फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   Unfinished construction work of Chhalak drain is becoming the reason for the accident

छलक नाले का अधूरा निर्माण कार्य बन रहा हादसे का कारण

Fri, 26 Nov 2021 11:30 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 26 Nov 2021 11:30 PM IST
विज्ञापन
Unfinished construction work of Chhalak drain is becoming the reason for the accident
अधूरा पड़ा छलक नाले का निर्माण कार्य। संवाद - फोटो : Narnol
शहर के बीचों-बीच गुजर रहे छलक नाले का अधूरा निर्माण लोगों के आंसू छलका रहा है। नाले का कार्य कछुआ गति होने के कारण अभी तक 40 प्रतिशत ही कार्य पूर्ण हो पाया है। वहीं इसमें गिरने से कई लोग घायल हो चुके हैं। वीरवार को पार्किंग करते समय एक व्यक्ति कार लेकर नाले में गिर गया था, जिससे उसकी मतौ हो गई थी। बरसात के मौसम से नाले का कार्य रोक दिया गया था, जिससे न केवल स्थानीय लोगों का बल्कि वाहन चालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, मगर नगर परिषद अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं।
विज्ञापन

बता दें कि कुलताजपुर रोड से रेवाड़ी रोड तक करीब 4-5 किलोमीटर तक फैला छलक नाला शहर के बीचों-बीचों होकर गुजरता है। वर्ष 2015 में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने छलक नाले का कायाकल्प करने की घोषणा की थी। इसके लिए करीब 28 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। 2019 को जयपुर की एक एजेंसी को इसके निर्माण का कार्य सौंपा गया था, मगर एजेंसी इसका निर्माण कार्य बहुत धीमी गति से कर रही है। वहीं बारिश के बाद से कार्य ही पूरी तरह से बंद हो गया। ऐसे में छलक नाले का आधा-अधूरा निर्माण हादसे का कारण बन रहा है।
विज्ञापन

बरसाती नदी बन गई छलक नाला
एक समय में शहर के बीचों-बीच से बरसाती पानी की छलक नदी गुजरती थी, जिसकी लंबाई व चौड़ाई भी अधिक थी, लेकिन शहर की आबादी बढ़ने से लोगों ने नदी के आस-पास रिहायश कर ली है। जिससे इस छलक नदी ने छलक नाले का रूप ले लिया है। स्थानीय लोगों ने इसके निर्माण में भी भारी अनियमितताएं बरतने की बात कही है। क्योंकि छलक नाले के निर्माण में नाले की चौड़ाई कही अधिक की गई है तो कही कम है। इसके अलावा निर्माण सामग्री में भी घटिया स्तर की इस्तेमाल करने की बात सामने है, क्योंकि कुछ समय पूर्व निर्माण की दीवार टूट गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

नाले पर दीवार होती तो टल सकता था हादसा
पूर्व पार्षद दयानंद सोनी, अमरनाथ सोनी, सत्यप्रकाश, निरंजन लाल, राम सिंह, ओमप्रकाश व मुकेश ने बताया कि अगर नाले पर दीवार होती तो शायद गत दिवस हुआ हादसा टल सकता था। उन्होंने कहा कि नाले की लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण काफी गंदगी बन गई है। इस कारण गत दिवस गिरी कार इसी गंदगी में फंस गई और एक व्यक्ति की जान चली गई। इस घटना का जिम्मेदार अधिकारी व संबंधित ठेकेदार है, क्योंकि अगर नाले का निर्माण पूरा हुआ होता तो शायद यह हादसा नहीं होता।
छलक नाले के साथ सड़क व पार्क बनाने की है योजना
छलक के लेआउट अनुसार छलक नाले के दोनों तरफ पक्की सड़क बननी है। इसके साथ-साथ खाली जगह पर पार्क, शौचालय का निर्माण किया जाना है। सड़क पर फुटपाथ व स्ट्रीट लाइटें लगनी है। वहीं छलक नाले के दोनों तरफ सेफ्टी के लिए लोहे की जाली लगाई जानी है। मगर दो साल में छलक नाले का 40 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है। इससे आस-पास रहने वाले लोगों को भारी परेशानी हो रही है।

शहर के बीचों-बीच बने छलक नाले का निर्माण कार्य जारी है। बारिश के दौरान कुछ समय के लिए कार्य रूक गया था। मगर अब निर्माण कार्य किया जा रहा है। संबंधित ठेकेदार को आदेश देकर जल्द से जल्द कार्य को पूरा करवाने का प्रयास किया जाएगा। -अंकित वशिष्ठ, एक्सईएन, नगर परिषद नारनौल।

 अधूरा पड़ा छलक नाले का निर्माण कार्य। संवाद

अधूरा पड़ा छलक नाले का निर्माण कार्य। संवाद- फोटो : Narnol

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed