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Mahendragarh-Narnaul News: अनजाने में मौत की डुबकी लगा रहे युवा
Tue, 28 May 2024 12:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Tue, 28 May 2024 12:23 AM IST
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गांव नांवां में माधोगढ़ ब्रांच नहर में नहाते युवा।संवाद
महेंद्रगढ़। हर साल नहरों और जोहड़ों में डूबने से औसतन पांच लोगों की मौत हो रही है। इसके बावजूद भी गर्मी के मौसम में प्रशासन, नहरी विभाग, पुलिस और ग्राम पंचायतों की ओर से हादसों पर अंकुश लगाने के लिए प्रयास नहीं किए जाते। भीषण गर्मी में परिजनों की नजरों से बचकर युवा आसपास नहरों एवं जोहड़ों में छलांग लगाते हैं। ऐसे में हादसों के बाद सभी प्रबंधों को लेकर आनन फानन में समीक्षा की जाती है।
शनिवार देर शाम गांव डेरोली जाट में चार बच्चों में से दो की डूबने से मौत हो गई थी। इसके बावजूद भी जिला प्रशासन, पुलिस, ग्राम पंचायतों व नहरी विभाग द्वारा इस प्रकार के हादसों को रोकने के लिए कोई प्रयास तक नहीं किए गए।
यह हुए हैं बड़े हादसे
गत 9 सितंबर 2022 को गणपति विसृजन के दौरान गांव झगड़ोली की नहर में 15 युवा डूब गए थे। हालांकि इसमें से 11 को लोगों से प्रयासों से बचा लिया था लेकिन शहर के मोहल्ला ढाणी निवासी चार युवकों की एक साथ मौत हो गई थी। वहीं सात जुलाई 2022 को गांव खेड़ा निवासी दंपती अपने दो बच्चों के साथ नहर में डूब गया था। वहीं 12 अगस्त 2023 को गांव डालनवास जोहड़ में डूबने से युवकों की मौत हुई थी। गत वर्ष नवंबर माह के दौरान गांव अगिहार के जोहड़ में डूबने से एक छह वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी। गत नौ फरवरी को गांव बवाना के जोहड़ में डूबने से एक व्यक्ति की मौत हुई थी। वहीं महेंद्रगढ़ क्षेत्र से गुजरने वाली जेएलएन में हर माह औसतन तीन डैडबॉडी मिलती हैं। गत शुक्रवार को गांव अगिहार के जोहड़ में नहाते समय 12 वर्षीय बच्चा बाल-बाल बचा था। समय रहते वहां से गुजर रहे युवकों ने प्लास्टिक के पाइपों के सहारे इस बच्चे को बाहर निकाल लिया था।
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परिजनों से नजरें बचाकर दोपहर में खूब छलांग लगा रहे किशोर
इस समय क्षेत्र की अधिकांश नहरों में पानी चल रहा है। भीषण गर्मी होने के कारण दोपहर के समय आसपास लगते जोहड़ों और नहरों में छोटे बच्चे एवं किशोर परिजनों की नजरों से बचकर खूब छलांग लगाते दिखाई देते हैं। वहीं हादसों को लेकर न ही तो ग्राम पंचायतें गंभीर हैं और न पुलिस की तरफ से कोई चेतावनी दी जाती है जबकि नहरी विभाग के कर्मचारी कभी कभार ही गश्त पर निकलते हैं।
जल्द ही नहर विभाग के अधिकारियों, ग्राम पंचायत सरपंचों के साथ बैठक कर इस प्रकार के हादसों पर पूर्णरूप से अंकुश लगाने के लिए विचार-विमर्श कर जिम्मेदारी तय की जाएगी। इस मामले में उपायुक्त के निर्देशानुसार योजना बनाकर हादसों पर पूर्णरूप से अंकुश लगाया जाएगा।
- संजीव कुमार, उपमंडल अधिकारी, महेंद्रगढ़।
