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Nuh Violence: 56 घंटे बाद अभिषेक का शव देख बिलख उठी मां, बोली- दोषियों को फांसी दे सरकार

Thu, 03 Aug 2023 12:20 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 03 Aug 2023 12:20 AM IST
सार

अभिषेक सोमवार सुबह छह बजे घर से निकला था, दोपहर एक बजे आखिरी बार बात हुई थी, कहा था- हम एक मंदिर से दूसरे मंदिर जा रहे हैं। पिता बोले कि मेरे बेटे ने उपद्रवियों से महिलाओं और बच्चों को बचाया, मुझे मेरे बेटे पर गर्व है।

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Nuh Violence: Mother of Abhishek said - the government should hang the culprits
अभिषेक। फाइल फोटो। बेटे का शव देखकर विलाप करती हुई मां। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

बेटे (अभिषेक) ने सोमवार को सुबह छह बजे जाते वक्त कहा था कि मैं दर्शन कर 24 घंटे में लौट आउंगा, मेरी आखिरी बार सोमवार दोपहर एक बजे बात हुई थी। बेटे ने कहा था कि हम नलहड़ मंदिर से दर्शन कर लौट रहे हैं और अब दूसरे मंदिर में जा रहे है। देर रात तक पानीपत पहुंच जाएंगे, लेकिन रात तक उन्हें हिंसा का समाचार मिला, बेटे को फोन किया तो स्विच ऑफ था। मंगलवार सुबह उन्हें सूचना मिली कि बेटे को गोली लगी है। नूंह पहुंचे तो बेटे का शव देखकर पांव तले की जमीन खिसक गई।

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यह कहना है मृतक अभिषेक के पिता सतपाल का। वहीं 56 घंटे बाद बेटे के शव को देख मां राजो देवी बिलख उठी। उसकी आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। मां ने विलाप करते हुए सरकार से मांग की है कि बेटे को मारने वाले दोषियों को फांसी की सजा दे। उन्हें किसी सूरत में न छोड़े। इसके अलावा बहन पायल ने भी विलाप करते हुए भारत माता की जय की नारे लगाए और भाई को विदा किया।
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भाई अर्जुन का भी रो-रोकर बुरा हाल था। शव घर पहुंचते ही हर किसी की आंखें नम थीं। दो मिनट घर में शव रखने के बाद सेक्टर-13-17 स्थित शिवपुरी ले जाया गया। इस दौरान जिस रास्ते से शव गुजरा उसी रास्ते पर लोगों ने फूलों के साथ श्रृद्धांजलि दी।
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एक साल पहले बजरंग दल से जुड़ा था
अभिषेक तीन बहन-भाइयों में सबसे छोटा था। बड़ा भाई अर्जुन और पायल शादीशुदा हैं। जबकि अभिषेक अविवाहित था। अभिषेक की सेक्टर 12 स्थित एल मार्केट में कार मैकेनिक की दुकान है। वह बीए पास था। वह एक साल पहले बजरंग दल से जुड़ा था। वह लव-कुश प्रखंड बरसत रोड एरिया का संयोजक था।


हमें बेटे पर गर्व, उसने देश के लिए जान दी


अभिषेक के पिता विलाप करते हुए। संवाद
पिता सतपाल ने बताया कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है। उसने देश के लिए अपनी जान दी है। बेटा मंदिर में जमा महिलाओं और बच्चों की बाहर खड़ा होकर सुरक्षा कर रहा था और उपद्रवियों से मुकाबला कर रहा था। इसी बीच उसे गोली लगी।

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