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Mahendragarh-Narnaul News: परिवार के साथ चुनाव की अहम जिम्मेदारी निभा रहीं महिला शक्ति
Sat, 05 Oct 2024 12:14 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 05 Oct 2024 12:14 AM IST
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फोटो संख्या:54- कुसुमलता, अगिहार--संवाद
रोहतक। नवरात्र के तीसरे दिन मां दुर्गा के चंद्रघंटा रूप की आराधना की जाती है। मां चंद्रघंटा शक्ति और नाद का प्रतीक हैं। अमर उजाला के नवरात्र विशेष कड़ी में आज हम आपको ऐसी महिलाओं के बारे में बताएंगे, जो हरियाणा में चल रहे विधानसभा चुनावों में पोलिंग बूथों पर मतदान संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहीं हैं। ये महिलाएं घर-गृहस्थी की चिंता और अपने बच्चों को छोड़कर लोकतंत्र के महापर्व को निर्विघ्न संपन्न कराने की जिम्मेदारी के साथ घर से निकलीं हैं। आइए आपको ऐसी महिला शक्ति से अवगत कराते हैं...
अवसर मिले तो कोई भी काम कर लेंगी महिलाएं: पिंकी
मेरी ड्यूटी पिंक बूथ में लगाई गई है, मैं काफी उत्साहित हूं कि इतने बड़ स्तर पर होनी वाली मतदान प्रक्रिया को सफल बनाने में मैं भी अपनी भूमिका निभा रही हूं। मेरा मानना है महिलाएं घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में सफलतापूर्वक कार्य कर सकती हैं, बस आवश्यकता है तो उनको अवसर प्रदान करने की। मैंने हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में भी बूथ के कार्यभार को संभाला था।
-पिंकी यादव, लिपिक, जनस्वास्थ्य विभाग, नारनौल।
बूथ संभालना लोकतांत्रिक को मजबूत बनाने में योगदान: स्नेहलता
अध्यापन का कार्य करते हुए बहुत कुछ सीखने को मिला। विद्यार्थियों को पढ़ाना, उनके सपनों को नई उड़ान देना सब अध्यापन के कार्य का हिस्सा है और यह काफी सुकून देता है। चुनाव के दौरान जब भी बूथ संभालने के लिए मेरी ड्यूटी लगाई जाती है, तो मन उत्साह से भर जाता है। क्योंकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदान एक पर्व की तरह है और बूथ कार्य को संभालना लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में छोटा सा योगदान है।
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-स्नेहलता, अध्यापिका, नारनौल।
पिंक बूथ बढ़ाता है महिलाओं का आत्मविश्वास: डॉ.मोनिका
मतदान बूथ पर काम करने का अनुभव काफी मजेदार है। मतदान के दिन बुजुर्ग लोगों में भी जोश होता है और पूरी जिम्मेदारी के साथ मतदान करते हैं। मतदान के दिन सभी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को निभाते हुए अपने कार्य को पूर्ण करते हैं। पहले मतदान जैसे महत्वपूर्ण कार्य को केवल महिलाएं संभाल पाएंगी या नहीं इसमें संशय बना रहता था, लेकिन पिंक बूथ महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाता है।
-डाॅ. मोनिका यादव, असिस्टेंट प्रोफेसर, काॅलेज नांगल चौधरी।
महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं: कुमारी मुस्कान
नवरात्र महिला सशक्तीकरण का प्रतीक है, और नवरात्र में उपवास रखते हुए मतदान केंद्रों पर महिलाएं कार्यभार को संभाल रही हैं। यह महिलाओं की कार्य क्षमता को प्रदर्शित करता है। आज के समय में महिला किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं, बल्कि कंधे से कंधा मिलाकर हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और परचम लहरा रही हैं।
-कुमारी मुस्कान, लिपिक, पीजी कालेज, नारनौल।
लोकतंत्र की मजबूती का पर्व जिम्मेदारी से निभाऊंगी: कुसुमलता
महिलाएं और बेटियां परिवार के साथ-साथ नौकरी भी करती हैं। एक ही घर में पति-पत्नि दोनों सरकारी नौकरी करते हैं, ऐसे दपंती को बेहतर तालमेल की आवश्यकता होती है। दो दिन ड्यूटी चुनावों में लगी हुई है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह फर्ज पूरी निष्ठा से निभाऊंगी।
-कुसुमलता, सुपरवाइजर, महिला बाल विकास विभाग।
24 घंटे चुनाव ड्यूटी के साथ परिवार का भी ख्याल : सविता
आजकल महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। 45 प्रतिशत महिलाओं की चुनाव में ड्यूटी लगी हुई है। 24 घंटे चुनावों की ड्यूटी होने के बाद भी वह हर भूमिका निभा रही है। अगर उनकी ड्यूटी बाहर लग जाती है तो समय निकालकर परिवार से बात कर लेती है।
-सविता कुमारी, शिक्षिका, महेंद्रगढ़।
लोकतंत्र की ड्यूटी निभाना गर्व की बात: सुनीता
महिलाएं लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनाव ड्यूटी का फर्ज भी निभा रही हैं, यह गर्व की बात है। हर सरकारी विभाग में महिलाएं उच्च पदों पर रहकर सराहनीय कार्य कर रही हैं। लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह ड्यूटी निभाना हमारे लिए गौरव है।
-सुनीता, सुपरवाइजर महिला एवं बाल विकास विभाग।
आज के समय महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर हैं: अनिता
महिलाएं आजकल पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। महिलाएं सशक्त होकर हर क्षेत्र में कार्य कर दूसरों को जागरूक कर रही हैं। पहले सरकारी नौकरी में 33 प्रतिशत महिलाएं कार्य करती थीं। वर्तमान में 50 प्रतिशत महिलाएं कार्यरत हैं।
-अनिता, शिक्षिका कनीना सरकारी स्कूल।
कोई परेशानी इतनी बड़ी नहीं, जिसका समाधान न हो: राजेश
चुनावी ड्यूटी हमारी पहली जिम्मेदारी है। इसे पूरी निष्ठा व गंभीरता से निभाना हमारा कर्तव्य है। विधानसभा चुनाव में दूसरी बार ड्यूटी लगी है। इससे पहले लोकसभा चुनाव में ड्यूटी दे चुकी हूं। कुछ नया करने निकलते हैं तो शुरू में थोड़ी परेशानी होती है। यह इतनी बड़ी भी नहीं होती कि इसका समाधान ही न हो। ईवीएम समेत पूरी चुनावी सामग्री मिल गई है। अब अपना बूथ लगाना है। इसे सुबह मॉक पोल के साथ शुरू किया जाएगा। इस काम में सहयोग के लिए अन्य महिला कर्मचारी भी साथ हैं।
-राजेश, शिक्षिका, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बहुअकबरपुर रोहतक।
बच्चों को छोड़कर चुनाव ड्यूटी लगने से होती है थोड़ी परेशानी: संतोष
महिलाओं की हर क्षेत्र में भागीदारी बढ़ी है। चुनाव में बूथ पर ड्यूटी करना काफी अच्छा अनुभव है। काफी कुछ सीखने को मिलता है। हां बच्चों को घर पर छोड़कर खाना बनाकर देना, उनका ध्यान रखना, इन दिनों में थोड़ी परेशानी जरूर हो जाती है। क्योंकि काम में इतना ज्यादा व्यस्त होना पड़ता है कि पूरा ध्यान इसी पर लगा रहता है।
- संतोष यादव, गांव माजरा श्योराज, रेवाड़ी
चुनाव ड्यूटी लगना गर्व की बात, निभाऊंगी ड्यूटी: कविता
-मरे दो बच्चे हैं। चुनाव ड्यूटी से समस्या तो है, क्योंकि महिलाओं पर और भी कई जिम्मेदारियां होती हैं। जिस तरह से महिलाओं पर विश्वास कर जिम्मेदारी का कार्य सौंपा जा रहा है यह काफी गर्व की बात है। दो बार चुनाव में ड्यूटी निभा चुकी हूं। इस बार फिर से ड्यूटी निभाऊंगी।
-कविता यादव, भगत सिंह कॉलोनी रेवाड़ी
मां के आशीर्वाद से मिली चुनावी जिम्मेदारी निभाने की ताकत : राधा देवी
नवरात्र के समय नारीशक्ति व्रत के साथ लोकतंत्र में अपने कर्तव्य को भी बखूबी निभा रही है। घर पर बच्चों को दादा-दादी संभाल रहे हैं। मैंने नौ दिन का व्रत रखा है। चुनाव में ड्यूटी भी निभा रही हूं। कर्तव्य निभाने की शक्ति माता की भक्ति से मिलती है। सभी शांतिपूर्ण तरीके से मतदान कर लोकतंत्र में अपनी भूमिका निभाएं।
-राधा देवी, जैन बाग कॉलोनी सोनीपत।
हम अपनी जिम्मेदारी निभा रहे, आप भी वोट डालकर निभाएं : दर्शन कुमारी
मेरी और मेरे पति की ड्यूटी चुनाव में लगी है। लोकतंत्र में प्रत्येक मत महत्वपूर्ण होता है। इसलिए सभी 18 साल से ऊपर के नागरिकों को मतदान करना चाहिए, ताकि प्रदेश में एक संतुलित सरकार का गठन किया जा सके। हम अपनी जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से निभा रहे हैं। साथ ही शांतिपूर्ण चुनाव कराए जाएंगे।
-दर्शन कुमारी, नंदवानी नगर सोनीपत।
बच्चे पड़ोसियों को सौंपकर निभाने आई चुनावी ड्यूटी : उर्मिल
मेरी और मेरे पति की चुनावी ड्यूटी लगी है। घर पर छोटे बच्चों को पड़ोसियों को सौंपकर अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं। नवरात्र के व्रत भी रखे हैं। साथ ही चुनाव में अपनी भूमिका भी निभा रहे हैं। सभी युवाओं को लोकतंत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। तभी प्रदेश में अच्छी व मजबूत सरकार का गठन होगा।
-उर्मिल डागर, सेक्टर 14 सोनीपत।
पहली बार बच्चे को छोड़कर ड्यूटी निभाऊंगी: पूनम
पहली बार चुनाव ड्यूटी में बच्चे को घर पर छोड़कर आना पड़ा है। नवरात्र व्रत भी चल रहे हैं। हां, थोड़ी बहुत परेशानी जरूर है, लेकिन लोकतंत्र में अहम भूमिका निभाने जा रही हूं इस बात की खुशी भी है। सभी मतदाताओं से अपील है कि वे अपने घरों से निकलें और लोकतंत्र के पर्व में उत्साह से भाग लें।
-पूनम यादव, अध्यापिका जींद।
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अवसर मिले तो कोई भी काम कर लेंगी महिलाएं: पिंकी
मेरी ड्यूटी पिंक बूथ में लगाई गई है, मैं काफी उत्साहित हूं कि इतने बड़ स्तर पर होनी वाली मतदान प्रक्रिया को सफल बनाने में मैं भी अपनी भूमिका निभा रही हूं। मेरा मानना है महिलाएं घर की जिम्मेदारियों के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में सफलतापूर्वक कार्य कर सकती हैं, बस आवश्यकता है तो उनको अवसर प्रदान करने की। मैंने हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में भी बूथ के कार्यभार को संभाला था।
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-पिंकी यादव, लिपिक, जनस्वास्थ्य विभाग, नारनौल।
बूथ संभालना लोकतांत्रिक को मजबूत बनाने में योगदान: स्नेहलता
अध्यापन का कार्य करते हुए बहुत कुछ सीखने को मिला। विद्यार्थियों को पढ़ाना, उनके सपनों को नई उड़ान देना सब अध्यापन के कार्य का हिस्सा है और यह काफी सुकून देता है। चुनाव के दौरान जब भी बूथ संभालने के लिए मेरी ड्यूटी लगाई जाती है, तो मन उत्साह से भर जाता है। क्योंकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में मतदान एक पर्व की तरह है और बूथ कार्य को संभालना लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में छोटा सा योगदान है।
