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Mahendragarh-Narnaul News: साहिबजादों के बलिदान को नमन किया

Thu, 26 Dec 2024 10:47 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल Updated Thu, 26 Dec 2024 10:47 PM IST
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There is no example of sacrifice of children: Dr. S. Anukriti
फोटो नंबर-02अंतरराष्ट्रीय वर्चुअल बालकाव्य में भाग लेते कविगण। स्रोत- संस्था
नारनौल। मनुमुक्त मानव मेमोरियल ट्रस्ट ने द्वारा वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में वर्चुअल अंतरराष्ट्रीय बाल काव्य सम्मेलन का आयोजन वीरवार को किया। इसमें कई देशों के पंद्रह कवियों ने पाठ किया।
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डॉ. कांता भारती द्वारा प्रस्तुत प्रार्थना गीत के उपरांत प्रगीत कुंअर के संचालन और गृह मंत्रालय, भारत सरकार के सहायक निदेशक रघुवीर शर्मा की अध्यक्षता में लगभग डेढ़ घंटे तक चले सम्मेलन में नेपाल के पूर्व कृषि मंत्री और वरिष्ठ साहित्यकार त्रिलोचन ढकाल मुख्य अतिथि थे।
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विश्व बैंक वाशिंगटन डीसी (अमेरिका) की वरिष्ठ अर्थशास्त्री डॉ. एस अनुकृति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कहा कि सिखों के 10वें गुरु गोविंद सिंह के पुत्रों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि विश्व के इतिहास में बच्चों के त्याग और बलिदान का ऐसा कोई अन्य उदाहरण नहीं मिलता। इससे पूर्व चीफ ट्रस्टी डॉ. रामनिवास मानव ने चारों गुरुपुत्रों के बलिदान की जानकारी दी।
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टोक्यो (जापान) की डॉ. रमा पूर्णिमा शर्मा ने बच्चे सच्चे-अच्छे, सिडनी (आस्ट्रेलिया) के प्रगीत कुंअर ने बचपन का मतलब और डॉ. भावना कुंअर ने दादी का गांव, दोहा (कतर) की डॉ. मीनू शर्मा मानसी ने दोस्ती की मिठास, वाक्वा माॅरिशस की कल्पना लालजी ने कहां गये वे बच्चे, सोफिया (बुल्गारिया) की डॉ. मोना कौशिक ने देश, कोलोन (जर्मनी) की डॉ. शिप्रा शिल्पी ने नन्हें सैनिक, आसन (नीदरलैंड) की डॉ. ऋतु शर्मा ने नई कहानी, स्टाॅकहोम (स्वीडन) के सुरेश पांडे ने सड़क, वर्जीनिया (अमेरिका) की मंजू श्रीवास्तव ने लस्सी या पेप्सी तथा लखनऊ के डॉ. रामवृक्ष सिंह ने धमाचौकड़ी, मथुरा के डॉ. अंजीव अंजुम ने ‘फूल हैं बगिया के, रायपुर के डॉ. सत्यनारायण ने सर्दी, हिसार के डाॅ. सत्यवान सौरभ ने ठंड हुई पुरजोर व नारनौल के डाॅ. रामनिवास मानव ने मत घबराना शीर्षक बालगीतों और बाल-कविताओं का पाठ किया।
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