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Mahendragarh-Narnaul News: पांच दिन से टंकी का वॉल्व खराब, घरों तक नहीं पहुंच रहा पर्याप्त पानी
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फोटो 05: जलघर की मुख्य टंकी का खराब वॉल्व को दिखाता ग्रामीण। स्रोत: पाठक
सिहमा। पांच दिन से जलघर की मुख्य टंकी का वॉल्व खराब होने के कारण पेयजल संकट बना है। इसके चलते नहर का पानी टंकी में एकत्र होने के बजाय सीधे सप्लाई लाइन में छोड़ा जा रहा है जिससे पानी का प्रेशर कम हो गया है। गांव के अधिकांश घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार जिन घरों में मोटर लगी हुई है वहां किसी तरह पानी खींचकर उपयोग किया जा रहा है लेकिन जिनके पास यह सुविधा नहीं है वे पूरी तरह से नलकूपों या निजी टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं। इससे लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
करीब सात एकड़ क्षेत्र में फैले इस जलघर में एक बड़ा तालाब और छह टैंक बने हुए हैं जिनकी क्षमता प्रतिदिन लगभग ढाई लाख लीटर पानी को फिल्टर कर आपूर्ति करने की है। इतनी बड़ी क्षमता के बावजूद एक वॉल्व की खराबी से पूरी व्यवस्था ठप हो जाना विभागीय लापरवाही को उजागर करता है।
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इस समस्या का असर केवल घरों तक ही सीमित नहीं है बल्कि महंत खेता नाथ राजकीय महाविद्यालय, राजीव गांधी स्टेडियम एवं श्मशान घाट तक पानी की सप्लाई बाधित हो गई है। इससे विद्यार्थियों और आम लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जन स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराने के बावजूद भी पांच दिन बीत गए हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे जन स्वास्थ्य मंत्री श्रुति चौधरी से शिकायत करेंगे। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप कर जलापूर्ति बहाल करवाने की मांग की है, ताकि गांव वासियों को राहत मिल सके।
वर्जन:
इस समस्या की जानकारी अभी मिली है। जेई को निर्देश दे दिए हैं और जल्द ही जलघर की मुख्य टंकी का खराब वॉल्व ठीक करवा दिया जाएगा। जनस्वास्थ्य विभाग आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तत्पर है।-मुकेश, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग सिहमा
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ग्रामीणों के अनुसार जिन घरों में मोटर लगी हुई है वहां किसी तरह पानी खींचकर उपयोग किया जा रहा है लेकिन जिनके पास यह सुविधा नहीं है वे पूरी तरह से नलकूपों या निजी टैंकरों पर निर्भर हो गए हैं। इससे लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो गया है। खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।
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करीब सात एकड़ क्षेत्र में फैले इस जलघर में एक बड़ा तालाब और छह टैंक बने हुए हैं जिनकी क्षमता प्रतिदिन लगभग ढाई लाख लीटर पानी को फिल्टर कर आपूर्ति करने की है। इतनी बड़ी क्षमता के बावजूद एक वॉल्व की खराबी से पूरी व्यवस्था ठप हो जाना विभागीय लापरवाही को उजागर करता है।
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इस समस्या का असर केवल घरों तक ही सीमित नहीं है बल्कि महंत खेता नाथ राजकीय महाविद्यालय, राजीव गांधी स्टेडियम एवं श्मशान घाट तक पानी की सप्लाई बाधित हो गई है। इससे विद्यार्थियों और आम लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि जन स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराने के बावजूद भी पांच दिन बीत गए हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे जन स्वास्थ्य मंत्री श्रुति चौधरी से शिकायत करेंगे। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप कर जलापूर्ति बहाल करवाने की मांग की है, ताकि गांव वासियों को राहत मिल सके।
वर्जन:
इस समस्या की जानकारी अभी मिली है। जेई को निर्देश दे दिए हैं और जल्द ही जलघर की मुख्य टंकी का खराब वॉल्व ठीक करवा दिया जाएगा। जनस्वास्थ्य विभाग आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा तत्पर है।-मुकेश, एसडीओ, जन स्वास्थ्य विभाग सिहमा