फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Mahendragarh/Narnaul News ›   train, animals, one, death, five, injurd,

दूसरे दिन भी ट्रेन की चपेट में आया गोवंश, एक की मौत पांच घायल

Thu, 19 Jan 2017 12:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 19 Jan 2017 12:27 AM IST
विज्ञापन
 हादसे में एक गाय की मौत हो गई जबकि चार-पांच गोवंश घायल हो गये। घायल गोवंश रेलगाड़ी की टक्कर लगने के बाद जंगल की तरफ भाग गये। सूचना मिलने पर तहसीलदार महेंद्रगढ़ दिनेश कुमार और नायब तहसीलदार सतनाली ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों की मदद से मृत गाय को दफनाया। दिन में घायल गोवंश की तलाश की गई। दूसरी तरफ गो सेवा आयोग के सदस्य दयाशंकर तिवाड़ी मंगलवार को हुए हादसे की रिपोर्ट लेने एसपी से मिलने पहुंचे। चंडीगढ़ से आयोग के अध्यक्ष ने दयाशंकर तिवाड़ी से हादसे की जानकारी के साथ लावारिस गोवंश की जानकारी मांगी है।
विज्ञापन

बुधवार रात को एक बार फिर गोवंश रेलवे ट्रैक से गुजर रहा था। इसी दौरान गांव मढ़ीवाली और नांगलमाला के बीच मोड़ पर एक एक्सप्रेस गाड़ी आ गयी। एक गाय की मौके पर ही मौत हो गई जबकि चार-पांच गाड़ी की टक्कर से दूर जा गिरे। हादसे के बाद तहसीलदार महेंद्रगढ़ दिनेश कुमार और नायब तहसीलदार सतनाली मुकेश कुमार मौके पर पहुंचे। शाम तक घायल गोवंश की तलाश की जाती रही। गो सेवा आयोग के अध्यक्ष भानी सहाय मंगला ने मंगलवार को हुए हादसे की जानकारी आयोग के सदस्य दयाशंकर तिवाड़ी से मांगी। उन्होंने हादसे में मारे गायों की लिस्ट के अलावा लावारिस गोवंश की जानकारी मांगी।  
विज्ञापन

 गौरतलब है कि गांव नांगल माला फाटक के पास इसी रेलवे ट्रैक पर मंगलवार की अल सुबह 25 गोवंश मालगाड़ी की चपेट में आ गये थे। इसमें दस गायों और 14 बैलों की मौत हो गई थी। एक बछड़ा घायल हो गया था। उसे गोशाला धोलपोश में इलाज देकर छुड़वा दिया था। हादसा इतना भयानक था कि गोवंश के चिथड़े दूर -दूर तक बिखरे गये थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
दो मोड़ पर अकसर होता है हादसा
ग्रामीणों के अनुसार हर सप्ताह एक या दो गोवंश रेल हादसे में मर रही हैं। हादसा अधिकतर दो मोड़ पर होते हैं। मंडीवाली से नांगल माला के बीच मोड़ पर और नांगल माला से जेरपुर मोड़ पर हादसे होते रहते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि एक माह पहले मंडीवाली रेलवे फाटक के पास पांच गोवंश चपेट में आए थे। उससे तीन महीने पहले रेलवे क्वार्टरों के पास पांच गाय कटी गई थीं। ग्रामीणों के अनुसार कोई गाड़ी में भरकर गोवंश जंगल में छोड़ जाते हैं।
 
तीन हजार गोवंश घूम रहे हैं बाहर
महेंद्रगढ़ में करीब तीन हजार लावारिस गोवंश हैं। गो सेवा आयोग ने अक्टूबर माह में कहा था कि जब तक गो अभ्यारण्य नहीं बन जाते तब तक गोवंश  गोशालाओं में ही रहेंगे। इसके लिए जिले की कुल 25 गोशालाओं में से कुछ  गोशालाओं में गोवंशों को अंदर भी डाला गया था। उनके कानों पर टैग भी लगाए थे। गोसेवा आयोग ने साथ में यह भी कहा था कि जब तक लावारिस गोवंश गोशालाओं में रहेगा तो उसका खर्चा आयोग वहन करेगा। इसके बाद भी गोशालाओं पर कोई असर नहीं पड़ा। हालात यह हैं कि टैग लगी गोवंश भी बाहर घूमती नजर आ रही हैं।  नांगल मामला के आसपास गांवों में चार गोशाला हैं लेकिन कोई भी गोशाला इन लावारिस पशुओं को रखने के लिए तैयार नहीं हैं।


500 गायों को भिजवाया जाएगा गोशाला
गोसेवा आयोग के सदस्य दयाशंकर तिवाड़ी ने बताया कि आयोग के चेयरमैन भानी सहाय मंगला से बुधवार को बातचीत हुई है। जल्द ही 500 गोवंश को गोशालाओं में भिजवाया जाएगा। गाय पकड़ने के अभियान के दौरान उन स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां गोवंश ट्रेन से या अन्य किसी तरह दुर्घटना का शिकार हो रही हैं। आयोग गोशालाओं को गोवंश के रख रखाव के लिए खर्चा भी देगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed