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Mahendragarh-Narnaul News: बारिश से आपूर्ति में कमी से सब्जियों के दाम बढ़े
Sun, 03 Aug 2025 01:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 03 Aug 2025 01:04 AM IST
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फोटो नंबर- 07नांगल चौधरी में सब्जी की एक दुकान पर रखे फल व सब्जी। संवाद
नांगल चौधरी। क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के दौरान सब्जियों के दाम आसमान पर पहुंच गए हैं। हरी सब्जियों के साथ टमाटर के दाम में भी उठाल आया है।
इससे मध्यम वर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सब्जियों की कीमतों में हुई तेजी से न केवल रसोई का बजट बिगड़ा है, बल्कि खाने के स्वाद को भी फीका कर दिया है। टमाटर, प्याज, भिंडी, लौकी, परवल, हरी मिर्च जैसी रोजमर्रा की सब्जियां भी अब आम लोगों की पहुंच से दूर होती जा रही हैं।
टमाटर 80 रुपये किलो पार कर चुका है। सब्जी और चटनी बनाने में लोग टमाटर का उपयोग बहुत कम कर रहे हैं। गृहिणियों का कहना है कि रोज का खाना बनाना मुश्किल हो गया है, हर हफ्ते बढ़ते दामों से समझ नहीं आता कि रसोई कैसे संभाले। उनका कहना है कि सब्जियों के दामों में हुई बढ़ोतरी ने घर की बजट व्यवस्था पूरी तरह बिगाड़ दी है। अब तो आलू-प्याज़ और बेसन जैसे विकल्प से काम चला रहे हैं।
स्थानीय सब्जी विक्रेता नरेश का कहना है कि बारिश और मौसम में बदलाव के कारण फसलें प्रभावित हुई हैं। इससे सब्जी की आपूर्ति में कमी आई है और दाम बढ़े हैं। पहले जहां एक ग्राहक 200 से 300 रुपये की सब्जी खरीदता था। अब वही लोग 50 से 100 रुपये में ही काम चला रहा है। इससे बिक्री पर सीधा असर पड़ा है। मौसम बदलाव, अधिक बारिश और कीट रोगों ने हरी सब्जियों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। जिससे किसान भी परेशान है, किसानों का कहना है कि उत्पादन लागत के मुकाबले दाम नहीं मिल पा रहे।
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बाजार में सब्जियों के रेट
क्षेत्र में इस समय आलू 30 रुपये, प्याज 30 रुपये, अदरक 120 रुपये, खीरा 50 रुपये, बैंगन 60 रुपये, टमाटर 80 रुपये, लहसुन 160 रुपये, पत्ता गोभी 60 रुपये, फूलगोभी 80 रुपये, मिर्च, नींबू 80 रुपये व अरवी 80 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही है।
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इससे मध्यम वर्गीय और निम्न आय वर्ग के परिवारों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सब्जियों की कीमतों में हुई तेजी से न केवल रसोई का बजट बिगड़ा है, बल्कि खाने के स्वाद को भी फीका कर दिया है। टमाटर, प्याज, भिंडी, लौकी, परवल, हरी मिर्च जैसी रोजमर्रा की सब्जियां भी अब आम लोगों की पहुंच से दूर होती जा रही हैं।
टमाटर 80 रुपये किलो पार कर चुका है। सब्जी और चटनी बनाने में लोग टमाटर का उपयोग बहुत कम कर रहे हैं। गृहिणियों का कहना है कि रोज का खाना बनाना मुश्किल हो गया है, हर हफ्ते बढ़ते दामों से समझ नहीं आता कि रसोई कैसे संभाले। उनका कहना है कि सब्जियों के दामों में हुई बढ़ोतरी ने घर की बजट व्यवस्था पूरी तरह बिगाड़ दी है। अब तो आलू-प्याज़ और बेसन जैसे विकल्प से काम चला रहे हैं।
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स्थानीय सब्जी विक्रेता नरेश का कहना है कि बारिश और मौसम में बदलाव के कारण फसलें प्रभावित हुई हैं। इससे सब्जी की आपूर्ति में कमी आई है और दाम बढ़े हैं। पहले जहां एक ग्राहक 200 से 300 रुपये की सब्जी खरीदता था। अब वही लोग 50 से 100 रुपये में ही काम चला रहा है। इससे बिक्री पर सीधा असर पड़ा है। मौसम बदलाव, अधिक बारिश और कीट रोगों ने हरी सब्जियों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है। जिससे किसान भी परेशान है, किसानों का कहना है कि उत्पादन लागत के मुकाबले दाम नहीं मिल पा रहे।
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बाजार में सब्जियों के रेट
क्षेत्र में इस समय आलू 30 रुपये, प्याज 30 रुपये, अदरक 120 रुपये, खीरा 50 रुपये, बैंगन 60 रुपये, टमाटर 80 रुपये, लहसुन 160 रुपये, पत्ता गोभी 60 रुपये, फूलगोभी 80 रुपये, मिर्च, नींबू 80 रुपये व अरवी 80 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही है।