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Mahendragarh-Narnaul News: कभी भी टीम स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए आ सकती है
Sun, 16 Mar 2025 11:52 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sun, 16 Mar 2025 11:52 PM IST
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फोटो नंबर- 01मोहिनी बाजार की सड़क पर जमा गंदगी। संवाद
- फोटो : संवाद
नारनौल। स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग के लिए नगर परिषद के अधिकारी भले ही सफाई व्यवस्था पर जोर दे रहे हों, लेकिन शहर में अभी भी अपेक्षाकृत सफाई व्यवस्था नहीं है। हालांकि नप ने कूड़ा मुक्त शहर और ओडीएफ डबल प्लस के लिए आवेदन किया है। इसके लिए नप को शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार के लिए और अधिक प्रयास करने होंगे। वहीं त्योहारी सीजन के बाद अब शहर में कभी भी स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए टीम आ सकती है।
गत वर्षों में जिले की स्वच्छता रैंकिंग कुछ अच्छी नहीं रही। इसलिए नप अधिकारी रैंकिंग को लेकर विशेष प्रयास कर रहे हैं। नप के डीएमसी डॉ. आनंद शर्मा के प्रयास से सफाई व्यवस्था में काफी हद तक सुधार देखने को मिला है। इसके चलते शहर के मुख्य डंपिंग पॉइंट को हटा दिया गया है। जहां हमेशा गंदगी का ढेर लगा रहता था। अब उन स्थानों पर तो गंदगी का उठान नियमित होने लग गया है, लेकिन अभी भी शहर के कई मोहल्ले व बाजार ऐसे हैं जहां सफाई की आवश्यकता है।
शहर के कई मोहल्ले अभी भी ऐसे है जिनमें रोजाना झाड़ू लगाने वाले कर्मचारी नहीं पहुंचते। शहर के मोहल्लावासियों का कहना है कि सफाई कर्मचारी के नहीं आने से उन्हें ही सड़क पर झाड़ू लगानी पड़ती है। वहीं जहां सफाई कर्मचारी जाते हैं वहां झाड़ू निकालने के बाद सड़क पर कूड़ा एकत्रित कर देते है और उस कूड़े का उठान भी नहीं हो पाता। इससे वह सड़क पर फैल जाता है। इसके अलावा कई मोहल्लों में लोगों की शिकायत रहती है कि उनके डोर-टू-डोर कूड़ा लेने वाली गाड़ी नहीं पहुंचती। लोगों का कहना है गाड़ी कई बार तो दो-तीन दिनों में आती है और उसका भी कोई समय निर्धारित नहीं है। कभी तो गाड़ी सुबह पहले आ जाती है और कभी दोपहर में आती है। इस प्रकार कूड़ा गाड़ी के समय पर नहीं आने से भी लोगों को परेशानी होती है।
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त्योहारी सीजन के बाद अब शहर में कभी भी स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए टीम आ सकती है। जोकि शहर में कही भी जाकर व्यवस्थाओं का जायजा ले सकती है। इसलिए नप प्रशासन को चाहिए कि वह शहर के मोहल्लों के साथ बाजार में भी जहां सफाई नहीं हो रही या कूड़ा उठान नहीं हो रहा उस पर ध्यान दे।
इंसेट
सदन की बैठक में पार्षद भी उठाई जा चुके है सफाई की मांग
नगर परिषद सदन की बैठक जब भी होती है तो उसमें वार्ड के पार्षद सफाई व्यवस्था को ठीक करने की मांग उठाते रहते हैं। पार्षदों का आरोप है कि वार्ड में सफाई कर्मचारी पूरे नहीं आते। इससे आधे वार्ड में सफाई नहीं हो पाती। वहीं डोर-टू-डोर कूड़ा उठान करने वाली गाड़ियों के न पहुंचने पर भी रोष व्यक्त करते हैं।
वर्जन-
नगर परिषद शहर की सफाई पर गंभीरता के साथ कार्य किया जा रहा है। अभी दो दिन त्योहार के चलते सफाई में कुछ परेशानी रही होगी। अब इसे भी ठीक कर दिया जाएगा। मोहल्लों में कभी आध सफाई कर्मचारियों के अवकाश पर चले जाने से झाड़ू नहीं निकल पाती। अगर कहीं भी डोर-टू-डोर कूडा लेने गाड़ी नहीं पहुंच रही या सफाई को लेकर कोई शिकायत आती है तो उस पर तुरंत प्रभाव से कार्य किया जाता है।-दीपक गोयल। कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद।
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गत वर्षों में जिले की स्वच्छता रैंकिंग कुछ अच्छी नहीं रही। इसलिए नप अधिकारी रैंकिंग को लेकर विशेष प्रयास कर रहे हैं। नप के डीएमसी डॉ. आनंद शर्मा के प्रयास से सफाई व्यवस्था में काफी हद तक सुधार देखने को मिला है। इसके चलते शहर के मुख्य डंपिंग पॉइंट को हटा दिया गया है। जहां हमेशा गंदगी का ढेर लगा रहता था। अब उन स्थानों पर तो गंदगी का उठान नियमित होने लग गया है, लेकिन अभी भी शहर के कई मोहल्ले व बाजार ऐसे हैं जहां सफाई की आवश्यकता है।
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शहर के कई मोहल्ले अभी भी ऐसे है जिनमें रोजाना झाड़ू लगाने वाले कर्मचारी नहीं पहुंचते। शहर के मोहल्लावासियों का कहना है कि सफाई कर्मचारी के नहीं आने से उन्हें ही सड़क पर झाड़ू लगानी पड़ती है। वहीं जहां सफाई कर्मचारी जाते हैं वहां झाड़ू निकालने के बाद सड़क पर कूड़ा एकत्रित कर देते है और उस कूड़े का उठान भी नहीं हो पाता। इससे वह सड़क पर फैल जाता है। इसके अलावा कई मोहल्लों में लोगों की शिकायत रहती है कि उनके डोर-टू-डोर कूड़ा लेने वाली गाड़ी नहीं पहुंचती। लोगों का कहना है गाड़ी कई बार तो दो-तीन दिनों में आती है और उसका भी कोई समय निर्धारित नहीं है। कभी तो गाड़ी सुबह पहले आ जाती है और कभी दोपहर में आती है। इस प्रकार कूड़ा गाड़ी के समय पर नहीं आने से भी लोगों को परेशानी होती है।
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त्योहारी सीजन के बाद अब शहर में कभी भी स्वच्छता सर्वेक्षण के लिए टीम आ सकती है। जोकि शहर में कही भी जाकर व्यवस्थाओं का जायजा ले सकती है। इसलिए नप प्रशासन को चाहिए कि वह शहर के मोहल्लों के साथ बाजार में भी जहां सफाई नहीं हो रही या कूड़ा उठान नहीं हो रहा उस पर ध्यान दे।
इंसेट
सदन की बैठक में पार्षद भी उठाई जा चुके है सफाई की मांग
नगर परिषद सदन की बैठक जब भी होती है तो उसमें वार्ड के पार्षद सफाई व्यवस्था को ठीक करने की मांग उठाते रहते हैं। पार्षदों का आरोप है कि वार्ड में सफाई कर्मचारी पूरे नहीं आते। इससे आधे वार्ड में सफाई नहीं हो पाती। वहीं डोर-टू-डोर कूड़ा उठान करने वाली गाड़ियों के न पहुंचने पर भी रोष व्यक्त करते हैं।
वर्जन-
नगर परिषद शहर की सफाई पर गंभीरता के साथ कार्य किया जा रहा है। अभी दो दिन त्योहार के चलते सफाई में कुछ परेशानी रही होगी। अब इसे भी ठीक कर दिया जाएगा। मोहल्लों में कभी आध सफाई कर्मचारियों के अवकाश पर चले जाने से झाड़ू नहीं निकल पाती। अगर कहीं भी डोर-टू-डोर कूडा लेने गाड़ी नहीं पहुंच रही या सफाई को लेकर कोई शिकायत आती है तो उस पर तुरंत प्रभाव से कार्य किया जाता है।-दीपक गोयल। कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद।