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तीन दिवसीय हड़ताल कर्मचारियों के साथ आम-जन की भी जीत : संयुक्त संघर्ष मोर्चा
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नारनौल। सिंघाना रोड स्थित अधीक्षक अभियंता कार्यालय में शनिवार को बिजली कर्मचारी एवं संयुक्त संघर्ष मोर्चा की ओर से धन्यवाद सभा आयोजित की गई। सभा में 22 से 24 अक्तूबर तक चली तीन दिवसीय प्रदेशव्यापी हड़ताल में सहयोग देने वाले कर्मचारी संगठनों, किसान संगठनों और अन्य वर्गों का आभार जताया गया।
सभा की संयुक्त अध्यक्षता पावर एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र पाल यादव और सर्कल सचिव सत्यवान यादव ने की, जबकि मंच संचालन सुभाष रोहिल्ला ने किया। केंद्रीय परिषद के सह-सचिव सुभाष रोहिल्ला और एएचपीसी सर्कल सचिव किरोड़ी मल सैनी ने कहा कि हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) की ओर से गुरुग्राम और नूंह डिवीजनों में निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के फैसले के विरोध में हड़ताल की गई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला बिजली निगमों, कर्मचारियों, किसानों, बेरोजगार युवाओं और आम जनता के हितों के खिलाफ था। उन्होंने बताया कि हड़ताल के दूसरे दिन बिजली व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा। इसके बाद ऊर्जा मंत्री और मुख्यमंत्री की ओर से एचईआरसी के आदेश की समीक्षा का लिखित आश्वासन मिलने तथा सहमति बनने पर हड़ताल वापस ले ली गई।
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डिप्लोमा एसोसिएशन के प्रधान सत्यपाल ने कहा कि यह लड़ाई केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि आम जनता के हितों से भी जुड़ गई थी। विभिन्न विभागों, किसान संगठनों और सामाजिक वर्गों ने एकजुट होकर समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि यह किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि सभी के सामूहिक प्रयासों की जीत है।
ये रहे मौजूद
सभा में सतीश सिंह, राजेंद्र नौताना, दीपक एसडीओ, राकेश एसएससी, वीर सिंह एसएससी, कर्मवीर जाखड़, चिंतामणि, सतपाल यादव, प्रमोद शर्मा, वीरेंद्र यादव, आशीष गौर, वेद प्रकाश जेई, राकेश उपप्रधान, अनिल यादव, सत्य प्रकाश यादव, रामौतार, नवीन यादव, दीपक फोरमैन, ललित फोरमैन, तपन कुमार, प्रेमपाल, यश, जितेंद्र डांगी, सुरेंद्र प्रधान, चंद्रजीत यादव, प्रवीण फोरमैन, अशोक कुमार जेई और बलवीर यादव सहित अनेक कर्मचारी व अधिकारी मौजूद रहे।
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सभा की संयुक्त अध्यक्षता पावर एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र पाल यादव और सर्कल सचिव सत्यवान यादव ने की, जबकि मंच संचालन सुभाष रोहिल्ला ने किया। केंद्रीय परिषद के सह-सचिव सुभाष रोहिल्ला और एएचपीसी सर्कल सचिव किरोड़ी मल सैनी ने कहा कि हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) की ओर से गुरुग्राम और नूंह डिवीजनों में निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के फैसले के विरोध में हड़ताल की गई थी।
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उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला बिजली निगमों, कर्मचारियों, किसानों, बेरोजगार युवाओं और आम जनता के हितों के खिलाफ था। उन्होंने बताया कि हड़ताल के दूसरे दिन बिजली व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा। इसके बाद ऊर्जा मंत्री और मुख्यमंत्री की ओर से एचईआरसी के आदेश की समीक्षा का लिखित आश्वासन मिलने तथा सहमति बनने पर हड़ताल वापस ले ली गई।
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डिप्लोमा एसोसिएशन के प्रधान सत्यपाल ने कहा कि यह लड़ाई केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रही, बल्कि आम जनता के हितों से भी जुड़ गई थी। विभिन्न विभागों, किसान संगठनों और सामाजिक वर्गों ने एकजुट होकर समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि यह किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि सभी के सामूहिक प्रयासों की जीत है।
ये रहे मौजूद
सभा में सतीश सिंह, राजेंद्र नौताना, दीपक एसडीओ, राकेश एसएससी, वीर सिंह एसएससी, कर्मवीर जाखड़, चिंतामणि, सतपाल यादव, प्रमोद शर्मा, वीरेंद्र यादव, आशीष गौर, वेद प्रकाश जेई, राकेश उपप्रधान, अनिल यादव, सत्य प्रकाश यादव, रामौतार, नवीन यादव, दीपक फोरमैन, ललित फोरमैन, तपन कुमार, प्रेमपाल, यश, जितेंद्र डांगी, सुरेंद्र प्रधान, चंद्रजीत यादव, प्रवीण फोरमैन, अशोक कुमार जेई और बलवीर यादव सहित अनेक कर्मचारी व अधिकारी मौजूद रहे।