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Mahendragarh-Narnaul News: भगवान श्रीराम का जन्म होते ही जयकारों से गूंजा पांडाल
Mon, 03 Jun 2024 12:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Mon, 03 Jun 2024 12:16 AM IST
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फोटो संख्या:72 -श्रीराम कथा एवं दुर्लभ सत्संग के दौरान प्रवचन सुनते श्रद्धालु--स्रोत-- आयोजक
सतनाली। गांव श्यामपुरा के हनुमान मंदिर में नौ दिवसीय श्रीराम कथा व दुर्लभ सत्संग के चौथे दिन कथा के दौरान श्रद्धालु को भगवान राम का जन्मोत्सव की कथा सुनाई गई। कथा में राम के जन्म होते ही पंडाल में प्रभु श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
कथावाचक महाराज हरिदास ने कहा कि भगवान का जन्म असुरों और पापियों का नाश करने के लिए हुआ था। भगवान राम ने बाल्यावस्था से ही असुरों का नाश किया। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन चरित्र अनंत सदियों तक चलता रहेगा। राम कथा में माता-पिता व भाई के प्रति प्रभु राम का जो स्नेह प्रेम सदा-सदा के लिए अमर है। उन्होंने कहा कि राजा दशरथ के संतान न होने के कारण अपने कुलगुरु वशिष्ठ के पास जाते हैं। जहां वशिष्ठ द्वारा श्रृंगी ऋषि से शुभ पुत्र कामेष्टि यज्ञ करवाते है। यज्ञ कुंड से अग्नि देवता का प्रकट होकर राजा दशरथ को खीर प्रदान करते हैं, जिसके बाद राजा दशरथ द्वारा तीनों रानियों कौशल्या, कैकई और सुमित्रा को खीर देते है। उस खीर के खाने से तीनों रानियों को भगवान राम सहित भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न का जन्म होता है।
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कथावाचक महाराज हरिदास ने कहा कि भगवान का जन्म असुरों और पापियों का नाश करने के लिए हुआ था। भगवान राम ने बाल्यावस्था से ही असुरों का नाश किया। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का जीवन चरित्र अनंत सदियों तक चलता रहेगा। राम कथा में माता-पिता व भाई के प्रति प्रभु राम का जो स्नेह प्रेम सदा-सदा के लिए अमर है। उन्होंने कहा कि राजा दशरथ के संतान न होने के कारण अपने कुलगुरु वशिष्ठ के पास जाते हैं। जहां वशिष्ठ द्वारा श्रृंगी ऋषि से शुभ पुत्र कामेष्टि यज्ञ करवाते है। यज्ञ कुंड से अग्नि देवता का प्रकट होकर राजा दशरथ को खीर प्रदान करते हैं, जिसके बाद राजा दशरथ द्वारा तीनों रानियों कौशल्या, कैकई और सुमित्रा को खीर देते है। उस खीर के खाने से तीनों रानियों को भगवान राम सहित भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न का जन्म होता है।
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