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Mahendragarh-Narnaul News: श्रीकृष्ण व श्रीराम जन्म की कथा सुनाई
Mon, 15 Jul 2024 02:06 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 15 Jul 2024 02:06 AM IST
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फोटो संख्या:65- गांव पाल में श्रीमद्भागवत कथा में प्रवचन सुनते श्रद्धालु--स्रोत--आयोजक
महेंद्रगढ़। गांव पाल में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रद्धालुओं को श्रीकृष्ण जन्म व श्रीराम जन्म की कथा सुनाई गई। कथा में मुख्य यजमान मास्टर बाबूलाल, रूडाराम, कप्तान शिवकुमार, कुलदीप यादव, पूजा, गोपीचंद सोनी रहे।
कथा वाचक कुलदीप शास्त्री ने बताया कि कर्मयोगी भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कंस के कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। भगवान कृष्ण जन्मोत्सव में नन्हें बालक ने भगवान कृष्ण का रूप धारण कर उपस्थित हुए। जब-जब पृथ्वी पर कोई संकट आता है, दुष्टों का अत्याचार बढ़ा है तब भगवान ने जन्म लिया है। कंस के अत्याचार को खत्म करने के लिए दुनिया को संदेश देने के लिए और संकट के समय परमात्मा का आश्रय लेकर भव सागर से पार ले जाने के लिए प्रभु ने अवतार धारण किया। दुष्टों का हर युग में प्रभु ने संहार किया है। ये कृष्ण नाम ही नहीं ये प्रेम का सागर है। ये विपत्ति में धर्म रूप धैर्य है। वहीं उन्होंने श्रद्धालुओं का श्रीराम जन्म की कथा सुनाई गई। इस मौके पर कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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कथा वाचक कुलदीप शास्त्री ने बताया कि कर्मयोगी भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कंस के कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। भगवान कृष्ण जन्मोत्सव में नन्हें बालक ने भगवान कृष्ण का रूप धारण कर उपस्थित हुए। जब-जब पृथ्वी पर कोई संकट आता है, दुष्टों का अत्याचार बढ़ा है तब भगवान ने जन्म लिया है। कंस के अत्याचार को खत्म करने के लिए दुनिया को संदेश देने के लिए और संकट के समय परमात्मा का आश्रय लेकर भव सागर से पार ले जाने के लिए प्रभु ने अवतार धारण किया। दुष्टों का हर युग में प्रभु ने संहार किया है। ये कृष्ण नाम ही नहीं ये प्रेम का सागर है। ये विपत्ति में धर्म रूप धैर्य है। वहीं उन्होंने श्रद्धालुओं का श्रीराम जन्म की कथा सुनाई गई। इस मौके पर कई श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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