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भारत के निर्माण का दायित्व युवाओं के कंधों पर : प्रो. नीलिमा
Sat, 08 Mar 2025 11:30 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
संवाद न्यूज एजेंसी, महेंद्रगढ़/नारनौल
Updated Sat, 08 Mar 2025 11:30 PM IST
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फोटो संख्या:68- हकेवि के ग्यारहवें दीक्षांत समारोह स्वर्ण पदक प्रदान करतीं प्रो. नीलिमा गुप्ता-
महेंद्रगढ़। हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेंवि) के 11वें दीक्षांत समारोह में 1426 विद्यार्थियों को पीएचडी व स्नातक तथा स्नातकोत्तर की उपाधि प्रदान की गई। डाॅ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय सागर की कुलपति प्रो. नीलिमा गुप्ता मुख्य अतिथि रहीं। विशिष्ट अतिथि हरियाणा लोक सेवा आयोग की सदस्य ममता यादव व पिडिलाइट इंडस्ट्रीज के निखिल माथुर दीक्षांत समारोह में शामिल हुए।
हकेंवि के ग्यारहवें दीक्षांत समारोह में 1381 विद्यार्थियों व शोधार्थियों को पीएच.डी., स्नातक व स्नातकोत्तर की उपाधियां दी गईं। 49 विद्यार्थियों को उनके उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया। दीक्षांत समारोह में स्नातक पाठ्यक्रमों के अंतर्गत 570 तथा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में 811 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। इसमें 49 शोधार्थियों को पीएच.डी. की उपाधि प्रदान की गई। 1426 विद्यार्थियों व शोधार्थियों में 779 छात्र और 647 छात्राएं शामिल हैं।
प्रो. नीलिमा गुप्ता ने विद्यार्थियों को शुभकामना दी। कहा कि भारत के निर्माण का दायित्व युवाओं के कंधों पर है। आयोजन में विशिष्ट अतिथि ममता यादव ने विद्यार्थियों को समाज और राष्ट्र के लिए विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने के लिए तैयार करने में शैक्षणिक संस्थान के महत्व पर जोर दिया। दूसरे विशिष्ट अतिथि श्री निखिल माथुर ने विद्यार्थियों को नए विचारों और समाधानों को अपनाकर अपने-अपने क्षेत्रों में आगे रहने के लिए प्रोत्साहित किया।
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कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि यह दिन उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के जीवन में नए अध्याय की शुरुआत करेगा। भारत के निर्माण में महिला शक्ति का अहम योगदान होने वाला है विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों में लगभग 50 प्रतिशत छात्राएं हैं। कुलपति ने विश्वविद्यालय की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि शोध के विकास के लिए मेट्रो लैब, ईवी लैब, 5जी लैब की स्थापना की गई है। संसाधनों के विकास के स्तर पर विश्वविद्यालय को केंद्र सरकार से 273.47 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है। विश्वविद्यालय में दूरस्थ शिक्षा के तीन पाठ्यक्रमों की भी शुरुआत हो गई है।
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- 49 को मिले स्वर्ण पदक व 1426 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां:
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हकेंवि के ग्यारहवें दीक्षांत समारोह में 1381 विद्यार्थियों व शोधार्थियों को पीएच.डी., स्नातक व स्नातकोत्तर की उपाधियां दी गईं। 49 विद्यार्थियों को उनके उल्लेखनीय प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया गया। दीक्षांत समारोह में स्नातक पाठ्यक्रमों के अंतर्गत 570 तथा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में 811 विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की गई। इसमें 49 शोधार्थियों को पीएच.डी. की उपाधि प्रदान की गई। 1426 विद्यार्थियों व शोधार्थियों में 779 छात्र और 647 छात्राएं शामिल हैं।
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प्रो. नीलिमा गुप्ता ने विद्यार्थियों को शुभकामना दी। कहा कि भारत के निर्माण का दायित्व युवाओं के कंधों पर है। आयोजन में विशिष्ट अतिथि ममता यादव ने विद्यार्थियों को समाज और राष्ट्र के लिए विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने के लिए तैयार करने में शैक्षणिक संस्थान के महत्व पर जोर दिया। दूसरे विशिष्ट अतिथि श्री निखिल माथुर ने विद्यार्थियों को नए विचारों और समाधानों को अपनाकर अपने-अपने क्षेत्रों में आगे रहने के लिए प्रोत्साहित किया।
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कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने कहा कि यह दिन उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के जीवन में नए अध्याय की शुरुआत करेगा। भारत के निर्माण में महिला शक्ति का अहम योगदान होने वाला है विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों में लगभग 50 प्रतिशत छात्राएं हैं। कुलपति ने विश्वविद्यालय की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि शोध के विकास के लिए मेट्रो लैब, ईवी लैब, 5जी लैब की स्थापना की गई है। संसाधनों के विकास के स्तर पर विश्वविद्यालय को केंद्र सरकार से 273.47 करोड़ रुपये का अनुदान प्राप्त हुआ है। विश्वविद्यालय में दूरस्थ शिक्षा के तीन पाठ्यक्रमों की भी शुरुआत हो गई है।
- 49 को मिले स्वर्ण पदक व 1426 विद्यार्थियों को मिली उपाधियां: