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बिजली-पानी के लिए नारनौल-बहरोड मार्ग जाम
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Wed, 18 May 2016 12:02 AM IST
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बिजली और पानी की समस्या से परेशान गांव कोजिंदा के ग्रामीणों ने मंगलवार को नारनौल- बहरोड मार्ग जाम लगाकर नाराजगी प्रकट की। मंगलवार सुबह नौ बजे कोजिंदा नदी के पास लगे जाम के कारण दो घंटे यातायात बंद रहा। इस दौरान दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जाम खुलवाया। ग्रामीणों ने अधिकारियों को मौके पर ही वाटर वर्क्स दिखाया। विभाग के अधिकारियों ने मिली खामियों का जल्द ही समाधान करने का आश्वासन दिया।
गांव कोजिंदा में 15 दिन से वाटर वर्क्स की मोटर खराब होने के कारण पेयजल की समस्या बनी हुई है। जाम लगा रहे ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या के बारे में सरपंच और विभाग के अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है। जाम लगा रहे अनुसूचित जाति के लोगों का कहना है कि अन्य जाति के लोग अपने कुएं से पानी भर लेते हैं लेकिन उनको नहीं भरने देते। इस बारे में सरपंच को भी कई बार कह चुके हैं, मगर उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच कहता है कि चुनाव में जिनको वोट दिए थे उनसे ही पानी लो। जाम लगा रहे लोगों ने बताया कि उनकी समस्या का समाधान नहीं होने से बहुत परेशानी हो रही है।
24 में से केवल डेढ़ घंटे ही मिल रही बिजली
जाम लगा रहे ग्रामीणों का कहना था कि उनको पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। भयंकर गर्मी में बिजली नहीं मिलने के कारण बेहाल हैं। ग्रामीणों ने बताया कि 24 घंटे में से उनको दिन में केवल डेढ़ घंटे ही बिजली मिल पाती है। इस कारण परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस बारे में भी वे अधिकारियों को कई बार कह चुके हैं, मगर उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है।
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वाटर वर्क्स पर नहीं मिलते कर्मचारी
जाम लगा रहे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वाटर वर्क्स पर वैसे तो चार कर्मचारी तैनात हैं, मगर वहां पर एक भी कर्मचारी समय पर नहीं मिलता। इस कारण अव्यवस्थाओं का माहौल बना हुआ है।
शौच करने वाले भरते हैं बोतलों में पानी, कई जगह है लीक
जाम लगाने वाले ग्रामीणों ने बताया कि वाटर वर्क्स में शौच करने वाले लोग बोतलों में पानी भरते हैं। इस कारण यहां का वातावरण भी दूषित होता जा रहा है। यहां पर लाइनें भी लीकेज हैं। इस वजह से रोजाना हजारों लीटर पानी व्यर्थ ही बह जाता है। इससे जहां एक तरफ पानी की बर्बादी हो रही है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों को पीने का पानी नहीं मिल रहा।
मौके पर पहुंची पुलिस, नहीं खोला जाम
जाम लगने के करीब एक घंटे बाद ग्रामीणों को समझाने के लिए मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। इसके बाद भी ग्रामीणों ने जाम नहीं खोला। ग्रामीण जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की बात पर अड़े थे। जाम लगने के दो घंटे बाद जनस्वास्थ्य विभाग के जेई राजीव कुमार और एसडीओ अमित जैन मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्या सुनी। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि एक-दो दिन में उनकी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया। ग्रामीणों की शिकायत के बाद अधिकारियों ने वाटर वर्क्स का भी मुआयना किया। वहां पर उन्होंने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को जल्द से जल्द खामियां दूर करने को कहा। अधिकारियों ने कहा कि जल्द ही लीकेज की समस्या दूर कर दी जाएगी।
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गांव कोजिंदा में 15 दिन से वाटर वर्क्स की मोटर खराब होने के कारण पेयजल की समस्या बनी हुई है। जाम लगा रहे ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या के बारे में सरपंच और विभाग के अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है। जाम लगा रहे अनुसूचित जाति के लोगों का कहना है कि अन्य जाति के लोग अपने कुएं से पानी भर लेते हैं लेकिन उनको नहीं भरने देते। इस बारे में सरपंच को भी कई बार कह चुके हैं, मगर उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि सरपंच कहता है कि चुनाव में जिनको वोट दिए थे उनसे ही पानी लो। जाम लगा रहे लोगों ने बताया कि उनकी समस्या का समाधान नहीं होने से बहुत परेशानी हो रही है।
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24 में से केवल डेढ़ घंटे ही मिल रही बिजली
जाम लगा रहे ग्रामीणों का कहना था कि उनको पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है। भयंकर गर्मी में बिजली नहीं मिलने के कारण बेहाल हैं। ग्रामीणों ने बताया कि 24 घंटे में से उनको दिन में केवल डेढ़ घंटे ही बिजली मिल पाती है। इस कारण परेशानी बढ़ गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इस बारे में भी वे अधिकारियों को कई बार कह चुके हैं, मगर उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा है।
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वाटर वर्क्स पर नहीं मिलते कर्मचारी
जाम लगा रहे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वाटर वर्क्स पर वैसे तो चार कर्मचारी तैनात हैं, मगर वहां पर एक भी कर्मचारी समय पर नहीं मिलता। इस कारण अव्यवस्थाओं का माहौल बना हुआ है।
शौच करने वाले भरते हैं बोतलों में पानी, कई जगह है लीक
जाम लगाने वाले ग्रामीणों ने बताया कि वाटर वर्क्स में शौच करने वाले लोग बोतलों में पानी भरते हैं। इस कारण यहां का वातावरण भी दूषित होता जा रहा है। यहां पर लाइनें भी लीकेज हैं। इस वजह से रोजाना हजारों लीटर पानी व्यर्थ ही बह जाता है। इससे जहां एक तरफ पानी की बर्बादी हो रही है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों को पीने का पानी नहीं मिल रहा।
मौके पर पहुंची पुलिस, नहीं खोला जाम
जाम लगने के करीब एक घंटे बाद ग्रामीणों को समझाने के लिए मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। इसके बाद भी ग्रामीणों ने जाम नहीं खोला। ग्रामीण जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मौके पर बुलाने की बात पर अड़े थे। जाम लगने के दो घंटे बाद जनस्वास्थ्य विभाग के जेई राजीव कुमार और एसडीओ अमित जैन मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों की समस्या सुनी। इसके बाद उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि एक-दो दिन में उनकी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया। ग्रामीणों की शिकायत के बाद अधिकारियों ने वाटर वर्क्स का भी मुआयना किया। वहां पर उन्होंने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को जल्द से जल्द खामियां दूर करने को कहा। अधिकारियों ने कहा कि जल्द ही लीकेज की समस्या दूर कर दी जाएगी।