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Mahendragarh-Narnaul News: मेन्यू में पोषण, थाली में इंतजार
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फोटो नंबर- 16आंगनबाड़ी केंद्र पर कपड़े से ढका चूल्हा और उस पर रखे खाली बर्तन। संवाद
नारनौल। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को मिलने वाला पौष्टिक भोजन राशन संकट के कारण प्रभावित हो गया है। जिले के 1201 आंगनबाड़ी केंद्रों पर ढाई माह से गेहूं और चावल नहीं पहुंचने के कारण तय मेन्यू के अनुसार भोजन नहीं बन रहा है। ऐसे में बच्चों को फिलहाल मिक्सर खीर, मिक्स दूध पाउडर और प्रोटीन युक्त चॉकलेट के सहारे पोषण दिया जा रहा है।
जिले में स्थित 1201 आंगनबाड़ी केंद्रों पर अप्रैल के अंत में गेहूं व चावल आए थे। अधिकतर केंद्रों पर मई के अंत तक गेहूं व चावल खत्म हो गए जिसके बाद से केंद्रों पर खाना नहीं पकाया जा रहा और योजनाएं महज खानापूर्ति बनी हुई है।
आंगनबाड़ी केंद्रों पर अलग-अलग आयु वर्ग व कुपोषित बच्चों के बेहतर पोषण के लिए बच्चों को मेन्यू के अनुसार खाना पकाकर खिलाया जाता है। लेकिन राशन नहीं होने के कारण केंद्र पर आने वाले बच्चों को सिर्फ प्रोटीन युक्त चॉकलेट व दूध दिया जा रहा है।
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जिले में करीब 12 हजार बच्चे प्रभावित
जिले के प्रत्येक केंद्र पर औसतन 8 से 10 बच्चे आते हैं जिन्हें पौष्टिक आहार भी दिया जाता है। राशन नहीं पहुंचने के कारण जिले भर में करीब 12 हजार बच्चों को केंद्रों पर पौष्टिक आहार नहीं मिल पा रहा। पौष्टिक आहार नहीं मिल पाने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों में कुपोषण का खतरा बना हुआ है।
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मिक्सर खीर, दूध व चॉकलेट के सहारे पोषण अभियान
आंगनबाड़ी केंद्रों पर हाल ही में मिक्सर खीर व मिक्स दूध पाउडर के पैकेट और प्रोटीन युक्त चॉकलेट का सामान पहुंचा है। बच्चों को पाउडर दूध व मिक्सर खीर को पकाकर दिया जा रहा है लेकिन अधिकतर बच्चे यह खाना पसंद नहीं करते और दलिया, आलू पूरी व पुलाव की मांग करते हैं।
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केंद्रों पर पकाए जाने वाले भोजन का मेन्यू
दिन
भोजन
सोमवार
नमकीन दलिया
मंगलवार
पुलाव
बुधवार
नमकीन दलिया
वीरवार
आलू-पूरी
शुक्रवार
भरवा परांठा
शनिवार
पुलाव
--
वर्जन :
आंगनबाड़ी केंद्रों पर गेहूं और चावल विभाग की तरफ से ही नहीं भेजे हैं। इसीलिए फिलहाल केंद्रों पर मिक्सर खीर और मिक्स दूध पाउडर सहित अन्य आवश्यक खाद्य पदार्थ भेजे गए हैं। आगामी सप्ताह तक गेहूं व चावल भी सभी केंद्रों तक पहुंचाए जाएंगे।-राधा यादव, महिला एवं बाल कल्याण परियोजना अधिकारी, नारनौल
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जिले में स्थित 1201 आंगनबाड़ी केंद्रों पर अप्रैल के अंत में गेहूं व चावल आए थे। अधिकतर केंद्रों पर मई के अंत तक गेहूं व चावल खत्म हो गए जिसके बाद से केंद्रों पर खाना नहीं पकाया जा रहा और योजनाएं महज खानापूर्ति बनी हुई है।
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आंगनबाड़ी केंद्रों पर अलग-अलग आयु वर्ग व कुपोषित बच्चों के बेहतर पोषण के लिए बच्चों को मेन्यू के अनुसार खाना पकाकर खिलाया जाता है। लेकिन राशन नहीं होने के कारण केंद्र पर आने वाले बच्चों को सिर्फ प्रोटीन युक्त चॉकलेट व दूध दिया जा रहा है।
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जिले में करीब 12 हजार बच्चे प्रभावित
जिले के प्रत्येक केंद्र पर औसतन 8 से 10 बच्चे आते हैं जिन्हें पौष्टिक आहार भी दिया जाता है। राशन नहीं पहुंचने के कारण जिले भर में करीब 12 हजार बच्चों को केंद्रों पर पौष्टिक आहार नहीं मिल पा रहा। पौष्टिक आहार नहीं मिल पाने के कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के बच्चों में कुपोषण का खतरा बना हुआ है।
मिक्सर खीर, दूध व चॉकलेट के सहारे पोषण अभियान
आंगनबाड़ी केंद्रों पर हाल ही में मिक्सर खीर व मिक्स दूध पाउडर के पैकेट और प्रोटीन युक्त चॉकलेट का सामान पहुंचा है। बच्चों को पाउडर दूध व मिक्सर खीर को पकाकर दिया जा रहा है लेकिन अधिकतर बच्चे यह खाना पसंद नहीं करते और दलिया, आलू पूरी व पुलाव की मांग करते हैं।
केंद्रों पर पकाए जाने वाले भोजन का मेन्यू
दिन
भोजन
सोमवार
नमकीन दलिया
मंगलवार
पुलाव
बुधवार
नमकीन दलिया
वीरवार
आलू-पूरी
शुक्रवार
भरवा परांठा
शनिवार
पुलाव
वर्जन :
आंगनबाड़ी केंद्रों पर गेहूं और चावल विभाग की तरफ से ही नहीं भेजे हैं। इसीलिए फिलहाल केंद्रों पर मिक्सर खीर और मिक्स दूध पाउडर सहित अन्य आवश्यक खाद्य पदार्थ भेजे गए हैं। आगामी सप्ताह तक गेहूं व चावल भी सभी केंद्रों तक पहुंचाए जाएंगे।-राधा यादव, महिला एवं बाल कल्याण परियोजना अधिकारी, नारनौल