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कल से मौसम फिर होगा परिवर्तनशील, बारिश होने की संभावना
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मौसम 8 जनवरी से दोबारा परिवर्तनशील होगा। जिससे हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार बन रहे हैं। नव वर्ष के शुरुआत से ही एक के बाद एक सक्रिय मौसम प्रणाली वेस्टर्न डिस्टर्बेंस की लगातार आवाजाही बनी हुई है। जिसकी वजह से लगातार बारिश का दौर जारी है। बारिश की वजह से वीरवार को अधिकतम तापमान में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। वीरवार को अधिकतम तापमान 14.8 डिग्री व न्यूनतम तापमान 11.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर भारी मात्रा में हिमपात होने की वजह से मैदानी राज्यों में बर्फीली ठंडी हवाओं के तीखे तेवरों का प्रभाव जारी है। जिसके कारण से अधिकतम तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। जिसकी वजह से वीरवार को नारनौल का अधिकतम तापमान 14.08 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश की वजह से अधिकतम तापमान में 7.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। आंकड़ों के आधार पर इस सीजन की शीत ऋतु का सबसे ठंडा दिन (कोल्ड-डे) नारनौल में बना हुआ है। यहां बुधवार को अधिकतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस रहा था जबकि वीरवार को 14.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वीरवार शाम से ही एक नया सशक्त वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भारत में उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों से प्रवेश करेगा। शुक्रवार सुबह से संपूर्ण इलाके पर एक बार फिर से बादल अपना डेरा जमा लेंगे और बर्फीली ठंडी हवाएं शीत ऋतु का तीखा अहसास करवाएगी। 8 जनवरी को सुबह भिवानी, लुहारू महेंद्रगढ़, नारनौल, रोहतक, झज्जर व रेवाड़ी और बाद में करनाल, सोनीपत, पानीपत, गुड़गांव, फरीदाबाद, पलवल और एनसीआर दिल्ली पर इस मौसम प्रणाली से हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियों की संभावना बन रही है। 8 जनवरी को बारिश की गतिविधियों में थोड़ी तेजी मिलेगी। जिसकी वजह से कहीं-कहीं मूसलाधार बारिश गरज चमक के साथ होने की और कुछ एक स्थानों पर ओलावृष्टि भी होने की प्रबल संभावनाएं बन रही है।
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राजकीय महाविद्यालय नारनौल के पर्यावरण क्लब के नोडल अधिकारी डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों पर भारी मात्रा में हिमपात होने की वजह से मैदानी राज्यों में बर्फीली ठंडी हवाओं के तीखे तेवरों का प्रभाव जारी है। जिसके कारण से अधिकतम तापमान में लगातार गिरावट आ रही है। जिसकी वजह से वीरवार को नारनौल का अधिकतम तापमान 14.08 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश की वजह से अधिकतम तापमान में 7.7 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। आंकड़ों के आधार पर इस सीजन की शीत ऋतु का सबसे ठंडा दिन (कोल्ड-डे) नारनौल में बना हुआ है। यहां बुधवार को अधिकतम तापमान 22.5 डिग्री सेल्सियस रहा था जबकि वीरवार को 14.8 डिग्री सेल्सियस रहा। वीरवार शाम से ही एक नया सशक्त वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भारत में उत्तरी पर्वतीय क्षेत्रों से प्रवेश करेगा। शुक्रवार सुबह से संपूर्ण इलाके पर एक बार फिर से बादल अपना डेरा जमा लेंगे और बर्फीली ठंडी हवाएं शीत ऋतु का तीखा अहसास करवाएगी। 8 जनवरी को सुबह भिवानी, लुहारू महेंद्रगढ़, नारनौल, रोहतक, झज्जर व रेवाड़ी और बाद में करनाल, सोनीपत, पानीपत, गुड़गांव, फरीदाबाद, पलवल और एनसीआर दिल्ली पर इस मौसम प्रणाली से हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियों की संभावना बन रही है। 8 जनवरी को बारिश की गतिविधियों में थोड़ी तेजी मिलेगी। जिसकी वजह से कहीं-कहीं मूसलाधार बारिश गरज चमक के साथ होने की और कुछ एक स्थानों पर ओलावृष्टि भी होने की प्रबल संभावनाएं बन रही है।
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