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-स्नेहलता, अध्यापिका, नारनौल।
पिंक बूथ बढ़ाता है महिलाओं का आत्मविश्वास: डॉ.मोनिका
मतदान बूथ पर काम करने का अनुभव काफी मजेदार है। मतदान के दिन बुजुर्ग लोगों में भी जोश होता है और पूरी जिम्मेदारी के साथ मतदान करते हैं। मतदान के दिन सभी कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी को निभाते हुए अपने कार्य को पूर्ण करते हैं। पहले मतदान जैसे महत्वपूर्ण कार्य को केवल महिलाएं संभाल पाएंगी या नहीं इसमें संशय बना रहता था, लेकिन पिंक बूथ महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाता है।
-डाॅ. मोनिका यादव, असिस्टेंट प्रोफेसर, काॅलेज नांगल चौधरी।
महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं: कुमारी मुस्कान
नवरात्र महिला सशक्तीकरण का प्रतीक है, और नवरात्र में उपवास रखते हुए मतदान केंद्रों पर महिलाएं कार्यभार को संभाल रही हैं। यह महिलाओं की कार्य क्षमता को प्रदर्शित करता है। आज के समय में महिला किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से पीछे नहीं हैं, बल्कि कंधे से कंधा मिलाकर हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और परचम लहरा रही हैं।
-कुमारी मुस्कान, लिपिक, पीजी कालेज, नारनौल।
लोकतंत्र की मजबूती का पर्व जिम्मेदारी से निभाऊंगी: कुसुमलता
महिलाएं और बेटियां परिवार के साथ-साथ नौकरी भी करती हैं। एक ही घर में पति-पत्नि दोनों सरकारी नौकरी करते हैं, ऐसे दपंती को बेहतर तालमेल की आवश्यकता होती है। दो दिन ड्यूटी चुनावों में लगी हुई है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह फर्ज पूरी निष्ठा से निभाऊंगी।
-कुसुमलता, सुपरवाइजर, महिला बाल विकास विभाग।
24 घंटे चुनाव ड्यूटी के साथ परिवार का भी ख्याल : सविता
आजकल महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। 45 प्रतिशत महिलाओं की चुनाव में ड्यूटी लगी हुई है। 24 घंटे चुनावों की ड्यूटी होने के बाद भी वह हर भूमिका निभा रही है। अगर उनकी ड्यूटी बाहर लग जाती है तो समय निकालकर परिवार से बात कर लेती है।
-सविता कुमारी, शिक्षिका, महेंद्रगढ़।
लोकतंत्र की ड्यूटी निभाना गर्व की बात: सुनीता
महिलाएं लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनाव ड्यूटी का फर्ज भी निभा रही हैं, यह गर्व की बात है। हर सरकारी विभाग में महिलाएं उच्च पदों पर रहकर सराहनीय कार्य कर रही हैं। लोकतंत्र की मजबूती के लिए यह ड्यूटी निभाना हमारे लिए गौरव है।
-सुनीता, सुपरवाइजर महिला एवं बाल विकास विभाग।
आज के समय महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के बराबर हैं: अनिता
महिलाएं आजकल पुरुषों के कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं। महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। महिलाएं सशक्त होकर हर क्षेत्र में कार्य कर दूसरों को जागरूक कर रही हैं। पहले सरकारी नौकरी में 33 प्रतिशत महिलाएं कार्य करती थीं। वर्तमान में 50 प्रतिशत महिलाएं कार्यरत हैं।
-अनिता, शिक्षिका कनीना सरकारी स्कूल।
कोई परेशानी इतनी बड़ी नहीं, जिसका समाधान न हो: राजेश
चुनावी ड्यूटी हमारी पहली जिम्मेदारी है। इसे पूरी निष्ठा व गंभीरता से निभाना हमारा कर्तव्य है। विधानसभा चुनाव में दूसरी बार ड्यूटी लगी है। इससे पहले लोकसभा चुनाव में ड्यूटी दे चुकी हूं। कुछ नया करने निकलते हैं तो शुरू में थोड़ी परेशानी होती है। यह इतनी बड़ी भी नहीं होती कि इसका समाधान ही न हो। ईवीएम समेत पूरी चुनावी सामग्री मिल गई है। अब अपना बूथ लगाना है। इसे सुबह मॉक पोल के साथ शुरू किया जाएगा। इस काम में सहयोग के लिए अन्य महिला कर्मचारी भी साथ हैं।
