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बसई की ममता यादव ने पहले प्रयास में यूपीएससी में पाई सफलता
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गांव बसई की ममता यादव अपने परिजन के साथ
- फोटो : Narnol
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महेंद्रगढ़। गांव बसई की लाडली ममता यादव ने यूपीएससी की परीक्षा में 556वीं रैंक प्राप्त किया है। 23 वर्षीय ममता ने अपने पहले प्रयास में यह रैंक हासिल की है। ममता ने कहा कि वह अपनी रैंक से खुश नहीं है। दोबारा से परीक्षा देकर अपनी रैंक को सुधारेगी।
ममता के पिता अशोक यादव दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में डेस्क पर कार्य करते हैं। उनकी मम्मी गृहिणी हैं। ममता ने बताया कि उसकी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली से हुई। 12वीं कक्षा में उसने नॉन मेडिकल संकाय में 96.6 प्रतिशत अंक लेकर स्कूल टॉप किया था। 2017 में हिंदू कॉलेज दिल्ली से बीएससी (ऑनर्स फिजिक्स) पास की। ममता ने एक्साइज एंड टेक्सेशन की परीक्षा पास की थी। कोरोना के चलते ज्वाइनिंग नहीं आई है।
पिता और गुरु करते थे प्रेरित
ममता ने बताया कि मेरे पिता और गुरुजन हमेशा मुझे यूपीएससी की तैयारी के लिए प्रेरित करते थे। उनकी प्रेरणा से ही मई 2018 से ही यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। मैं प्रतिदिन पांच से छह घंटे पढ़ाई करती थी। परीक्षा के समय दस-दस घंटे पढ़ाई करती थी। मैंने ऑप्शनल पेपर में फिजिक्स लिया था। मुझे यह पूरा भरोसा था कि मैं टेस्ट क्लीयर कर लूूंगी, लेकिन रैंकिंग को लेकर शंका थी। इसलिए मैंने मुख्य परीक्षा देने के बाद रेस्ट नहीं लिया। दोबारा अपनी तैयारी शुरू कर दी। ममता ने बताया कि मैंने आईएएस, आईआरएस इनकम टैक्स, आईआरएस कस्टम को प्राथमिकता दी थी। मुझे लगता है कि आईआरएस में मेरा हो जाएगा लेकिन मैं ज्वाइन न करके आईएएस के लिए दोबारा तैयारी करूंगी। उसने बताया कि मैं आईएएस बनकर सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम करूंगी। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का पूरा प्रयास करूंगी।
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गांव की सरपंच इंदू ने यूपीएससी परीक्षा पास करने पर ममता को बधाई दी। उन्होंने बताया कि यूपीएससी की परीक्षा अभी तक गांव के किसी भी व्यक्ति ने पास नहीं की। ममता यूपीएससी की परीक्षा पास करने वाली पहली बेटी बन गई है। उन्होंने बताया कि ममता की सफलता से गांव के अन्य बेटे एवं बेटियां भी प्रेरित होंगी। गांव आगमन पर उनका स्वागत भी किया जाएगा।
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ममता के पिता अशोक यादव दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में डेस्क पर कार्य करते हैं। उनकी मम्मी गृहिणी हैं। ममता ने बताया कि उसकी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली से हुई। 12वीं कक्षा में उसने नॉन मेडिकल संकाय में 96.6 प्रतिशत अंक लेकर स्कूल टॉप किया था। 2017 में हिंदू कॉलेज दिल्ली से बीएससी (ऑनर्स फिजिक्स) पास की। ममता ने एक्साइज एंड टेक्सेशन की परीक्षा पास की थी। कोरोना के चलते ज्वाइनिंग नहीं आई है।
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पिता और गुरु करते थे प्रेरित
ममता ने बताया कि मेरे पिता और गुरुजन हमेशा मुझे यूपीएससी की तैयारी के लिए प्रेरित करते थे। उनकी प्रेरणा से ही मई 2018 से ही यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी। मैं प्रतिदिन पांच से छह घंटे पढ़ाई करती थी। परीक्षा के समय दस-दस घंटे पढ़ाई करती थी। मैंने ऑप्शनल पेपर में फिजिक्स लिया था। मुझे यह पूरा भरोसा था कि मैं टेस्ट क्लीयर कर लूूंगी, लेकिन रैंकिंग को लेकर शंका थी। इसलिए मैंने मुख्य परीक्षा देने के बाद रेस्ट नहीं लिया। दोबारा अपनी तैयारी शुरू कर दी। ममता ने बताया कि मैंने आईएएस, आईआरएस इनकम टैक्स, आईआरएस कस्टम को प्राथमिकता दी थी। मुझे लगता है कि आईआरएस में मेरा हो जाएगा लेकिन मैं ज्वाइन न करके आईएएस के लिए दोबारा तैयारी करूंगी। उसने बताया कि मैं आईएएस बनकर सरकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम करूंगी। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने का पूरा प्रयास करूंगी।
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गांव की सरपंच इंदू ने यूपीएससी परीक्षा पास करने पर ममता को बधाई दी। उन्होंने बताया कि यूपीएससी की परीक्षा अभी तक गांव के किसी भी व्यक्ति ने पास नहीं की। ममता यूपीएससी की परीक्षा पास करने वाली पहली बेटी बन गई है। उन्होंने बताया कि ममता की सफलता से गांव के अन्य बेटे एवं बेटियां भी प्रेरित होंगी। गांव आगमन पर उनका स्वागत भी किया जाएगा।