जल्द ही संभावित स्थानों पर साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। साथ ही ग्राम सरपंचों से मुनादी को लेकर लिखा जाएगा। इसके अलावा पुलिस का सहयोग भी लिया जाएगा। किसी भी प्रकार के हादसों को रोकने के लिए कर्मचारियों से गश्त बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं। नहरों में नहाते पाए जाने वालों के खिलाफ नहरी अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
- सुरेंद्र जांगड़ा, उप मंडल अधिकारी, नहरी विभाग, महेंद्रगढ़।
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शनिवार देर शाम गांव डेरोली जाट में चार बच्चों में से दो की डूबने से मौत हो गई थी। इसके बावजूद भी जिला प्रशासन, पुलिस, ग्राम पंचायतों व नहरी विभाग द्वारा इस प्रकार के हादसों को रोकने के लिए कोई प्रयास तक नहीं किए गए।
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यह हुए हैं बड़े हादसे
गत 9 सितंबर 2022 को गणपति विसृजन के दौरान गांव झगड़ोली की नहर में 15 युवा डूब गए थे। हालांकि इसमें से 11 को लोगों से प्रयासों से बचा लिया था लेकिन शहर के मोहल्ला ढाणी निवासी चार युवकों की एक साथ मौत हो गई थी। वहीं सात जुलाई 2022 को गांव खेड़ा निवासी दंपती अपने दो बच्चों के साथ नहर में डूब गया था। वहीं 12 अगस्त 2023 को गांव डालनवास जोहड़ में डूबने से युवकों की मौत हुई थी। गत वर्ष नवंबर माह के दौरान गांव अगिहार के जोहड़ में डूबने से एक छह वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी। गत नौ फरवरी को गांव बवाना के जोहड़ में डूबने से एक व्यक्ति की मौत हुई थी। वहीं महेंद्रगढ़ क्षेत्र से गुजरने वाली जेएलएन में हर माह औसतन तीन डैडबॉडी मिलती हैं। गत शुक्रवार को गांव अगिहार के जोहड़ में नहाते समय 12 वर्षीय बच्चा बाल-बाल बचा था। समय रहते वहां से गुजर रहे युवकों ने प्लास्टिक के पाइपों के सहारे इस बच्चे को बाहर निकाल लिया था।
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परिजनों से नजरें बचाकर दोपहर में खूब छलांग लगा रहे किशोर
इस समय क्षेत्र की अधिकांश नहरों में पानी चल रहा है। भीषण गर्मी होने के कारण दोपहर के समय आसपास लगते जोहड़ों और नहरों में छोटे बच्चे एवं किशोर परिजनों की नजरों से बचकर खूब छलांग लगाते दिखाई देते हैं। वहीं हादसों को लेकर न ही तो ग्राम पंचायतें गंभीर हैं और न पुलिस की तरफ से कोई चेतावनी दी जाती है जबकि नहरी विभाग के कर्मचारी कभी कभार ही गश्त पर निकलते हैं।
जल्द ही नहर विभाग के अधिकारियों, ग्राम पंचायत सरपंचों के साथ बैठक कर इस प्रकार के हादसों पर पूर्णरूप से अंकुश लगाने के लिए विचार-विमर्श कर जिम्मेदारी तय की जाएगी। इस मामले में उपायुक्त के निर्देशानुसार योजना बनाकर हादसों पर पूर्णरूप से अंकुश लगाया जाएगा।
- संजीव कुमार, उपमंडल अधिकारी, महेंद्रगढ़।
जल्द ही संभावित स्थानों पर साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। साथ ही ग्राम सरपंचों से मुनादी को लेकर लिखा जाएगा। इसके अलावा पुलिस का सहयोग भी लिया जाएगा। किसी भी प्रकार के हादसों को रोकने के लिए कर्मचारियों से गश्त बढ़ाने के आदेश दिए गए हैं। नहरों में नहाते पाए जाने वालों के खिलाफ नहरी अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी।
- सुरेंद्र जांगड़ा, उप मंडल अधिकारी, नहरी विभाग, महेंद्रगढ़।