमान की भूमिका निभाई। संयोजन इंद्रदेव आर्य ने किया। यज्ञ के ब्रह्मा महात्मा श्रद्धानंद सरस्वती ने कहा कि वृद्धों और विद्वानों की सेवा करने से आयु, विद्या, यश और बल बढ़ता है। श्रावण के महीने का विशेष महत्व है। यह महीना वेद प्रवचन सुनने सुनाने का होता है और वेद ईश्वरीय वाणी है। उन्होंने बताया कि मनुष्य जीवन का लक्ष्य आनंद की प्राप्ति है, जबकि आनंद ज्ञान, कर्म और उपासना से मिलता है। बिना कर्म के जीवन का विस्तार नहीं हो सकता है। जैसा जीव कर्म करता है, वैसा ही उसे भोगना पड़ता है। बिना ज्ञान के किया हुआ कर्म अंधा होता है और बिना कर्म के ज्ञान लंगड़ा होता है। ज्ञान पूर्वक किया हुआ कर्म ही सुख देता है। इस अवसर पर इंद्रदेव आर्य ने जसीहा गांव में निर्माणाधीन विश्वविद्यालय के लिए जाट संघ को 51 हजार रुपये दान दिए। इस मौके पर तेवतिया पाल के अध्यक्ष बिजेंद्र सिंह, देवेंद्र सिंह तेवतिया, रघुनाथ, जगपाल नंबरदार, जगदीश, बालकराम शास्त्री, बिस्सू शर्मा, राजवीर मेंबर, रामचंद्र शर्मा, मास्टर बिजेंद्र सिंह, सुखीराम, जगमोहन, इनोलो नेता अरविंद भारद्धाज, धर्मवीर तेवतिया, दीपचंद वैरागी, विजन तेवतिया, देवीलाल मुख्य रूप से मौजूद रहे।