-राजेश, शिक्षिका, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बहुअकबरपुर रोहतक।
बच्चों को छोड़कर चुनाव ड्यूटी लगने से होती है थोड़ी परेशानी: संतोष
महिलाओं की हर क्षेत्र में भागीदारी बढ़ी है। चुनाव में बूथ पर ड्यूटी करना काफी अच्छा अनुभव है। काफी कुछ सीखने को मिलता है। हां बच्चों को घर पर छोड़कर खाना बनाकर देना, उनका ध्यान रखना, इन दिनों में थोड़ी परेशानी जरूर हो जाती है। क्योंकि काम में इतना ज्यादा व्यस्त होना पड़ता है कि पूरा ध्यान इसी पर लगा रहता है।
- संतोष यादव, गांव माजरा श्योराज, रेवाड़ी
चुनाव ड्यूटी लगना गर्व की बात, निभाऊंगी ड्यूटी: कविता
-मरे दो बच्चे हैं। चुनाव ड्यूटी से समस्या तो है, क्योंकि महिलाओं पर और भी कई जिम्मेदारियां होती हैं। जिस तरह से महिलाओं पर विश्वास कर जिम्मेदारी का कार्य सौंपा जा रहा है यह काफी गर्व की बात है। दो बार चुनाव में ड्यूटी निभा चुकी हूं। इस बार फिर से ड्यूटी निभाऊंगी।
-कविता यादव, भगत सिंह कॉलोनी रेवाड़ी
मां के आशीर्वाद से मिली चुनावी जिम्मेदारी निभाने की ताकत : राधा देवी
नवरात्र के समय नारीशक्ति व्रत के साथ लोकतंत्र में अपने कर्तव्य को भी बखूबी निभा रही है। घर पर बच्चों को दादा-दादी संभाल रहे हैं। मैंने नौ दिन का व्रत रखा है। चुनाव में ड्यूटी भी निभा रही हूं। कर्तव्य निभाने की शक्ति माता की भक्ति से मिलती है। सभी शांतिपूर्ण तरीके से मतदान कर लोकतंत्र में अपनी भूमिका निभाएं।
-राधा देवी, जैन बाग कॉलोनी सोनीपत।
हम अपनी जिम्मेदारी निभा रहे, आप भी वोट डालकर निभाएं : दर्शन कुमारी
मेरी और मेरे पति की ड्यूटी चुनाव में लगी है। लोकतंत्र में प्रत्येक मत महत्वपूर्ण होता है। इसलिए सभी 18 साल से ऊपर के नागरिकों को मतदान करना चाहिए, ताकि प्रदेश में एक संतुलित सरकार का गठन किया जा सके। हम अपनी जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से निभा रहे हैं। साथ ही शांतिपूर्ण चुनाव कराए जाएंगे।
-दर्शन कुमारी, नंदवानी नगर सोनीपत।
बच्चे पड़ोसियों को सौंपकर निभाने आई चुनावी ड्यूटी : उर्मिल
मेरी और मेरे पति की चुनावी ड्यूटी लगी है। घर पर छोटे बच्चों को पड़ोसियों को सौंपकर अपने कर्तव्य का निर्वहन कर रहे हैं। नवरात्र के व्रत भी रखे हैं। साथ ही चुनाव में अपनी भूमिका भी निभा रहे हैं। सभी युवाओं को लोकतंत्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। तभी प्रदेश में अच्छी व मजबूत सरकार का गठन होगा।
-उर्मिल डागर, सेक्टर 14 सोनीपत।
पहली बार बच्चे को छोड़कर ड्यूटी निभाऊंगी: पूनम
पहली बार चुनाव ड्यूटी में बच्चे को घर पर छोड़कर आना पड़ा है। नवरात्र व्रत भी चल रहे हैं। हां, थोड़ी बहुत परेशानी जरूर है, लेकिन लोकतंत्र में अहम भूमिका निभाने जा रही हूं इस बात की खुशी भी है। सभी मतदाताओं से अपील है कि वे अपने घरों से निकलें और लोकतंत्र के पर्व में उत्साह से भाग लें।
-पूनम यादव, अध्यापिका जींद।

फोटो संख्या:54- कुसुमलता, अगिहार--संवाद

फोटो संख्या:54- कुसुमलता, अगिहार--संवाद

फोटो संख्या:54- कुसुमलता, अगिहार--संवाद

फोटो संख्या:54- कुसुमलता, अगिहार--संवाद